बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 में लग गई टॉपर्स की झड़ी, टॉप 10 में 139 छात्रों का नाम; यहां देखें
बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 जारी हो गया है। पुष्पांजलि कुमारी और सबरीन परवीन ने 492 अंक के साथ टॉप किया है। इस बार टॉप 10 में 139 छात्र शामिल हैं।

बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 आते ही इस बार टॉपर्स की झड़ी लग गई है। जहां एक तरफ पास प्रतिशत 81.79 फीसदी रहा वहीं दूसरी तरफ टॉप 10 की लिस्ट में कुल 139 छात्रों ने जगह बनाई। खास बात यह रही कि इस साल भी लड़कियों का दबदबा साफ नजर आया और दो छात्राओं ने संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया। इस बार सिमुलतला आवासीय स्कूल की पुष्पांजलि कुमारी (जमुई) और वैशाली की सबरीन परवीन ने 500 में से 492 अंक यानी 98.4 फीसदी अंक लाकर संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया। यहां देखें टॉप 10 में शामिल छात्रों के नाम...
रैंक 1 (संयुक्त)
पुष्पांजलि कुमारी (जमुई) - 492 (98.4%)
सबरीन प्रवीण (वैशाली) - 492 (98.4%)
रैंक 2
नाहिद सुल्ताना (बेगूसराय) - 489 (97.8%)
रैंक 3 (संयुक्त)
अनुपा कुमारी (बक्सर) - 488 (97.6%)
ओम कुमार (बेगूसराय) - 488 (97.6%)
रैंक 4 (संयुक्त)
ज्योति कुमारी (समस्तीपुर) - 487 (97.4%)
अनुभव कुमार (बांका) - 487 (97.4%)
अंश राज (पूर्णिया) - 487 (97.4%)
रैंक 5 (संयुक्त)
प्रेरणा कुमारी (बेगूसराय) - 486 (97.2%)
नसरिन परवीन (भोजपुर) - 486 (97.2%)
अभनीश कुमार (बेगूसराय) - 486 (97.2%)
बिकाश कुमार गुप्ता (कैमूर) - 486 (97.2%)
रुपेश कुमार (सहरसा) - 486 (97.2%)
रैंक 6 (संयुक्त)
रितु कुमारी (औरंगाबाद) - 485 (97%)
आइशा खातून (बांका) - 485 (97%)
मौसम कुमारी (समस्तीपुर) - 485 (97%)
सुमित कुमार यादव (अररिया) - 485 (97%)
रोहित कुमार चौधरी (औरंगाबाद) - 485 (97%)
कुनाल किशोर (औरंगाबाद) - 485 (97%)
शुभम कुमार (बांका) - 485 (97%)
संगम कुमार (गया) - 485 (97%)
अभिनव कुमार (जमुई) - 485 (97%)
नवरत्न कुमार (मधेपुरा) - 485 (97%)
शमशीर अख्तर (समस्तीपुर) - 485 (97%)
प्रिंस कुमार (शेखपुरा) - 485 (97%)
आदित्य कुमार (शेखपुरा) - 485 (97%)
राजदीप कुमार (सुपौल) - 485 (97%)
रौशन कुमार (वैशाली) - 485 (97%)
बाबर अली (वैशाली) - 485 (97%)
रैंक 7 (संयुक्त)
राखी कुमारी (बांका) - 484 (96.8%)
शमा परवीन (बेगूसराय) - 484 (96.8%)
अंशु प्रिया (भागलपुर) - 484 (96.8%)
ईशा कुमारी (बक्सर) - 484 (96.8%)
शांभवी प्रिया (मधुबनी) - 484 (96.8%)
सलोनी कुमारी (नवादा) - 484 (96.8%)
सृष्टि सिंह (सीवान) - 484 (96.8%)
माही कुमारी शर्मा (पश्चिम चंपारण) - 484 (96.8%)
शिवांगी कुमारी (पश्चिम चंपारण) - 484 (96.8%)
सुनीता कुमारी (पश्चिम चंपारण) - 484 (96.8%)
आशीष कुमार (बांका) - 484 (96.8%)
अभिषेक कुमार (बेगूसराय) - 484 (96.8%)
अंकुश कुमार (भागलपुर) - 484 (96.8%)
शुभम कुमार (भोजपुर) - 484 (96.8%)
शुभम राज डांगी (गया) - 484 (96.8%)
निरंजन कुमार (लखीसराय) - 484 (96.8%)
अमित राज (मधुबनी) - 484 (96.8%)
मनीष कुमार (नवादा) - 484 (96.8%)
लालान सिंह यादव (नवादा) - 484 (96.8%)
अमित कुमार राय (सारण) - 484 (96.8%)
संजीत कुमार (शेखपुरा) - 484 (96.8%)
अंकित कुमार यादव (सीवान) - 484 (96.8%)
एमडी तौहीद (वैशाली) - 484 (96.8%)
रैंक 8 (संयुक्त) (483 अंक - 96.6%)
सुप्रिया कुमारी, रिया सिंह, मुस्कान कुमारी, लक्ष्मी कुमारी, रिमा कुमारी, खुशी कुमारी, सायना प्रवीण, सताक्षी मित्तल, अमृता सिंह, गुड़िया कुमारी, दिलखुश कुमार, आदित्य कुमार, नीरज कुमार, मनीष कुमार यादव सहित कई अन्य छात्र शामिल हैं।
रैंक 9 (संयुक्त) (482 अंक - 96.4%)
रीना कुमारी, सुमैया एजाज, प्रीति कुमारी, खुशबू कुमारी, सिमरन कुमारी, मंसी कुमारी, सुजाता कुमारी, पल्लवी पांडेय, सादिया सामी, अंशिका कुमारी सहित कई अन्य छात्र
रैंक 10 (संयुक्त) (481 अंक - 96.2%)
नंदनी कुमारी, सलोनी कुमारी, अंजलि कुमारी, पूजा कुमारी, सुरभि सिंह, दिव्या कुमारी, सुहानी सोनम, दीपशिखा, स्नेहा कुमारी, कोमल कुमारी सहित कई अन्य छात्र
15 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राएं हुए थे शामिल
इस वर्ष 15.10 लाख परीक्षार्थी मैट्रिक वार्षिक परीक्षा में राज्यभर से शामिल हुए थे। पिछले साल भी 29 मार्च को परिणाम जारी हुआ था। मूल्यांकन समाप्त होने के 16वें दिन बोर्ड ने परिणाम जारी किया है। उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य 2 मार्च से शुरू हुआ था और 13 मार्च तक चला था।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


