CBSE : 70 में से 11 नंबर, आंसरशीट में पहला पेज ही मेरा, लड़की ने अपनी केमिस्ट्री की कॉपी पर उठाए सवाल
CBSE answer sheet mismatch : वेदांत नाम के छात्र के बाद संजना नाम की एक छात्रा ने आरोप लगाया है कि उसे मिली स्कैन केमिस्ट्री की आंसरशीट उनकी लिखावट और उत्तरों से मेल नहीं खाती।

सीबीएसई 12वीं के ऑनलाइन स्क्रीन मार्किंग ओएसएम सिस्टम को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। 12वीं के कुछ छात्रों ने आरोप लगाया है कि री-इवेल्यूशन प्रोसेस में बोर्ड ने जो स्कैन कॉपी अपलोड की, वह उनकी हैंडराइटिंग से मेल नहीं खाती। आंसर शीट के अंदर के पेज किसी और छात्र की लिखावट जैसे लग रहे हैं। वेदांत नाम के छात्र के बाद संजना नाम की एक छात्रा ने आरोप लगाया है कि उसे मिली स्कैन केमिस्ट्री की आंसरशीट उनकी लिखावट और उत्तरों से मेल नहीं खाती। उन्होंने तुलना के लिए अपनी अंग्रेजी की उत्तर पुस्तिका का हवाला देते हुए कहा कि उसमें उनकी वास्तविक लिखावट साफ दिखाई देती है।
संजना का पोस्ट
संजना ने लिखा, 'मैंने सीबीएसई पुनर्मूल्यांकन (revaluation) के लिए आवेदन किया था। मुझे जो मेरी केमिस्ट्री की शीट की स्कैन की हुई कॉपी मिली है, वह मेरी लिखावट या मेरे लिखे जवाबों से बिल्कुल भी मेल नहीं खाती। संदर्भ के लिए मैं अपनी इंग्लिश की उत्तर पुस्तिका साथ में लगा रही हूं, जिसमें मेरी असली लिखावट साफ़-साफ़ दिखाई देती है। मैंने 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा दी थी और केमिस्ट्री के थ्योरी पेपर में 70 में से 11 अंक देखकर मैं हैरान रह गया। मुझे इससे कहीं ज़्यादा अंकों की उम्मीद थी। पहले मुझे लगा कि शायद स्कैन की हुई कॉपी धुंधली हो, लेकिन यह मेरी असली उत्तर पुस्तिका से बिल्कुल भी मेल नहीं खाती; इसका हर पन्ना किसी और की लिखावट जैसा लगता है। दोनों की लिखावट में तो कोई तुलना ही नहीं की जा सकती।'
इन दावों के बाद सोशल मीडिया पर भी छात्रों और अभिभावकों ने बोर्ड की प्रक्रिया पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। एक अन्य छात्रा ने बताया कि उसने अपनी कॉपियां सीबीएसई से मांगी थीं। स्कैन कॉपी देखने पर हमने पाया कि अंग्रेजी और इतिहास विषय में उसे अपेक्षित नंबर नहीं मिला है। यही नहीं अंग्रेजी के बहु विकल्पीय सवाल के जवाब देने पर उसे आधा अंक मिला है इसी तरह गणित में भी आधा अंक मिला है, जबकि उसे या तो एक अंक मिलना चाहिए या नहीं मिलना चाहिए।
हेल्पलाइन पर नहीं हो रहा संपर्क
छात्रा संजना ने आरोप लगाया कि उसने मामले को लेकर सीबीएसई को ईमेल किया है और हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश कर रही है, लेकिन फोन पर उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है।
वेदांत मामले में सीबीएसई ने मानी गलती
शाहदरा निवासी कक्षा 12वीं के छात्र वेदांत ने दावा किया था कि फिजिक्स में अपेक्षा से कम अंक आने के बाद उन्होंने पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के तहत उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी के लिए आवेदन किया था, लेकिन उन्हें जो स्कैन कॉपी मिली, वह उनकी नहीं है। छात्र का कहना था कि पहले पन्ने पर रोल नंबर, नाम सही है, लेकिन अंदर कॉपी में उसकी हैंडराइटिंग नहीं है। वेदांत के मामले ने एक्स और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बड़ी बहस छेड़ दी। इसके बाद सीबीएसई ने जब चेक किया तो गलती पकड़ में आई। छात्र वेदांत श्रीवास्तव को सीबीएसई की तरफ से उनकी सही उत्तर पुस्तिका भेजी गई है। इसके साथ यह भी साफ किया गया कि गलती वास्तविक थी और छात्र की शिकायत सही पाई गई।
