CA की तैयारी में क्या-क्या चुनौतियां आती हैं? AIR 3 हासिल करने वाले सोहन मांजरेकर से जानिए
सोहन ने इस परीक्षा में 78.83 फीसदी अंक प्राप्त कर देश के शीर्ष छात्रों में अपनी जगह पक्की की है। इससे पहले सोहन ने CA इंटरमीडिएट परीक्षा में भी कमाल का प्रदर्शन किया था।

चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने के लिए छात्रों को काफी मेहनत करनी पड़ती है। अक्सर इसकी तैयारी करने वाले छात्रों के मन में सवाल रहता है कि सीए बनने के लिए कितने घंटे की पढ़ाई करनी पड़ती है या फिर इसकी तैयारी के दौरान क्या-क्या चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इन सवालों का जवाब जानेंगे चार्टर्ड अकाउंटेंट फाइनल परीक्षा के टॉपर सोहन अनिल मांजरेकर से, जिनको हाल ही में आई चार्टर्ड अकाउंटेंट फाइनल परीक्षा के परिणाम में रैंक AIR 3 प्राप्त हुआ है। सोहन ने इस परीक्षा में 78.83 फीसदी अंक प्राप्त कर देश के शीर्ष छात्रों में अपनी जगह पक्की की है। इससे पहले सोहन ने CA इंटरमीडिएट परीक्षा में भी कमाल का प्रदर्शन किया था। इस परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया छठी AIR-6 रैंक हासिल की थी। हालांकि सोहन का सफर इतना आसान नहीं था।
2021 में मां को खो दिया
2021 में मां को खोने के एक साल बाद सोहन मांजरेकर ने देश की सबसे कठिन पेशेवर परीक्षाओं में से एक चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA) की तैयारी शुरू की। पढ़ाई में हमेशा अच्छे रहे सोहन ने 10वीं में 91.8% और 12वीं में 89.33% अंक हासिल किए थे। उन्होंने CA इसलिए चुना क्योंकि यह उनके पिता का अधूरा सपना था। आर्थिक तंगी के कारण उनके पिता CA नहीं बन सके थे।
कहां से की पढ़ाई-लिखाई
मुंबई से सटे ठाणे जिले के डोंबिवली के रहने वाले 23 वर्षीय सोहन अपने परिवार के पहले चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। मुलुंड कॉलेज ऑफ कॉमर्स से कॉमर्स में ग्रेजुएशन करने वाले और डेलॉइट में इंटर्नशिप कर चुके सोहन अपनी सफलता का श्रेय डिसिप्लीन पढ़ाई, नियमित रिवीजन और खुद पर अटूट विश्वास को देते हैं। रिजल्ट आने के बाद उनके पिता अनिल मांजरेकर, जो एक पार्टनरशिप फर्म में अकाउंट्स मैनेजर हैं, बेहद खुश थे।
सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं
अपनी सफलता के बारे में बात करते हुए सोहन ने कहा कि सफलता पाने का कोई शाॉर्टकट रास्ता नहीं होता। परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने प्रतिदिन 8 से 10 घंटे तक नियमित पढ़ाई की और पूरे समय अपने लक्ष्य पर फोकस बनाए रखा। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन और परिवार के लगातार मिले सहयोग को दिया।
रोज कितने घंटे पढ़ाई करते थे?
सोहन के मुताबिक, उन्होंने लगातार छह महीने तक रोजाना 8 से 10 घंटे पढ़ाई की। उन्होंने बताया कि CA का सिलेबस काफी बड़ा होता है, इसलिए सबसे पहले उन्होंने महत्वपूर्ण टॉपिक्स पर फोकस किया और उनसे जुड़े सवालों की खूब प्रैक्टिस की। बाकी टॉपिक्स को भी एक-दो बार जरूर पढ़ा, ताकि परीक्षा में अगर उनसे सवाल आएं तो उन्हें हल करने में परेशानी न हो।
तैयारी के दौरान सबसे बड़ी चुनौती क्या थी?
सोहन कहते हैं कि CA का सिलेबस ही सबसे बड़ी चुनौती है। इसकी तैयारी के दौरान सोशल लाइफ से काफी समझौता करना पड़ता है। ऐसे में पढ़ाई को प्राथमिकता देते हुए जीवन में संतुलन बनाए रखना भी जरूरी होता है। उन्होंने बताया कि परीक्षा से तीन महीने पहले उन्होंने सोशल मीडिया पूरी तरह छोड़ दिया था। उससे पहले भी वह सोशल मीडिया का बहुत सीमित इस्तेमाल करते थे।
लेखक के बारे में
Dheeraj Palसंक्षिप्त विवरण:
धीरज पाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए इन्हें 4 साल हो गए हैं। धीरज एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने राजनीति समाचार, एजुकेशन बीट के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। हिंदुस्तान लाइव में यूपी बोर्ड से लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव कवर करने साथ-साथ खेल जैसे बीट पर काम किया। अब इनका एकमात्र उद्देश्य करियर और एजुकेशन से जुड़ी रुचिगत, सरल, प्रमाणिक और पाठक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करना है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।
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