BPSC ने बदल दिए परीक्षा नियम, अब खाली छोड़ने पर भी कटेंगे नंबर; 33वीं न्यायिक सेवा परीक्षा में क्या नया हुआ

Himanshu Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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BPSC ने एमसीक्यू आधारित परीक्षाओं के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अगर कोई अभ्यर्थी किसी प्रश्न का जवाब नहीं देना चाहता है तो उसे E विकल्प चुनना होगा। अब प्रश्न खाली छोड़ने पर भी 1/3 अंक कटेंगे।

BPSC ने बदल दिए परीक्षा नियम, अब खाली छोड़ने पर भी कटेंगे नंबर; 33वीं न्यायिक सेवा परीक्षा में क्या नया हुआ

बिहार लोक सेवा आयोग यानी बीपीएससी ने अपनी एमसीक्यू आधारित परीक्षाओं के नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया है। आयोग ने साफ कर दिया है कि अब सिर्फ सवाल छोड़ देना आसान नहीं होगा। अगर कोई अभ्यर्थी किसी प्रश्न का जवाब नहीं देना चाहता है, तो उसे E विकल्प चुनना होगा, जिसका मतलब होगा प्रयास नहीं किया गया। यह नया नियम पहली बार 3 जून 2026 को होने वाली 33वीं बिहार न्यायिक सेवा प्री प्रतियोगिता परीक्षा में लागू किया जा रहा है।

अब होंगे पांच विकल्प मिलेंगे

अब तक परीक्षाओं में सवालों के लिए चार विकल्प A, B, C और D दिए जाते थे। लेकिन नए नियम के तहत अब पांचवां विकल्प E भी रहेगा। इस E विकल्प का इस्तेमाल उन उम्मीदवारों को करना होगा जो किसी सवाल का जवाब नहीं देना चाहते। यानी अगर किसी प्रश्न को छोड़ना है तो OMR शीट में E भरना अनिवार्य होगा।

खाली छोड़ने पर कटेंगे नंबर

बीपीएससी के नए नियम का सबसे बड़ा असर यही है कि अब सवाल को पूरी तरह खाली छोड़ना महंगा पड़ सकता है। आयोग ने साफ कहा है कि अगर कोई अभ्यर्थी किसी प्रश्न में कोई भी विकल्प नहीं भरता है, तो उस प्रश्न पर 1/3 अंक की निगेटिव मार्किंग की जाएगी। यानी अब उम्मीदवारों के पास दो ही रास्ते होंगे। या तो सही जवाब चुनें या फिर E विकल्प भरें। बिना कुछ भरे सवाल छोड़ना नुकसान पहुंचा सकता है।

अभ्यर्थियों को दिया गया अतिरिक्त समय

बीपीएससी की तरफ से जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, आयोग ने माना है कि यह नई व्यवस्था उम्मीदवारों के लिए शुरुआत में थोड़ी कठिन हो सकती है। इसी वजह से 33वीं बिहार न्यायिक सेवा प्रारंभिक परीक्षा में अतिरिक्त समय भी दिया जा रहा है ताकि अभ्यर्थी नए नियम को समझ सकें। सामान्य अध्ययन विषय की पहली पाली पहले सुबह 10:00 बजे से 11:30 बजे तक होती थी लेकिन अब इसे 10:00 बजे से 11:40 बजे तक किया गया है। यानी 10 मिनट का अतिरिक्त समय मिलेगा।

दूसरी पाली में भी बढ़ा समय

विधि विषय की दूसरी पाली में भी समय बढ़ाया गया है। पहले यह परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से 4:00 बजे तक होती थी, लेकिन अब इसे 2:00 बजे से 4:15 बजे तक आयोजित किया जाएगा। इस तरह दूसरी पाली में उम्मीदवारों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय मिलेगा ताकि वे नए विकल्प प्रणाली को ठीक से इस्तेमाल कर सकें।

प्रतियोगी छात्रों के लिए क्या है सबसे जरूरी बात?

अब बीपीएससी की किसी भी एमसीक्यू परीक्षा में बैठने वाले उम्मीदवारों को यह ध्यान रखना होगा कि OMR शीट में हर सवाल के सामने कोई न कोई विकल्प भरना जरूरी है। अगर जवाब नहीं आता, तब भी 'E' विकल्प चुनना बेहतर रहेगा। क्योंकि बिना विकल्प भरे छोड़ने पर सीधे नंबर कटेंगे।

Himanshu Tiwari

लेखक के बारे में

Himanshu Tiwari

शॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।

परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।

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हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।

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