पोस्ट डालने पर पाकिस्तानी कहकर ट्रोल किया
छात्र वेदांत के भाई सिद्धांत ने बताया कि जब भाई ने यह जानकारी सोशल मीडिया पर डाली तो पाकिस्तानी कहकर ट्रोल किया गया। ऐसे में हमारी दिक्कत, मुद्दा सब पीछे रह गए और पाकिस्तानी मुद्दा आगे आ गया। गलत स्कैन कॉपी की जानकारी हमने सीबीएसई को दी है और उन्होंने इसकी जांच करने को कहा है।
बड़े सवाल
- विद्यार्थियों की आंसरशीट एक्सचेंज कैसे हो गई?
- सीबीएसई ने इतनी धुंधली स्कैन कॉपी कैसे चेक की, ब्लर कॉपियों की मार्किंग कैसे की
- बहुविकल्पीय सवाल में भी सही जवाब पर अंक क्यों काटे
- सही सही फीस क्यों नहीं दिखा रहा, बढ़ा चढ़ाकर फीस क्यों दिखा रहा पोर्टल
आईआईटी करेगी जांच
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि आईआईटी-मद्रास और आईआईटी-कानपुर के तकनीकी विशेषज्ञ इस वर्ष की परीक्षोत्तर पुनर्मूल्यांकन सेवाओं के शुरू होने के बाद से सामने आई सभी तकनीकी समस्याओं की जांच करेंगे और सीबीएसई को त्रुटिरहित प्रक्रिया सुनिश्चित करने में सहायता करेंगे।
लेखक के बारे में
Pankaj Vijayपंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार
शॉर्ट बायो पंकज विजय एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में livehindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। वे करियर, स्कूल व हायर एजुकेशन, जॉब्स से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। 9 वर्षों से यहां इसी भूमिका में हैं। सरकारी भर्तियों, बोर्ड व एंट्रेंस एग्जाम, प्रतियोगी परीक्षाओं, उनके परिणाम, बदलते दौर में करियर की नई राहों, कोर्स, एडमिशन एवं नए जमाने के रोजगार के लिए जरूरी स्किल्स से जुड़ी अपडेट तेजी से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं।
15 से अधिक सालों का अनुभव
पंकज विजय ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। अमर उजाला समाचार पत्र में रिसर्च, संपादकीय और करियर एजुकेशन जॉब्स डेस्क पर काम किया। यहां उन्हें फीचर लेखन व रिपोर्टिंग का भी मौका मिला। इसके बाद उन्होंने आज तक डिजिटल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आज तक वेबसाइट पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और एजुकेशन व रोजगार जगत से जुड़ी खबरें लिखीं। इसके बाद एनडीटीवी ऑनलाइन में एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर इस विषय में अपनी समझ को और व्यापक बनाया। एनडीटीवी की पारी के बाद वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और बीते 9 वर्षों से करियर एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर रहे हैं।
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भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में एमए व दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। एनसीसी सी सर्टिफिकेट होल्डर हैं जिसके चलते उन्हें रक्षा क्षेत्र जैसे पुलिस व सेनाओं की भर्तियों की बेहतर समझ है।
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विशेषज्ञता
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