BTech : बिहार के एक भी इंजीनियरिंग कॉलेज को एनबीए मान्यता नहीं, बीटेक छात्रों को होगा बड़ा नुकसान
बिहार के एक भी इंजीनियरिंग कॉलेज को एनबीए की मान्यता नहीं है। एनबीए मान्यता प्राप्त कॉलेज ही विदेश में मास्टर्स की पढ़ाई करने जा सकते हैं। इन्हें विदेश में नौकरी के मौके भी नहीं मिलेंगे।

बिहार के एक भी इंजीनियरिंग कॉलेज को एनबीए (नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रीडेशन) की मान्यता नहीं है। एआईसीटीई ने देशभर के एनबीए मान्यता प्राप्त इंजीनियरिंग कॉलेजों की सूची जारी की है। एआईसीटीई की इस सूची में बिहार के कॉलेज नहीं हैं। हालांकि, पड़ोसी राज्य झारखंड और उत्तरप्रदेश में कई कॉलेज एनबीए की मान्यता सूची में हैं। एनबीए से मान्यता प्राप्त नहीं होने से बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों के छात्र विदेश के किसी संस्थान में दाखिला नहीं ले सकेंगे। बिहार में 38 इंजीनियरिंग कॉलेज चल रहे हैं। एमआईटी के पूर्व प्राध्यापक और भागलपुर व गया इंजीनियरिंग कॉलेज के पूर्व प्राचार्य प्रो. निर्मल कुमार ने बताया कि जो एनबीए प्राप्त कॉलेज ही विदेश में मास्टर्स की पढ़ाई करने जा सकते हैं। इन्हें विदेश में नौकरी के मौके भी नहीं मिलेंगे। एनबीए से दुनियाभर के लगभग 20 देश जुड़े हुए हैं।
मान्यता के लिए इनका होना आवश्यक
- एनबीए की मान्यता के लिए इंजीनियरिंग कॉलेजों के सभी विभागों में छात्रों के अनुपात में शिक्षक होने चाहिए। कॉलेज में अपडेट और आधुनिक लैब होनी चाहिए।
- पढ़ाई का सारा रिकॉर्ड तैयार होना चाहिए। कॉलेज में होने वाली गतिविधियों का भी रिकॉर्ड होना चाहिए। प्लेसमेंट बेहतर होना चाहिए। कॉलेज में आधारभूत संचरना बेहतर होनी चाहिए। लाइब्रेरी में सभी किताबें और डिजिटल लाइब्रेरी की व्यवस्था होनी चाहिए।
- कॉलेज में शिक्षक और छात्र द्वारा लगातार प्रोजेक्ट पर काम होना चाहिए। इससे क्षमता में काफी बढ़ोतरी होती है।
शिक्षकों की कमी से परेशानी
बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों में शिक्षकों की कमी से एनबीए की मान्यता फंस रही है। एमआईटी सहित सभी इंजीनियिरंग कॉलेजों में पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं। प्रोफेसर रैंक के शिक्षकों की कमी है। एनबीए मान्यता के लिए कॉलेजों में प्रोफेसर रैंक के शिक्षक होने चाहिए। एमआईटी में कई विषय में प्रोफेसर रैंक के शिक्षक नहीं हैं। लैब में आधुनिक उपकरण तक उपलब्ध नहीं हैं।
गुणवत्ता शिक्षा के लिए एनबीए की मान्यता अनिवार्य
कॉलेजों में गुणवत्ता शिक्षा के लिए एनबीए की मान्यता अनिवार्य है। सभी कॉलेजों के पास एनबीए की मान्यता होनी चाहिए। एआईसीटीई लगातार सभी कॉलेजों को एनबीए की मान्यता के लिए निर्देश देता रहा है। उसका कहना है कि सभी को जल्द से जल्द मान्यता ले लेनी चाहिए। एमआईटी तीन विषयों इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और लेदर टेक्नोलॉजी में एनबीए की मान्यता लेने का प्रयास कर रहा है। पहले एमआईटी के पास सिविल में एनबीए की मान्यता थी, जो खत्म हो गई है।
लेखक के बारे में
Pankaj Vijayपंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार
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15 से अधिक सालों का अनुभव
पंकज विजय ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। अमर उजाला समाचार पत्र में रिसर्च, संपादकीय और करियर एजुकेशन जॉब्स डेस्क पर काम किया। यहां उन्हें फीचर लेखन व रिपोर्टिंग का भी मौका मिला। इसके बाद उन्होंने आज तक डिजिटल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आज तक वेबसाइट पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और एजुकेशन व रोजगार जगत से जुड़ी खबरें लिखीं। इसके बाद एनडीटीवी ऑनलाइन में एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर इस विषय में अपनी समझ को और व्यापक बनाया। एनडीटीवी की पारी के बाद वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और बीते 9 वर्षों से करियर एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर रहे हैं।
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विजन
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विशेषज्ञता
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स्कूलिंग के बाद करियर की राहें
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