Bihar D.El.Ed 2026-28: एडमिशन से पहले चेक करें कॉलेज का नाम, BSEB ने जारी की मान्यता प्राप्त संस्थानों की लिस्ट
बिहार बोर्ड ने D.El.Ed सत्र 2026-28 के लिए मान्यता प्राप्त संस्थानों की लिस्ट जारी कर दी है। संस्थान 15 जुलाई 2026 तक अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।

बिहार में शिक्षक बनने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए एक बेहद अहम खबर सामने आई है। हर साल लाखों नौजवान अपने इस ख्वाब को हकीकत में बदलने के लिए डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन यानी D.El.Ed कोर्स का रुख करते हैं। इसी कड़ी में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने शैक्षणिक सत्र 2026-28 के लिए कमर कस ली है और एक जरूरी नोटिस जारी किया है। बोर्ड की तरफ से उन तमाम सरकारी और प्राइवेट टीचर ट्रेनिंग संस्थानों की लिस्ट आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है, जिन्हें नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) से बाकायदा मान्यता मिली हुई है।
लिस्ट में सिर्फ मान्यता प्राप्त कॉलेजों का नाम
अब बात करते हैं कि इस नोटिस में आखिर क्या खास है और यह संस्थानों के साथ-साथ छात्रों के लिए क्यों इतना मायने रखता है। दरअसल, बिहार बोर्ड ने साफ लफ्जों में कहा है कि वेबसाइट पर जो लिस्ट डाली गई है, उसमें सिर्फ उन्हीं संस्थानों का नाम शामिल किया गया है जिन्हें NCTE से हरी झंडी मिल चुकी है। साथ ही, ये वो संस्थान हैं जो D.El.Ed प्रोग्राम चलाने के लिए BSEB से पूरी तरह से संबद्ध हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर किसी कॉलेज का नाम इस लिस्ट में नहीं है, तो वहां दाखिला लेना छात्रों के भविष्य के लिए खतरे की घंटी हो सकता है।
बोर्ड ने अपनी इस लिस्ट को जारी करने के साथ ही सभी D.El.Ed ट्रेनिंग संस्थानों के प्रिंसिपल्स और हेडमास्टर्स को एक सख्त हिदायत भी दी है। समिति का कहना है कि वे वेबसाइट पर मौजूद इस लिस्ट को बेहद बारीकी से चेक कर लें। इंसान से ही गलती होती है, इसलिए अगर किसी भी संस्थान को लगता है कि उनके कॉलेज की जानकारी में कोई गड़बड़ी है, या बोर्ड की तरफ से अपलोड किए गए डेटा में कोई भी खामी रह गई है, तो वे इसके खिलाफ तुरंत अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
आपत्ति दर्ज कराने का आसान तरीका
आपत्ति दर्ज कराने का तरीका भी इस बार बेहद आसान और डिजिटल रखा गया है। इसके लिए संस्थानों के प्रमुखों को बोर्ड के ऑफिस के चक्कर काटने की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी। अगर किसी भी कॉलेज को कोई शिकायत या ऐतराज है, तो वे अपने जरूरी दस्तावेजों के साथ सीधे बोर्ड को ईमेल - coevividhbseb@gmail.com कर सकते हैं।
लेकिन ध्यान रहे, इसके लिए एक खास वक्त मुकर्रर किया गया है। तारीखों का खास ख्याल रखना बेहद जरूरी है। आपत्तियां भेजने का सिलसिला 13 जुलाई 2026 से शुरू हो रहा है और इसकी आखिरी तारीख 15 जुलाई 2026 तय की गई है। शाम 5 बजे तक ही ईमेल के जरिए शिकायतें मंजूर की जाएंगी।
सिर्फ ईमेल के जरिए ही दर्ज कराएं आपत्ति
बोर्ड ने अपनी तरफ से यह बात बिल्कुल साफ कर दी है कि तय समय सीमा के बाद या फिर ईमेल के अलावा किसी और माध्यम (जैसे डाक या सीधे ऑफिस में जाकर) से भेजी गई आपत्तियों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। ऐसे आवेदनों को सिरे से खारिज कर दिया जाएगा।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


