JOSAA में जिस BTech ब्रांच की डिमांड बढ़ी, उसी पर फूटा 33 साल के इंजीनियरिंग का गुस्सा, कहा- पछता रहा हूं
सालों तक सिविल इंजीनियरिंग की फील्ड में काम करने के बाद 33 साल के एक इंजीनियर ने इस क्षेत्र को लेकर कहा कि इसमें वर्क लाइफ बैलेंस नहीं है। उन्होंने कहा कि वह सिविल इंजीनियरिंग कर पछता रहे हैं।

वर्षों तक सिविल इंजीनियरिंग की फील्ड में काम करने के बाद 33 साल के एक इंजीनियर ने इस क्षेत्र को लेकर कहा कि इसमें वर्क लाइफ बैलेंस नहीं है। उन्होंने कहा कि वह सिविल इंजीनियरिंग कर पछता रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर उनकी यह पोस्ट तेजी से वायरल हुई और लोगों ने इस पर अपनी जमकर प्रतिक्रिया भी दी। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि सिविल इंजीनियरिंग में सालों बिताने के बाद अब वह थक चुके हैं और हार मान रहे हैं। रेडिट पर अपनी पोस्ट में उन्होंने बर्नआउट (काम के तनाव से थकान), खराब वर्क कल्चर और करियर में अटके हुए महसूस करने के बारे में बात की।
सिविल इंजीनियरिंग चुनने पर पछतावा
"मुझे सिविल इंजीनियरिंग चुनने पर पछतावा है" के शीर्षक वाली पोस्ट पर उन्होंने लिखा कि काश उन्होंने कोई दूसरी ब्रांच चुनी होती या करियर की शुरुआत में ही इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) में चले गए होते। उन्होंने लिखा, "काश मैंने सिविल इंजीनियरिंग न चुनी होती, या कम से कम तुरंत IT में चला गया होता। मैंने सरकारी नौकरी के एग्जाम की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो पाया।"
सिविल इंजीनियरिंग फील्ड में वर्क लाइफ बैलेंस नहीं
इंजीनियर ने बताया कि बिल्डिंग इन्फॉर्मेशन मॉडलिंग (जिसे BIM भी कहते हैं) में जाने से पहले उन्होंने एक साल तक कंस्ट्रक्शन साइट पर काम किया था। उन्हें उम्मीद थी कि इससे काम और निजी जिंदगी के बीच बेहतर संतुलन (वर्क लाइफ बैलेंस) मिलेगा। हालांकि उनका कहना है कि इस बदलाव से कोई खास फर्क नहीं पड़ा। उन्होंने लिखा, "मैं इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स पर काम करता हूं। लेकिन विदेशों में मौजूद भारतीय मैनेजरों की वजह से, जिनकी अपनी कोई निजी जिंदगी नहीं होती और वे हर समय काम करते रहते हैं - वे दूसरों से भी यही उम्मीद करते हैं। इन सबके बावजूद मैं उतनी कमाई नहीं कर पाता।"
अब करियर स्विच करने में देर हो गई
33 साल के इस इंजीनियर ने कहा कि उन्हें लगता है कि अब करियर बदलने में बहुत देर हो चुकी है।
आईआईटी दाखिले में बढ़ी सिविल इंजीनियरिंग की डिमांड
सिविल इंजीनियर का यह पोस्ट ऐसे समय में आया है जब आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपल आईटी जैसे दिग्गज इंजीनियरिंग संस्थानों में बीटेक के दाखिले के लिए चल रही जोसा काउंसलिंग 2026 ( josaa counselling 2026 ) में सिविल इंजीनियरिंग की डिमांड काफी बढ़ी है। एआई और इंफ्रास्ट्रक्चर बूम के चलते बीटेक इन सिविल इंजीनिरिंग की मांग बढ़ी है। इस बार आईआईटी समेत विभिन्न इंजीनियरिंग संस्थानों में सिविल इंजीनियरिंग की कटऑफ रैंक काफी हाई रही है। इस ब्रांच की ओपनिंग रैंक काफी ऊपर चढ़ गई। अब विद्यार्थी ऐसे करियर अपना रहे हैं जो एआई से सेफ हों।
इंटरनेट से मिला सपोर्ट और करियर से जुड़ी सलाह
इस पोस्ट पर लोगों ने सहानुभूति, हौसला बढ़ाने वाली बातें और करियर से जुड़े प्रैक्टिकल सुझाव दिए। एक रेडिट यूज़र ने लिखा, "मैं भी उलझन में हूं कि अपने करियर में आगे क्या करूं। खैर, उम्मीद है कि आप बेहतर महसूस करेंगे और आपको अच्छी नौकरी मिलेगी। आप अपनी स्किल्स का इस्तेमाल करके कोई साइड बिजनेस शुरू करने के बारे में भी सोच सकते हैं।"
एक और यूजर ने कमेंट किया, "AI की इस दुनिया में, सिविल इंजीनियरिंग फिर से किंग बन रही है।" तीसरे यूजर ने बताया, "मेरे पिता ने सिविल इंजीनियरिंग में 40 साल बिताए हैं। अगर आप कंस्ट्रक्शन साइट पर काम नहीं करना चाहते, तो अपने करियर को एकेडेमिया (टीचिंग/रिसर्च) या कोचिंग की तरफ ले जाने की कोशिश करें। अगर आपकी दिलचस्पी हो, तो मास्टर्स डिग्री भी कर सकते हैं।"
