CBSE Result : सीबीएसई 12वीं के बाद 10वीं में भी हो सकती डिजिटल ऑनस्क्रीन मार्किंग
CBSE 10वीं की कॉपी के ऑनलाइन मूल्यांकन की प्रक्रिया अगले सत्र से शुरू हो सकती है। इसकी अधिसूचना भी जारी की जाएगी। वहीं 12वीं कक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन डिजिटल ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम के तहत हो रही है।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन सिस्टम को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सोमवार से 12वीं बोर्ड की परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन भागलपुर के विभिन्न सीबीएसई स्कूलों में शुरू हो गया। 12वीं की परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन डिजिटल ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम के माध्यम से हो रही है। लेकिन अगली बार से 10वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का भी ऑनलाइन मूल्यांकन संभव होने की संभावना जताई जा रही है।
सीबीएसई के सिटी को-ऑर्डिनेटर सुमंत कुमार ने बताया कि सीबीएसई 10वीं व 12वीं की परीक्षा के साथ-साथ कॉपी जांच सोमवार से शुरू हो गई है। पहले चरण में गणित का मूल्यांकन शुरू हुआ है। बीते वर्ष की तरह 10वीं कक्षा की कॉपी का मूल्यांकन मैनुअल विधि से हो रही है।
- पन्नों को स्कैन कर इसके इमेज को भेजे जाएंगे मूल्यांकन केंद्रों पर
- माउस की सहायता से स्क्रीन पर नंबर दर्ज करेंगे
अगले सत्र से शुरू हो सकती है प्रक्रिया, अधिसूचना होगी जारी
10वीं की कॉपी के ऑनलाइन मूल्यांकन की प्रक्रिया अगले सत्र से शुरू हो सकती है। इसकी अधिसूचना भी जारी की जाएगी। वहीं 12वीं कक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन डिजिटल ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम के तहत हो रही है। इस प्रणाली में परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं के प्रत्येक पन्ने को पहले स्कैन किया जाएगा। इसके बाद इन स्कैन की गई इमेज को सुरक्षित सर्वर के माध्यम से निर्धारित मूल्यांकन केंद्रों पर भेजा जा रहा है। परीक्षक पारंपरिक तरीके से लाल या नीली कलम से अंक देने के बजाय कंप्यूटर स्क्रीन पर माउस की सहायता से अंक दर्ज करेंगे।
होली के अवकाश के बाद जांच में आएगी तेजी होली के अवकाश के बाद गुरुवार से मूल्यांकन कार्य में तेजी आएगी। 12वीं कक्षा के गणित के बाद अन्य विषयों के कॉपियों की इमेज की जांच शुरू होगी। वहीं 10वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की आपूर्ति तेज होगी।
सीबीएसई का परिणाम जल्द हो सकता है जारी
इस डिजिटल व्यवस्था से मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीकता बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही कॉपियों के परिवहन में लगने वाला समय और खर्च भी कम होगा। ऑनलाइन प्रणाली के जरिए उत्तर पुस्तिकाओं की ट्रैकिंग आसान होगी और मॉडरेशन की प्रक्रिया भी अधिक व्यवस्थित ढंग से की जा सकेगी। स्कूलों का मानना है कि इस पहल से परिणाम घोषित करने में होने वाली देरी भी कम हो सकती है। डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहने से भविष्य में पुनर्मूल्यांकन या जांच संबंधी मामलों में भी सहूलियत मिलेगी। सीबीएसई का यह कदम शिक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से उन्नत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि 12वीं के बाद 10वीं की कॉपियों का भी सफलतापूर्वक ऑनलाइन मूल्यांकन शुरू होता है तो यह देशभर में बोर्ड परीक्षाओं की प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।



