बिहार में मुफ्त JEE और NEET कोचिंग के लिए काबिल शिक्षकों की तलाश, ऐसे करें अप्लाई
बिहार बोर्ड ने मुफ्त JEE और NEET कोचिंग के लिए शिक्षकों की भर्ती शुरू कर दी है। योग्य उम्मीदवार 10 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं और इंटरव्यू 12 जुलाई को पटना में होगा।

गरीब और जरूरतमंद छात्रों के सपनों को एक नई और मजबूत उड़ान देने के लिए बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने एक बेहद शानदार और नेक पहल की है। बोर्ड ने राज्य के 10 अलग-अलग स्कूलों में मुफ्त कोचिंग प्रोग्राम की शुरुआत की है। इस बेहतरीन प्रोग्राम को कामयाबी की बुलंदियों तक पहुंचाने के लिए अब बिहार बोर्ड को ऐसे काबिल, जुनूनी और होनहार शिक्षकों की तलाश है, जो इन बच्चों को JEE और NEET जैसी बेहद मुश्किल प्रवेश परीक्षाओं के लिए पूरी तरह से तैयार कर सकें।
क्या है यह मुफ्त कोचिंग योजना?
अगर आपके पास पढ़ाने का असली हुनर है और आप इंजीनियरिंग या मेडिकल की तैयारी कराने में माहिर हैं, तो यह खबर आपके लिए किसी बड़े और सुनहरे मौके से कम नहीं है। BSEB ने बाकायदा एक ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी करके योग्य शिक्षकों से इसके लिए आवेदन मांगे हैं। इस भर्ती अभियान का सीधा और साफ मकसद उन होनहार छात्रों को बेहतरीन शिक्षा मुहैया कराना है, जिन्होंने हाल ही में 10वीं की परीक्षा पास की है, लेकिन जो महंगी कोचिंग का लाखों का खर्च उठाने में पूरी तरह से असमर्थ हैं। यह पूरी तरह से एक गैर-आवासीय कोचिंग सुविधा होगी, जिसका सीधा फायदा राज्य के कोने-कोने से आने वाले उन चुनिंदा छात्रों को मिलेगा जिनके अंदर कुछ कर गुजरने की आग है।
हम सभी जानते हैं कि देश में मेडिकल और इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षाएं कितनी ज्यादा कठिन होती हैं। हर साल लाखों छात्र नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) और जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (JEE) में बैठते हैं, लेकिन सफलता सिर्फ चंद लोगों को ही नसीब होती है। इसकी सबसे बड़ी वजह सही मार्गदर्शन और सटीक कोचिंग की कमी का होना है। बिहार बोर्ड का यह मुफ्त कोचिंग प्रोग्राम इसी बड़ी कमी को दूर करने की एक ईमानदार कोशिश है।
इन विषयों के लिए चाहिए एक्सपर्ट्स
अब बात करते हैं कि इस खास मौके के लिए कौन-कौन आवेदन कर सकता है। बोर्ड ने अपने नोटिफिकेशन में साफ कर दिया है कि उन्हें मुख्य रूप से चार अहम विषयों के लिए अनुभवी शिक्षकों की जरूरत है -
- फिजिक्स
- केमिस्ट्री
- मैथमेटिक्स
- बायोलॉजी
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो, उम्मीदवारों के पास संबंधित विषय में कम से कम बीएससी, एमएससी या एमटेक की डिग्री होनी लाजमी है। हालांकि, यहां एक बात और खास तौर पर ध्यान देने वाली है कि बोर्ड उन उम्मीदवारों को ज्यादा तरजीह देगा जिनके पास पहले से ही JEE और NEET के सिलेबस को पढ़ाने का अच्छा-खासा तजुर्बा है और जो इन प्रतियोगी परीक्षाओं की गहराई को अच्छी तरह से समझते हैं। बोर्ड को ऐसे टीचर चाहिए जो न सिर्फ किताबी ज्ञान दें, बल्कि बच्चों को शॉर्टकट्स, टाइम मैनेजमेंट और परीक्षा के भारी दबाव को आसानी से झेलने के तरीके भी सिखा सकें।
क्या है डेडलाइन?
अगर आपको लगता है कि आप इस जिम्मेदारी को बखूबी निभा सकते हैं, तो आवेदन करने की प्रक्रिया बेहद आसान और सुविधाजनक रखी गई है। उम्मीदवार दो तरीकों से अपना आवेदन विभाग तक पहुंचा सकते हैं -
वेबसाइट के जरिए: आप सीधे बिहार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट coaching.biharboardonline.com पर जाएं और वहां मौजूद पोर्टल के जरिए अपना ऑनलाइन फॉर्म भरें।
ईमेल के जरिए: दूसरा तरीका और भी आसान है कि आप तय फॉर्मेट में अपना एप्लीकेशन और सभी जरूरी दस्तावेज सीधे बोर्ड की ईमेल आईडी computeritcellbseb@gmail.com पर भेज सकते हैं।
लेकिन हां, वक्त का खास ख्याल रखना होगा क्योंकि आवेदन करने की आखिरी तारीख 10 जुलाई तय की गई है और वह भी शाम 5 बजे तक। इसके बाद किसी भी हाल में किसी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
क्या है इंटरव्यू की तारीख
भर्ती की अगली प्रक्रिया यानी इंटरव्यू को लेकर भी बोर्ड ने स्थिति एकदम साफ कर दी है। जो भी उम्मीदवार अपने दस्तावेजों के आधार पर शॉर्टलिस्ट किए जाएंगे, उनका सीधा इंटरव्यू 12 जुलाई को आयोजित किया जाएगा। यह इंटरव्यू राउंड सुबह 10 बजे से बिहार की राजधानी पटना में शुरू होगा। यानी आवेदन करने के बाद आपके पास तैयारी करने के लिए बहुत ज्यादा वक्त नहीं होगा।
बोर्ड ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल के जरिए भी इस पूरी भर्ती अभियान की जानकारी साझा की है, ताकि ज्यादा से ज्यादा योग्य लोगों तक यह जरूरी खबर पहुंच सके। अंत में, सभी इच्छुक उम्मीदवारों को यही सलाह दी जाती है कि वे आखिरी तारीख या आखिरी घंटों का बिल्कुल इंतजार न करें। कई बार वेबसाइट पर ट्रैफिक ज्यादा होने की वजह से सर्वर डाउन होने जैसी तकनीकी परेशानियां आ जाती हैं।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


