ठेले पर अंडे बेचते थे पिता, बेटा बना जज; गरीबी को मात देकर आदर्श कुमार ने कैसे किया ये कमाल

Himanshu Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
share

bpsc success story adarsh kumar: बिहार के औरंगाबाद में अंडे बेचने वाले के बेटे आदर्श कुमार ने 32वीं बीपीएससी न्यायिक सेवा परीक्षा पास कर सिविल जज बनकर एक मिसाल कायम की है। गरीबी से लड़कर उन्होंने कैसे इस मुकाम को हासिल किया आइए इस बारे में जानते हैं।

ठेले पर अंडे बेचते थे पिता, बेटा बना जज; गरीबी को मात देकर आदर्श कुमार ने कैसे किया ये कमाल

bpsc success story adarsh kumar: कहते हैं कि अगर हौसलों में उड़ान हो तो कोई भी आसमान छोटा पड़ जाता है। इस पुरानी कहावत को एक बार फिर सच कर दिखाया है बिहार के औरंगाबाद जिले के रहने वाले आदर्श कुमार ने। उनकी एक ऐसी कहानी है जो सीधे दिल को छूती है और हमें यह एहसास कराती है कि सच्ची लगन, कड़ी मेहनत और माता पिता के आशीर्वाद से दुनिया की कोई भी मंजिल हासिल की जा सकती है। ठेले पर अंडे बेचकर परिवार का पेट पालने वाले पिता के बेटे ने जब 32वीं बीपीएससी (BPSC) न्यायिक सेवा परीक्षा पास कर सिविल जज की कुर्सी तक का शानदार सफर तय किया तो पूरे इलाके की आंखें खुशी और फक्र से छलक उठीं। गरीबी से लड़कर आदर्श ने कैसे हासिल किया ये सफर... आइए जानते हैं।

ठेले पर अंडे बेचकर चलाते थे घर

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, आदर्श कुमार का बचपन आर्थिक तंगी के बीच बीता। उनके पिता विजय साव शिवगंज बाजार में एक छोटे से ठेले पर अंडे बेचते थे। यही उनके परिवार की आय का मुख्य जरिया था। मौसम चाहे जैसा भी हो, पिता रोज सुबह निकल जाते और दिनभर मेहनत कर परिवार का गुजारा चलाते। उनका एक ही सपना था कि उनके बच्चों को वह हर हाल में अच्छी शिक्षा दिलाएं। सीमित कमाई के बावजूद उन्होंने कभी पढ़ाई में कमी नहीं आने दी। ठेले से कमाए गए पैसों से उन्होंने अपने बेटे के भविष्य की नींव मजबूत की। यह वही संघर्ष था जिसने आदर्श के भीतर आगे बढ़ने की आग जलाई।

मां ने कर्ज लेकर भी नहीं टूटने दिया हौसला

जहां पिता मेहनत कर घर चला रहे थे वहीं आदर्श की मां सुनयना देवी ने भी बेटे के सपनों को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। जब पढ़ाई और शहर का खर्च उठाना मुश्किल होने लगा तो उन्होंने स्वयं सहायता समूह से कर्ज लिया। सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने इस आर्थिक परेशानी का एहसास तक अपने बेटे को नहीं होने दिया। उन्होंने हमेशा यह सुनिश्चित किया कि आदर्श का ध्यान सिर्फ पढ़ाई पर रहे। मां का यह त्याग और समर्पण इस सफलता की बड़ी वजह बना।

लक्ष्य पर अडिग रहे आदर्श

आदर्श कुमार शुरू से ही पढ़ाई को लेकर गंभीर थे। उन्होंने अपने माता-पिता के संघर्ष को समझते हुए खुद को पूरी तरह पढ़ाई में झोंक दिया। उन्होंने पटना के प्रतिष्ठित चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से बीए एलएलबी की डिग्री हासिल की। कानून की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने जज बनने का सपना देखा और उसी दिशा में मेहनत शुरू कर दी। लगातार पढ़ाई, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने 32वीं बीपीएससी न्यायिक सेवा परीक्षा को सफलतापूर्वक पास कर लिया।

रिजल्ट आया तो घर में छा गई खुशी

जैसे ही परीक्षा का परिणाम घोषित हुआ, आदर्श के घर में खुशी का माहौल बन गया। छोटे से घर में मानो त्योहार जैसा माहौल हो गया। पड़ोसी और रिश्तेदार भी इस उपलब्धि पर गर्व महसूस करने लगे। अपनी इस बड़ी उपलब्धि के बाद आदर्श कुमार ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता को दिया। उन्होंने भावुक होकर कहा कि वह आज जो भी हैं, अपने माता-पिता की मेहनत और त्याग की वजह से हैं। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता ने हमेशा उन्हें मेहनत और ईमानदारी का रास्ता दिखाया। यही वजह है कि उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहे।

परिवार को था बेटे पर पूरा भरोसा

इंटरव्यू में आदर्श की मां ने भी इस सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि उन्हें हमेशा अपने बेटे की काबिलियत पर भरोसा था। उन्होंने बताया कि आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने कभी उम्मीद नहीं छोड़ी। परिवार के लिए यह सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि वर्षों के संघर्ष का परिणाम है। आदर्श की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि हालात चाहे जैसे भी हों, अगर सपने बड़े हों और मेहनत सच्ची हो तो सफलता जरूर मिलती है।

Himanshu Tiwari

लेखक के बारे में

Himanshu Tiwari

शॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।

परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।

लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।

शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।

रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।

विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव

और पढ़ें
करियर सेक्शन में लेटेस्ट एजुकेशन न्यूज़, सरकारी जॉब , एग्जाम , एडमिशन , CBSE 12th Result 2026 Live के साथ सभी Board Results 2026 देखें। सबसे पहले अपडेट पाने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।