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CAT Score vs Percentile 2025: कैट 2025 रिजल्ट से पहले समझें 'नॉर्मलाइजेशन' का खेल, कैसे तय होता है आपका स्कोर?

CAT Score vs Percentile 2025: कैट 2025 रिजल्ट से पहले समझें 'नॉर्मलाइजेशन' का खेल, कैसे तय होता है आपका स्कोर?

संक्षेप:

CAT score vs percentile 2025: कैट 2025 की परीक्षा संपन्न होने के बाद अब लाखों उम्मीदवार अपने रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। आपके द्वारा प्राप्त किए गए 'रॉ स्कोर' (Raw Score) और अंत में मिलने वाले 'पर्सेंटाइल' के बीच 'नॉर्मलाइजेशन' की एक बहुत ही मुश्किल प्रक्रिया काम करती है।

Dec 21, 2025 11:29 am ISTPrachi लाइव हिन्दुस्तान
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CAT score vs percentile 2025: कॉमन एडमिशन टेस्ट (CAT) 2025 की परीक्षा संपन्न होने के बाद अब लाखों उम्मीदवार अपने रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस साल की परीक्षा उम्मीद से कहीं अधिक कठिन रही, जिसने अच्छी तैयारी करने वाले छात्रों को भी चिंता में डाल दिया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके द्वारा प्राप्त किए गए 'रॉ स्कोर' (Raw Score) और अंत में मिलने वाले 'पर्सेंटाइल' के बीच 'नॉर्मलाइजेशन' की एक बहुत ही मुश्किल प्रक्रिया काम करती है।

क्या है नॉर्मलाइजेशन और इसकी जरूरत क्यों?

CAT की परीक्षा कई स्लॉट्स में आयोजित की जाती है और हर स्लॉट का प्रश्नपत्र अलग होता है, इसलिए यह संभव है कि किसी स्लॉट का पेपर दूसरों की तुलना में थोड़ा कठिन या आसान हो। ऐसे में सभी छात्रों को एक समान धरातल पर लाने के लिए आईआईएम (IIM) 'नॉर्मलाइजेशन' की प्रक्रिया अपनाते हैं। नॉर्मलाइजेशन वही 'एडजस्टमेंट' है जो अलग-अलग शिफ्टों (स्लॉट्स) के प्रदर्शन को तुलना के योग्य बनाता है।

लोकेशन और स्केल का गणित

IIM के आधिकारिक डॉक्यूमेंट के अनुसार, नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया 'लोकेशन' और 'स्केल' के अंतर को समायोजित करती है। सरल भाषा में कहें तो 'लोकेशन' का अर्थ है उस स्लॉट की औसत कठिनाई (Mean), और 'स्केल' का अर्थ है अंकों का फैलाव (Standard Deviation), जो यह बताता है कि उस स्लॉट में स्कोर करना कितना आसान या कठिन था।

Z-स्कोर पद्धति से तय होता है 'स्केल्ड स्कोर'

IIM जिस वैज्ञानिक तरीके का उपयोग करते हैं, उसे 'z-स्कोर' पद्धति कहा जाता है। इसमें किसी उम्मीदवार के प्रदर्शन की तुलना उसके अपने स्लॉट के औसत स्कोर से की जाती है। यह देखा जाता है कि छात्र अपने स्लॉट के औसत से कितने 'कदम' (Standard Deviations) ऊपर या नीचे है। यदि दो अलग-अलग स्लॉट के छात्र अपने-अपने स्लॉट के औसत से समान 'कदम' ऊपर हैं, तो उन्हें समान 'स्केल्ड स्कोर' दिया जाता है, भले ही उनके रॉ स्कोर अलग-अलग हों।

पर्सेंटाइल का निर्धारण

एक बार जब सभी स्लॉट्स के अंकों को 'स्केल' कर दिया जाता है, तो सभी छात्रों की एक मेरिट लिस्ट बनाई जाती है। पर्सेंटाइल का सीधा सा मतलब है कि कितने प्रतिशत छात्र आपसे नीचे हैं। उदाहरण के लिए, यदि आपका पर्सेंटाइल 99 है, तो इसका अर्थ है कि आपने परीक्षा देने वाले 99% छात्रों से बेहतर प्रदर्शन किया है।

सेक्शनल और ओवरऑल स्कोर

CAT में सेक्शनल कट-ऑफ का भी बहुत महत्व है। अक्सर देखा गया है कि कुछ सेक्शन दूसरों की तुलना में अधिक स्कोरिंग होते हैं। हालांकि IIM सेक्शन के बीच भी संतुलन बनाने का दावा करते हैं, लेकिन एक्सपर्ट का मानना है कि जो छात्र अधिक स्कोरिंग सेक्शन में अच्छा करते हैं, उन्हें कुल पर्सेंटाइल में थोड़ा फायदा मिल सकता है।

CAT 2025 के परिणाम जल्द ही घोषित होने वाले हैं। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे केवल अपने मार्क्स पर ध्यान देने के बजाय स्केल्ड स्कोर और पर्सेंटाइल के इस गणित को समझें, क्योंकि यही आपके ड्रीम आईआईएम (IIM) में दाखिले का रास्ता तय करेगा।

Prachi

लेखक के बारे में

Prachi

दिल्ली की रहने वाली प्राची लाइव हिन्दुस्तान में ट्रेनी कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले 1.5 वर्षों से वे करियर और शिक्षा क्षेत्र की बारीकियों को कवर कर रही हैं। प्राची ने प्रतिष्ठित भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC) से इंग्लिश जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा और दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिस्ट्री ऑनर्स में ग्रेजुएशन किया है। लाइव हिन्दुस्तान से 2024 में जुड़ने से पहले, उन्होंने 'नन्ही खबर', 'सी.वाई. फ्यूचर लिमिटेड' और 'कुटुंब' जैसे संस्थानों में कंटेंट लेखक के रूप में अपनी लेखनी को निखारा है। इतिहास की समझ और पत्रकारिता के जुनून के साथ, प्राची को खाली समय में उपन्यास पढ़ना और विश्व सिनेमा देखना पसंद है।

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