
सक्षमता परीक्षा : बिहार के 82000 नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी बनने का मौका, यह अंतिम अवसर
बिहार के स्थानीय निकाय के हजारों नियोजित शिक्षकों के लिए यह नया साल निर्णायक साबित होगा। राज्य के लगभग 82 हजार शिक्षक अभ्यर्थी, जिन्हें अब तक राज्यकर्मी का दर्जा प्राप्त नहीं हो सका है, उनके लिए यह वर्ष अंतिम अवसर होगा।
बिहार के स्थानीय निकाय के हजारों नियोजित शिक्षकों के लिए यह नया साल निर्णायक साबित होगा। राज्य के लगभग 82 हजार शिक्षक अभ्यर्थी, जिन्हें अब तक राज्यकर्मी का दर्जा प्राप्त नहीं हो सका है, उनके लिए यह वर्ष अंतिम अवसर होगा। इन शिक्षकों को राज्यकर्मी बनने के लिए इस वर्ष अंतिम मौका मिलेगा। यह अवसर उन शिक्षकों को मिलेगा जो अब तक चार प्रयासों में सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाए हैं या किसी कारणवश परीक्षा में शामिल नहीं हो सके थे। इस अंतिम अवसर के बाद असफल रहने वाले शिक्षकों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी रहेगी। शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार बिहार विद्यालय परीक्षा समिति सक्षमता परीक्षा पंचम का आयोजन करेगी। यह परीक्षा इस माह के अंत या फरवरी में आयोजित होगी।
परीक्षा में दो वर्ग के शिक्षक अभ्यर्थी शामिल होंगे। पहला वर्ग उन 52,961 शिक्षकों का होगा जो अब तक हुई चार परीक्षाओं में अनुत्तीर्ण रहे हैं। वहीं दूसरा वर्ग लगभग 30,000 ऐसे नियोजित शिक्षकों का है जो इन चारों में किसी भी परीक्षा में किसी कारणवश शामिल नहीं हो पाए हैं। कुल मिलाकर 82 हजार से अधिक अभ्यर्थियों को उनकी सेवा स्थायी करने के लिए यह अंतिम मौका होगा। बिहार बोर्ड के आंकड़ो को अनुसार पहली सक्षमता परीक्षा में 11209, दूसरी में 15205, तीसरी में 16543 और चौथी परीक्षा में 10004 शिक्षक अभ्यर्थी असफल हुए थे।
बीपीएससी टीआरई के पाठ्यक्रम से पूछे जाएंगे सवाल
सक्षमता पंचम में बिहार लोक सेवा आयोग शिक्षक नियुक्ति परीक्षा एक, दो और तीन के लिए निर्धारित पाठ्यक्रम से सवाल पूछे जाएंगे। पहली से पांचवी के लिए भाषा विषय के 30, सामान्य अध्ययन से 40 और सामान्य विषय से 80 प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रारंभिक शारीरिक शिक्षक से भाषा, सामान्य अध्ययन और शारीरिक शिक्षा के क्रमश: 30, 40 और 80 अंकों के प्रश्न पूछे जाएंगे। वहीं 6-8, 9-10 और 11वीं-12वीं के शिक्षकों से भाषा, सामान्य अध्ययन और संबंधित विषय से क्रमश : 30, 40 और 80 अंकों के प्रश्न पूछे जाएंगे।





