CA फाउंडेशन 2026 की टॉपर साक्षी जैन का क्या है सक्सेस फॉर्मूला? ऐसे की थी तैयारी
10वीं के बाद साक्षी CA की तैयारी के लिए नासिक चली गईं और यहां वो एक हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थीं। 11वीं कक्षा से ही उन्होंने नियमित रूप से मॉक टेस्ट देना और रिवीजन करना शुरू कर दिया था, ताकि अपनी कमजोरियों को पहचान सकें और मजबूत विषयों को और बेहतर बना सकें।

हाल ही में सीए फाउंडेशन 2026 का रिजल्ट जारी हुआ, जिसमें महाराष्ट्र की साक्षी जैन को ऑल इंडिया रैंक (AIR) 1 प्राप्त हुआ। 18 साल की साक्षी जैन ने इसके लिए काफी मेहनत की थी। जब रिजल्ट आया, तो उन्हें यकीन नहीं हुआ कि उनको ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल हुआ है। लेकिन कहते हैं न हर सफलता के पीछे कई कहनियां छुपी होती हैं। ऐसे में बहुत से लोगों के मन में सवाल होगा कि साक्षी जैन कैसे टॉप किया या फिर उन्होंने तैयारी कैसे की। चलिए जानते हैं कि क्या है साक्षी जैन का सक्सेस फॉर्मूला?
लॉ के पेपर से घबरा गई थी साक्षी
साक्षी जैन महाराष्ट्र के जलगांव जिले के पाचोरा की रहने वाली हैं। उन्होंने बताया कि रिजल्ट देखकर उन्हें यकीन ही नहीं हुआ, क्योंकि उन्हें लगा था कि लॉ (Law) का पेपर खराब होने की वजह से वे शायद पास भी नहीं हो पाएंगी। इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक लॉ का पेपर देखकर साक्षी बहुत घबरा गई थी और यह घबराहट करीब 15-20 मिनट तक रही। क्योंकि उनके मुताबिक पेपर काफी कठिन और लंबा था। इसके बावजूद उन्होंने 400 में से 371 अंक हासिल कर देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया।
कक्षा 9 में ही तय कर लिया था लक्ष्य
साक्षी ने बताया कि कक्षा 9 से ही उनकी रुचि फाइनेंस में थी और उन्होंने तभी तय कर लिया था कि वे कॉमर्स पढ़ेंगी। बाद में उन्हें चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA) के बारे में पता चला और उन्होंने इसी क्षेत्र में करियर बनाने का फैसला कर लिया। उन्होंने कहा, "मुझे साइंस, भूगोल या दूसरे विषयों में कोई खास रुचि नहीं थी। मुझे पता था कि मुझे क्या करना है।"
कैसे की तैयारी
10वीं के बाद साक्षी CA की तैयारी के लिए नासिक चली गईं और यहां वो एक हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थीं। 11वीं कक्षा से ही उन्होंने नियमित रूप से मॉक टेस्ट देना और रिवीजन करना शुरू कर दिया था, ताकि अपनी कमजोरियों को पहचान सकें और मजबूत विषयों को और बेहतर बना सकें। हालांकि उन्हें लगभग सभी विषय पसंद थे, लेकिन लॉ उनका सबसे चुनौतीपूर्ण विषय था।
सफलता का श्रेय
साक्षी ने अपनी सफलता का बड़ा श्रेय अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने बताया कि 12वीं महाराष्ट्र बोर्ड परीक्षा के दौरान उन्होंने करीब तीन महीने तक CA Foundation की तैयारी रोक दी थी। इसके बावजूद उन्होंने BYK कॉलेज ऑफ कॉमर्स में 96 प्रतिशत अंक हासिल कर टॉप किया।
रिवीजन और प्रैक्टिस पर किया फोकस
बोर्ड परीक्षा खत्म होने के बाद फरवरी से उन्होंने फिर CA Foundation की तैयारी शुरू की और अगले तीन महीने सिर्फ रिवीजन और प्रैक्टिस पर ध्यान दिया। साक्षी ने बताया कि उनके परिवार ने हर कदम पर उनका साथ दिया। उन्होंने कहा, “मेरे माता-पिता हमेशा भावनात्मक रूप से मेरे साथ खड़े रहे।”
सफलता की सबसे बड़ी कुंजी
CA क्षेत्र में महिलाओं की कम भागीदारी पर उन्होंने कहा, "अगर महिलाओं को समान अवसर और सहयोग मिले, तो वे इससे भी बड़ी सफलताएं हासिल कर सकती हैं।" उनका मानना है कि चार्टर्ड अकाउंटेंसी उन्हें अपने सभी सपनों को पूरा करने का मजबूत मंच देगी। भविष्य के अभ्यर्थियों को टिप्स देते हुए साक्षी ने कहा कि आत्मविश्वास, समय से तैयारी और रेगुलर रिवीजन ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। पढ़ाई के अलावा साक्षी को क्रिकेट देखना और दोस्तों से बातचीत करना पसंद है। फिलहाल उन्होंने CA इंटरमीडिएट परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी है और मई 2027 में होने वाले प्रयास (अटेम्प्ट) में सफलता हासिल करने का लक्ष्य रखा है।
पिता की हुई थी ओपन हार्ट सर्जरी
परीक्षा से करीब एक महीने पहले साक्षी के पिता की ओपन हार्ट सर्जरी हुई, जिससे परिवार के लिए भावनात्मक रूप से कठिन समय था। इस चुनौतीपूर्ण दौर में भी साक्षी ने खुद को संभाला और अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान बनाए रखा। उनकी मेहनत रंग लाई और शानदार सफलता हासिल कर उन्होंने अपने पिता को गर्व करने का यादगार मौका दिया। मार्च 2026 में साक्षी अपने पिता के साथ चेन्नई के ईसी हॉस्पिटल में कंसल्टेशन के लिए गई थीं। इसके बाद अप्रैल में उनके पिता की सर्जरी हुई, जबकि मई में CA Foundation की परीक्षा थी। पारिवारिक परिस्थितियां कठिन होने के बावजूद साक्षी ने अपनी तैयारी पर इसका कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ने दिया।
लेखक के बारे में
Dheeraj Palसंक्षिप्त विवरण:
धीरज पाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए इन्हें 4 साल हो गए हैं। धीरज एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने राजनीति समाचार, एजुकेशन बीट के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। हिंदुस्तान लाइव में यूपी बोर्ड से लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव कवर करने साथ-साथ खेल जैसे बीट पर काम किया। अब इनका एकमात्र उद्देश्य करियर और एजुकेशन से जुड़ी रुचिगत, सरल, प्रमाणिक और पाठक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करना है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।
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