AI में सिविल इंजीनियरिंग फलेगा फूलेगा
कुछ यूजर्स का कहना था कि सिविल इंजीनियरिंग का भविष्य अभी भी अच्छा है। एक व्यक्ति ने लिखा, "कई बड़े इंजीनियरिंग संस्थानों में, टॉप रैंक वाले स्टूडेंट्स सिविल इंजीनियरिंग चुन रहे हैं। जैसे-जैसे AI IT रोल्स को बदल रहा है, सिविल इंजीनियरिंग और भी ज्यादा अहम हो सकती है।"
एक यूजर ने सुझाव दिया- दूसरों ने कहा कि 33 साल की उम्र में भी करियर बदलना मुमकिन है। बहुत देर क्यों हो गई है? तो आप MBA या MTech कर सकते हैं और मैनेजमेंट या दूसरे रोल में जा सकते हैं।,
एक और यूजर ने इंजीनियर को भारत से बाहर भी मौके तलाशने के लिए प्रोत्साहित करते हुए लिखा, "क्या आपने दुबई या कनाडा जैसे देशों में अप्लाई करने की कोशिश की है? मैंने दुबई में सिविल इंजीनियरिंग के कई मौके देखे हैं।
लेखक के बारे में
Pankaj Vijayपंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार
शॉर्ट बायो पंकज विजय एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में livehindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। वे करियर, स्कूल व हायर एजुकेशन, जॉब्स से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। 9 वर्षों से यहां इसी भूमिका में हैं। सरकारी भर्तियों, बोर्ड व एंट्रेंस एग्जाम, प्रतियोगी परीक्षाओं, उनके परिणाम, बदलते दौर में करियर की नई राहों, कोर्स, एडमिशन एवं नए जमाने के रोजगार के लिए जरूरी स्किल्स से जुड़ी अपडेट तेजी से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं।
15 से अधिक सालों का अनुभव
पंकज विजय ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। अमर उजाला समाचार पत्र में रिसर्च, संपादकीय और करियर एजुकेशन जॉब्स डेस्क पर काम किया। यहां उन्हें फीचर लेखन व रिपोर्टिंग का भी मौका मिला। इसके बाद उन्होंने आज तक डिजिटल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आज तक वेबसाइट पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और एजुकेशन व रोजगार जगत से जुड़ी खबरें लिखीं। इसके बाद एनडीटीवी ऑनलाइन में एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर इस विषय में अपनी समझ को और व्यापक बनाया। एनडीटीवी की पारी के बाद वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और बीते 9 वर्षों से करियर एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में एमए व दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। एनसीसी सी सर्टिफिकेट होल्डर हैं जिसके चलते उन्हें रक्षा क्षेत्र जैसे पुलिस व सेनाओं की भर्तियों की बेहतर समझ है।
विजन
तमाम तरह के करियर, स्कूल एजुकेशन, हायर एजुकेशन, भर्तियों, प्रतियोगी परीक्षाओं, एंट्रेंस एग्जाम, नौकरी के लिए जरूरी स्किल्स एवं बेरोजगार युवाओं के मुद्दों को लेकर पंकज के पास गहरी समझ है। उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के कई टॉपरों के इंटरव्यू किए हैं। उनकी लिखी सक्सेस स्टोरीज युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को प्रेरित करती रही हैं। पंकज का मानना है कि विश्वसनीयता, पारदर्शिता और तथ्यपरकता ही पत्रकारिता की असली ताकत है। उनका लक्ष्य स्कूली छात्रों व बेहतर करियर एवं सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को आसान भाषा में सटीक, तेज और भरोसेमंद जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
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बोर्ड रिजल्ट लाइव कवरेज और शिक्षा एवं रोजगार जगत संबंधी ब्रेकिंग
स्कूलिंग के बाद करियर की राहें
यूपीएससी, जेईई मेन व नीट जैसी बड़ी परीक्षाओं के टॉपरों के इंटरव्यू
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