BPSC TRE 4 : बीपीएससी टीआरई PT से पहले STET पास करना होगा अनिवार्य
BPSC TRE 4 : जिन अभ्यर्थियों के पास शैक्षणिक योग्यता है और उनका प्रशिक्षण भी पूरा हो चुका है व वे एसटीईटी 2026 में शामिल होने वाले हैं, वे भी विद्यालय अध्यापक के पद के लिए आवेदन कर सकेंगे।

बीपीएससी ने चौथे चरण की शिक्षक नियुक्ति (टीआरई-4.0) के लिए जारी विज्ञापन में अभ्यर्थियों के लिए शैक्षणिक योग्यता के बारे में भी स्पष्ट तौर पर जानकारी दी है। जिन अभ्यर्थियों के पास शैक्षणिक योग्यता है और उनका प्रशिक्षण भी पूरा हो चुका है व वे एसटीईटी-2026 में शामिल होने वाले हैं, वे भी विद्यालय अध्यापक के पद के लिए आवेदन कर सकेंगे। हालांकि, ऐसे अभ्यर्थियों के लिए प्रारंभिक परीक्षा से पहले एसटीईटी-2026 उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। एसटीईटी में उत्तीर्ण नहीं होने की स्थिति में उन्हें पीटी का प्रवेश पत्र जारी नहीं किया जाएगा। ऐसे अभ्यर्थियों को एसटीईटी में शामिल होने का प्रमाण, प्रवेश पत्र और परीक्षा से संबंधित अन्य मूल प्रमाणपत्र आयोग द्वारा सत्यापन के लिए मांगे जाने पर उपलब्ध कराने होंगे।
पात्रता परीक्षाओं के संबंध में निर्देश
प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक पद के लिए केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा के प्रथम पत्र या बिहार शिक्षक पात्रता परीक्षा के प्रथम पत्र में उत्तीर्ण होना आवश्यक है। मध्य विद्यालय के लिए सीटीईटी के द्वितीय पत्र अथवा बीटीईटी के द्वितीय पत्र में उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। माध्यमिक विद्यालय और विशेष विद्यालय शिक्षक के लिए एसटीईटी के प्रथम पत्र तथा उच्च माध्यमिक शिक्षक के लिए द्वितीय पत्र में उत्तीर्ण होना जरूरी है। वर्ष 2012 से पहले नियुक्त उच्च माध्यमिक शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य नहीं होगा।
बीपीएससी टीआरई विज्ञापन देख भड़के अभ्यर्थी, 2 मांगों को लेकर सत्याग्रह शुरू
बीपीएससी टीआरई 4 की अधिसूचना जारी होने के बावजूद गर्दनीबाग धरना स्थल पर मंगलवार को छात्रों का सत्याग्रह शुरू हो गया। छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्रों ने धरना दिया और कहा कि जब तक टीआरई 4 की परीक्षा को दो चरणों की बजाय एकल चरण (सिंगल एग्जाम) में नहीं बदला जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। छात्र नेताओं ने कहा कि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो 21 अगस्त से अनशन पर बैठ जाएंगे।
अभ्यर्थियों ने कहा कि शिक्षक नियुक्ति के तीन चरणों की परीक्षाएं एकल चरण में होती आई हैं, लेकिन इस बार बीपीएससी ने टीआरई 4 के लिए दो-चरणीय प्रणाली (प्रारंभिक व मुख्य) लागू कर दी है। इससे अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी है। छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि हमारी मांग स्पष्ट है कि टीआरई 4 एकल परीक्षा के रूप में होनी चाहिए। सरकार ने अधिसूचना तो जारी कर दी, लेकिन परीक्षा का प्रारूप हमें स्वीकार नहीं है।
छात्रों की अन्य मांगों में परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग को पूरी तरह समाप्त करना, बिहार कर्मचारी चयन की परीक्षाओं में संविदा कर्मी को वेटेज नहीं देने, भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने और लाइब्रेरियन की बहाली की मांग शामिल है। धरना स्थल पर प्रदर्शनकारी छात्रों ने एकल परीक्षा लागू करो, संविदा कर्मी को वेटेज देना बंद करो, जैसे नारे लगाए। मंगलवार को दोपहर से ही परीक्षार्थी एकल परीक्षा व्यवस्था के तहत टीआरई 4 की अधिसूचना जारी करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी बीच 32,388 पदों पर बहाली के लिए विज्ञापन जारी किया गया। लेकिन परीक्षा दो चरणों में कराने से छात्रों का आक्रोश और फूट पड़ा।


