BPSC TRE 4: बीपीएससी टीआरई विज्ञापन देख भड़के अभ्यर्थी, 2 मांगों को लेकर सत्याग्रह शुरू
छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्रों ने धरना दिया और कहा कि जब तक टीआरई 4 की परीक्षा को दो चरणों की बजाय एकल चरण (सिंगल एग्जाम) में नहीं बदला जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

बीपीएससी टीआरई 4 की अधिसूचना जारी होने के बावजूद गर्दनीबाग धरना स्थल पर मंगलवार को छात्रों का सत्याग्रह शुरू हो गया। छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्रों ने धरना दिया और कहा कि जब तक टीआरई 4 की परीक्षा को दो चरणों की बजाय एकल चरण (सिंगल एग्जाम) में नहीं बदला जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। छात्र नेताओं ने कहा कि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो 21 अगस्त से अनशन पर बैठ जाएंगे।
अभ्यर्थियों ने कहा कि शिक्षक नियुक्ति के तीन चरणों की परीक्षाएं एकल चरण में होती आई हैं, लेकिन इस बार बीपीएससी ने टीआरई 4 के लिए दो-चरणीय प्रणाली (प्रारंभिक व मुख्य) लागू कर दी है। इससे अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी है। छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि हमारी मांग स्पष्ट है कि टीआरई 4 एकल परीक्षा के रूप में होनी चाहिए। सरकार ने अधिसूचना तो जारी कर दी, लेकिन परीक्षा का प्रारूप हमें स्वीकार नहीं है।
टीआरई को लेकर दो मांग
- परीक्षा प्रक्रिया में सिंगल स्टेज परीक्षा हो, प्री और मेन्स नहीं।
- नेगेटिव मार्किंग हटाओ
छात्रों की अन्य मांगों में परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग को पूरी तरह समाप्त करना, बिहार कर्मचारी चयन की परीक्षाओं में संविदा कर्मी को वेटेज नहीं देने, भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने और लाइब्रेरियन की बहाली की मांग शामिल है। धरना स्थल पर प्रदर्शनकारी छात्रों ने एकल परीक्षा लागू करो, संविदा कर्मी को वेटेज देना बंद करो, जैसे नारे लगाए। मंगलवार को दोपहर से ही परीक्षार्थी एकल परीक्षा व्यवस्था के तहत टीआरई 4 की अधिसूचना जारी करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी बीच 32,388 पदों पर बहाली के लिए विज्ञापन जारी किया गया। लेकिन परीक्षा दो चरणों में कराने से छात्रों का आक्रोश और फूट पड़ा।
बिहार लोक सेवा आयोग ने शिक्षक नियुक्ति परीक्षा में कई बदलाव किये हैं। पहली बार टीआरई-4.0 की प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा में निगेटिव मार्किंग का प्रावधान लागू किया गया है। अब तक की परीक्षाओं में निगेटिव मार्किंग नहीं थी। परीक्षा 150 अंकों की वस्तुनिष्ट होगी। प्रत्येक गलत उत्तर के लिए एक तिहाई अंक काटने का प्रावधान होगा। शिक्षक भर्ती में पहली बार जवाब के लिए पांच विकल्प होगा। वस्तुनिष्ठ सवालों के जवाब को पांचवां विकल्प ‘ई’ होगा। उत्तर नहीं देने पर इसका चयन करना होगा।
न्यूनतम अर्हतांक भी तय: प्रारंभिक परीक्षा सामान्य अध्ययन विषय की होगी, जिसके सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ बहुविकल्पीय होंगे। प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य विज्ञान, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएं, इतिहास, सामान्य भूगोल एवं मानसिक योग्यता वाले सवाल होंगे। पीटी में सामान्य श्रेणी के लिए 40%, पिछड़ा वर्ग के लिए 36.5%, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 34% तथा एससी, एसटी, दिव्यांग और महिला के लिए 32% न्यूनतम अर्हता अंक लाना अनिवार्य होगा। महिलाओं के लिए 35% क्षैतिज आरक्षण एवं दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए देय 04% क्षैतिज आरक्षण सहित निर्धारित न्यूनतम अर्हतांक 32% मात्र बिहार राज्य के मूल निवासी अभ्यर्थियों को ही देय होगा। पीटी के प्राप्तांक व अधिमानता में प्राप्त अंक के आधार पर मुख्य परीक्षा के लिए चुने जाने वाले उम्मीदवारों की संख्या कुल रिक्तियों की ढाई से दस गुनी होगी। पीटी, मेंस के लिए निर्धारित न्यूनतम अर्हतांक प्राप्त करने के बाद ही दोनों चरणों में अधिमानता का अंक जोड़ा जाएगा। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि टीआरई-4 से शिक्षकों की नियुक्ति से स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता और बेहतर होगी व विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के सरकार के प्रयासों को और गति मिलेगी।


