CA Foundation Result 2026: बिना कोचिंग अयान अजानी का सीए फाउंडेशन में कमाल, हासिल की रैंक 2
ICAI ने CA फाउंडेशन रिजल्ट 2026 की घोषणा कर दी गई है जिसमें महाराष्ट्र के स्टूडेंट्स ने टॉप तीन रैंक हासिल की हैं, जिसमें नासिक की साक्षी जैन पहले और चंद्रपुर के इंडिपेंडेंट स्टूडेंट अयान अजानी दूसरे स्थान पर हैं।

चार्टर्ड अकाउंटेंट यानी सीए बनने का ख्वाब देखने वाले देश भर के लाखों युवाओं के लिए आज का दिन अहम रहा। इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) ने सीए फाउंडेशन परीक्षा मई 2026 के नतीजे घोषित कर दिए हैं। इस बार के परिणामों ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है, क्योंकि देश के सबसे कठिन और प्रतिष्ठित इम्तिहानों में से एक इस परीक्षा के शीर्ष तीनों स्थानों पर महाराष्ट्र के होनहारों ने पूरी तरह से अपना कब्जा जमा लिया है। इस शानदार कामयाबी के बीच सबसे अनोखी और प्रेरणादायक कहानी महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले से सामने आई है, जहां के रहने वाले अयान अब्बास अली अजानी ने बिना किसी भारी-भरकम कोचिंग क्लास का सहारा लिए, सिर्फ घर पर रहकर की गई खुद की पढ़ाई यानी सेल्फ-स्टडी के दम पर पूरे देश में दूसरा स्थान हासिल किया है। अयान की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि अगर लगन सच्ची हो और खुद पर भरोसा हो, तो बड़े से बड़ा मुकाम बिना किसी बाहरी मदद के भी हासिल किया जा सकता है।
महाराष्ट्र के नाम रहा टॉपर्स का मंच
इस साल घोषित हुए सीए फाउंडेशन के नतीजों में महाराष्ट्र का दबदबा साफ तौर पर देखने को मिला है। मेरिट लिस्ट में पहला, दूसरा और तीसरा स्थान राज्य के ही प्रतिभावान छात्रों को मिला है। नासिक की रहने वाली साक्षी जैन ने इस कठिन परीक्षा में देश भर में पहला स्थान हासिल कर टॉप किया है। साक्षी ने 400 में से 371 अंक हासिल किए, जो कि कुल 92.75 फीसदी बनता है। वहीं, चंद्रपुर के अयान अब्बास अली अजानी 367 अंकों (91.75 प्रतिशत) के साथ दूसरे पायदान पर रहे। इस गौरवशाली सूची में तीसरा नाम पुणे की राधा उन्मेष मुले का है, जिन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया थर्ड रैंक अपने नाम की। एक ही राज्य से तीनों नेशनल टॉपर्स का आना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है, जिसने पूरे महाराष्ट्र को गौरवान्वित किया है।
बिना कोचिंग के अयान ने कैसे किया कमाल?
आज के इस दौर में जब किसी भी प्रतियोगी परीक्षा को पास करने के लिए छात्र लाखों रुपये खर्च करके नामी कोचिंग संस्थानों का रुख करते हैं, अयान ने एक बिल्कुल अलग और मिसाल कायम करने वाला रास्ता चुना। उन्होंने अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का पूरा श्रेय अपनी अनुशासित सेल्फ-स्टडी और अपने माता-पिता के बिना शर्त समर्थन को दिया है। अयान का मानना है कि परीक्षा में अच्छा स्कोर करने के लिए किसी बड़े कोचिंग इंस्टिट्यूट की जरूरत नहीं होती, बल्कि खुद के बनाए नियम, एकाग्रता और नियमित रूप से की गई पढ़ाई सबसे ज्यादा मायने रखती है। उन्होंने किसी भी तरह की कोचिंग क्लास में कदम रखे बिना, घर के शांत माहौल में रहकर हर दिन घंटों ध्यान लगाकर तैयारी की। जब भी उन्हें किसी टॉपिक में दिक्कत आती, तो वे खुद ही किताबों और इंटरनेट की मदद से उसे गहराई से समझते थे। उनकी इसी मेहनत और जिद ने उन्हें आज इस मुकाम पर पहुंचाया है।
बचपन से ही रहे हैं पढ़ाई में अव्वल
अयान के लिए इतनी बड़ी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में दूसरा स्थान पाना कोई अचानक हुआ इत्तेफाक नहीं है, बल्कि यह उनकी सालों की लगातार मेहनत और काबिलियत का नतीजा है। वे अपने स्कूल के दिनों से ही पढ़ाई-लिखाई में हमेशा सबसे आगे रहे हैं। उनके पुराने शैक्षणिक रिकॉर्ड को देखें तो साफ पता चलता है कि वे एक बेहद मेधावी छात्र हैं। अयान ने अपनी 10वीं की बोर्ड परीक्षा में शानदार 98.6 फीसदी अंक हासिल किए थे। इसके बाद जब वे 12वीं में पहुंचे, तो उन्होंने अपनी इस परफॉर्मेंस को और बेहतर करते हुए 99.8 प्रतिशत अंक लाकर सबको हैरान कर दिया था। अब सीए फाउंडेशन जैसे कड़े इम्तिहान में 91.75 फीसदी नंबर लाकर उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा एक बार फिर देश के सामने मनवाया है।
जैसे ही शुक्रवार को नतीजों का ऐलान हुआ और यह खबर फैली कि चंद्रपुर के बेटे ने देश में दूसरा स्थान हासिल किया है, पूरे जिले में खुशी की लहर दौड़ गई। अयान के घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। उनके परिवार के लोग, रिश्तेदार, स्कूल के शिक्षक और पड़ोसी सभी उनकी इस कामयाबी पर फूले नहीं समा रहे हैं और मिठाई बांटकर खुशियां मना रहे हैं। अयान इस शानदार कामयाबी से बेहद खुश हैं, लेकिन वे यहीं रुकने वाले नहीं हैं। फाउंडेशन परीक्षा पास करने के तुरंत बाद उन्होंने बिना समय गंवाए अपनी अगली चुनौती यानी सीए इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए अपनी कमर कस ली है। अयान का अंतिम सपना एक बेहतरीन चार्टर्ड अकाउंटेंट बनकर ईमानदारी से देश की सेवा करना और भारत की आर्थिक प्रगति में अपना योगदान देना है।
क्या रहे सीए फाउंडेशन परीक्षा 2026 के आंकड़े
अगर हम इस साल की परीक्षा के कुल आंकड़ों पर नजर डालें, तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह मुकाबला कितना कड़ा था। इस बार सीए फाउंडेशन परीक्षा में देश भर से कुल 90,217 उम्मीदवार शामिल हुए थे। इसमें से केवल 18,124 छात्र-छात्राएं ही परीक्षा को सफलतापूर्वक पास कर सके। इस तरह इस साल का कुल पास प्रतिशत 20.09 फीसदी रहा है।
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Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
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हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
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हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
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काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
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