Hindi Newsकरियर न्यूज़BSUSC: In the Bihar Assistant Professor recruitment candidates received points for 5 years of experience for just 9 mont
BSUSC : बिहार असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में 9 महीने की नौकरी में मिला 5 साल के अनुभव का अंक

BSUSC : बिहार असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में 9 महीने की नौकरी में मिला 5 साल के अनुभव का अंक

संक्षेप:

बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग ने फरवरी 2019 पीएचडी में करने वाले को 10 में 9.7 अंक दिया। नियम के अनुसार अभ्यर्थी को दो से तीन अंक मिलने चाहिए। अब जांच हो रही है।

Jan 01, 2026 10:29 am ISTPankaj Vijay लाइव हिन्दुस्तान, प्रमुख संवाददाता, मुजफ्फरपुर
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बिहार के विश्वविद्यालयों में नियुक्त सहायक प्राध्यापकों के अनुभव प्रमाण पत्रों की जांच में नई गड़बड़ी सामने आई है। एक सहायक प्राध्यापक को 9 महीने की नौकरी में पांच वर्ष के अनुभव के अंक मिले हैं। भूगोल विषय में नियुक्त एक सहायक प्राध्यापक की पीएचडी फरवरी 2019 में पूरी हुई और उसने वर्ष 2020 में सहायक प्राध्यापक के लिए आवेदन किया। साक्षात्कार में उसे 10 में 9.7 अंक मिल गए। नियम के अनुसार सहायक प्राध्यापक को दो से तीन अंक मिलने चाहिए।

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सहायक प्राध्यापकों के अनुभव प्रमाण पत्रों की जांच में लगातार कई गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। रजिस्ट्रार प्रो समीर कुमार शर्मा का कहना है कि जांच में दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। बीआरएबीयू में वर्ष 2020 से अब तक नियुक्त हुए सहायक प्राध्यापकों के अनुभव प्रमाण पत्रों की जांच के लिए विवि प्रशासन ने एक कमेटी का गठन किया है।

अंग्रेजी और होम साइंस के पांच के दस्तवेजों पर भी शक: विश्वविद्यालय सेवा आयोग से अंग्रेजी और होम साइंस में नियुक्त सहायक प्राध्यापकों के दस्तावेजों पर भी विवि प्रशासन को शक है। इनकी नियुक्ति चार महीने पहले हुई थी। इन शिक्षकों को निर्देश दिया गया था कि उन्होंने जहां पढ़ाया था, वहां से दस्तावेज लाकर सौंपें। सूत्रों ने बताया कि जो दस्तावेज इनके कॉलेज से विवि को भेजे गए हैं, वह अधूरे हैं। विवि के रजिस्ट्रार प्रो समीर कुमार शर्मा का कहना है कि इन शिक्षकों के दस्तावेजों को भी जांच कमेटी के सामने रखा जाएगा। इसके अलावा होम साइंस और अंग्रेजी के जिन सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति सशर्त की गई, उनके वेतन भुगतान पर भी सरकार से अब तक दिशा निर्देश नहीं आया है। सरकार से दिशा निर्देश आने पर ही इन सहायक प्राध्यापकों को वेतन जारी किया जाएगा।

नियुक्ति तदर्थ की, प्रमाण पत्र नियमित का

कई संबद्ध कॉलेजों ने अपने यहां से जिन शिक्षकों को अनुभव प्रमाण पत्र जारी किया है, उनकी नियुक्ति उन कॉलेजों में तदर्थ के तौर पर हुई थी। विवि के सामने आए दस्तवेजों से भी यह बात सामने आ रही है। तदर्थ के तौर पर नियुक्त हुए शिक्षकों का कार्यकाल सिर्फ छह महीने का होता है। बीआरएबीयू के संबद्ध कॉलेज ने राजनीति विज्ञान में दो शिक्षकों को 23 सितंबर 2020 से 10 दिसंबर 2020 तक का अनुभव प्रमाण पत्र दिया है।

Pankaj Vijay

लेखक के बारे में

Pankaj Vijay
पंकज विजय लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। यहां वह करियर, एजुकेशन, जॉब्स से जुड़ी खबरें देखते हैं। पंकज को पत्रकारिता में डेढ़ दशक से ज्यादा का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने एनडीटीवी डिजिटल, आजतक डिजिटल, अमर उजाला समाचार पत्र में काम किया। करियर-एजुकेशन-जॉब्स के अलावा वह विभिन्न संस्थानों में देश-विदेश, राजनीति, रिसर्च व धर्म से जुड़ी बीट पर भी काम कर चुके हैं। भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा व डीयू से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। और पढ़ें
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