CUET PG में दो सगी बहनों ने गाड़े झंडे, एक को तीसरी तो दूसरी को मिली 5वीं रैंक
बक्सर की दो सगी बहनों साक्षी और सलोनी मिश्रा ने CUET PG परीक्षा में देशभर में तीसरा और पांचवा स्थान पाकर बिहार का मान बढ़ाया है।

कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों और इरादे नेक, तो कामयाबी कदम चूमती ही है। इस बात को सच कर दिखाया है बिहार के बक्सर जिले की दो सगी बहनों ने। बक्सर की इन दो बेटियों ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित सीयूईटी-पीजी (CUET-PG) की परीक्षा में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए पूरे देश में जिले और प्रदेश का नाम रोशन कर दिया है। देर रात जब परीक्षा के परिणाम घोषित हुए, तो जिले के मित्र कॉलोनी इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई।
देशभर में लहराया कामयाबी का परचम
इस प्रतिष्ठित परीक्षा में साक्षी मिश्रा ने पूरे भारत में तीसरा स्थान (All India Rank 3) हासिल किया है, वहीं उनकी छोटी बहन सलोनी मिश्रा भी पीछे नहीं रहीं और उन्होंने देशभर में पांचवा स्थान (All India Rank 5) प्राप्त किया है। एक ही घर की दो बेटियों की इस दोहरी सफलता ने न केवल उनके परिवार को गौरवान्वित किया है, बल्कि पूरे बिहार के लिए यह एक मिसाल बन गई है।
दोनों बहनें वर्तमान में देश के प्रतिष्ठित दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में अपनी पढ़ाई कर रही हैं। साक्षी मिश्रा दिल्ली के मशहूर दौलत राम कॉलेज की छात्रा हैं, जबकि सलोनी मिश्रा रामजस कॉलेज में पढ़ाई कर रही हैं। इन दोनों कॉलेजों की गिनती देश के बेहतरीन शिक्षण संस्थानों में होती है, और अब इन बेटियों ने अपनी रैंकिंग से यह साबित कर दिया है कि वे आने वाले समय में और भी ऊंचे मुकाम हासिल करेंगी।
राजनीतिक और सामाजिक हलकों में खुशी
साक्षी और सलोनी के पिता बजरंगी मिश्रा हैं, जो जनसुराज पार्टी के बक्सर जिलाध्यक्ष के रूप में सक्रिय हैं। अपनी बेटियों की इस कामयाबी पर गदगद बजरंगी मिश्रा ने बताया कि दोनों शुरू से ही पढ़ाई में काफी तेज रही हैं। उन्होंने कहा कि उनकी बेटियों ने कभी भी मेहनत से जी नहीं चुराया और आज उसी का फल है कि वे नेशनल लेवल पर टॉपर्स की लिस्ट में शामिल हैं।
सलोनी का रहा है टॉपर्स से पुराना नाता
दिलचस्प बात यह है कि पांचवीं रैंक हासिल करने वाली सलोनी मिश्रा के लिए टॉपर बनना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले उन्होंने उत्तर प्रदेश से 12वीं की परीक्षा दी थी, जिसमें उन्होंने पूरे प्रदेश में टॉप किया था। सलोनी की इस प्रतिभा के कायल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी रहे हैं। पिछले दिनों एक भव्य समारोह के दौरान सीएम योगी ने सलोनी को सम्मानित भी किया था। अब पीजी एंट्रेंस में उनकी इस सफलता ने उनके शैक्षणिक करियर में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ दिया है।
बक्सर में जश्न का माहौल
जैसे ही यह खबर शहर में फैली, मित्र कॉलोनी स्थित उनके आवास पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बक्सर की मिट्टी में हमेशा से प्रतिभा रही है, लेकिन इन दो बहनों ने एक साथ नेशनल रैंक लाकर यह दिखा दिया कि लड़कियां अगर ठान लें, तो आकाश की बुलंदियों को छू सकती हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग दोनों बहनों की तस्वीर साझा कर उन्हें 'बिहार की शान' बता रहे हैं।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
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हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
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हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
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हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
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काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
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