BTEUP , AKTU : यूपी पॉलीटेक्निक के 47000 छात्र मिले अंकों से असंतुष्ट, AKTU रिजल्ट पर भी आई अपडेट
यूपी पॉलीटेक्निक विषम सेमेस्टर परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद छात्र-छात्राओं को अब पुनर्मूल्यांकन परिणाम का इंतजार है। बड़ी संख्या में छात्रों ने पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया है।

यूपी पॉलीटेक्निक विषम सेमेस्टर परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद छात्र-छात्राओं को अब पुनर्मूल्यांकन परिणाम का इंतजार है। बड़ी संख्या में छात्रों ने पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया है। विषम सेमेस्टर परीक्षा का परिणाम बीती 14 जनवरी को आया था और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन 19 जनवरी से शुरू हो गए थे। विषम सेमेस्टर परीक्षा में मिले अंकों से 47607 पॉलीटेक्निक छात्र-छात्राएं अंसतुष्ट हैं। जिन्होंने पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया है। प्रत्येक विषय के लिए छात्रों ने 500 रुपए पुनर्मूल्यांकन आवेदन के लिए शुल्क भरा है। पुनर्मूल्यांकन आवेदन 29 जनवरी तक हुए थे और परीक्षा शुल्क 31 जनवरी तक जमा किया गया था।
पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने 47607 छात्रों ने औसतन एक से अधिक विषयों के लिए आवेदन किया है। इन छात्रों ने कुल 73118 विषयों के लिए आवेदन किया है। जिन्हें उम्मीद है कि पुनर्मूल्यांकन के आवेदन से उनको मिले अंकों में सुधार हो सकता है। पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने वाले छात्रों की कॉपी की चेकिंग शुरू हो गई है।
दस प्रतिशत से अधिक अंतर पर बदलेंगे अंक
बोर्ड सचिव ने बताया कि पुनर्मूल्यांकन के परिणाम के अंकों में बदलाव तभी दिखेगा जब बदलाव दस प्रतिशत से अधिक या कम हो। सचिव ने बताया कि अंकों में वृद्धि या कमी दस प्रतिशत से कम होने पर परिवर्तन नहीं किया जाता है।
छात्रों की कॉपी दूसरे परीक्षक जांचेंगे
प्राविधिक शिक्षा परिषद के सचिव डा. संतोष कुमार शुक्ला ने बताया कि पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने वाले छात्रों की कॉपी दूसरे परीक्षक जांचेंगे। विषम सेमेस्टर परीक्षा में जिन परीक्षकों ने आवेदन करने वाले परीक्षार्थियों की कॉपी जांची थी वे शिक्षक पुनर्मूल्यांकन में कॉपी की जांच नहीं करेंगे। सचिव ने कहा कि पुनर्मूल्यांकन में पूर्व में मिले अंकों पूरी तरह हटा दिया जाता है। इसलिए पूर्व में प्राप्त अंकों में वृद्धि या अंक कम भी हो सकते हैं।
एकेटीयू सेमेस्टर रिजल्ट महीने भर में
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) ने अपने एग्जाम सिस्टम में एक बड़ा सुधार करते हुए पैरेलल इवैल्यूएशन (परीक्षा के साथ साथ मूल्यांकन) पद्धति को अपनाया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक इस नई व्यवस्था के तहत परीक्षाओं के आयोजन के साथ-साथ कॉपियों की जांच भी शुरू कर दी जाएगी, जिससे परिणामों की घोषणा में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। विश्वविद्यालय का लक्ष्य अब छात्रों को उनकी अंतिम परीक्षा के तीन सप्ताह के भीतर मार्कशीट देना है। यह कदम पिछले सत्रों में हुई अत्यधिक देरी और छात्रों को होने वाली परेशानियों को देखते हुए उठाया गया है। उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटल मूल्यांकन पहले ही शुरू हो चुका है, जिससे आने वाले समय में पारदर्शिता और तेज रफ्तार सुनिश्चित होगी। इस रणनीतिक बदलाव से शैक्षणिक सत्र 2025-26 से सभी छात्रों को समय पर परिणाम मिलने की उम्मीद है।



