
BPSC का मेरिट लिस्ट बनेगा प्रभारी प्राचार्य बनने का आधार, BEd और DElEd अनिवार्य
प्रारंभिक से लेकर प्लस टू स्कूलों में नियमित हेडमास्टर के कई पद रिक्त हैं। ऐसे में इन पदों पर किन शिक्षकों को प्रभारी बनाया जाएगा और उनकी वरीयता का आधार क्या होगा, इसको विभाग ने स्पष्ट कर दिया है।
बीपीएससी के रिजल्ट का मेरिट लिस्ट प्रभारी प्राचार्य बनने का आधार बनेगा। प्रारंभिक से लेकर प्लस टू स्कूलों में नियमित हेडमास्टर के कई पद रिक्त हैं। ऐसे में इन पदों पर किन शिक्षकों को प्रभारी बनाया जाएगा और उनकी वरीयता का आधार क्या होगा, इसको विभाग ने स्पष्ट कर दिया है। बीपीएससी से नियुक्त शिक्षकों की आपसी वरीयता को लेकर सभी जिलों के डीईओ को निर्देश दिया गया है। नियोजित, विशिष्ट शिक्षकों की सेवा अवधि को लेकर भी गाइडलाइन जारी की गयी है।
शिक्षा विभाग के सचिव दिनेश कुमार ने कहा है कि इसको लेकर जिलों से मार्गदर्शन मांगा गया था। सभी तरह के सवालों को लेते हुए गाइडलाइन और एसओपी जारी किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक का पद रिक्त रहने की स्थिति में प्रभारी प्रधानाध्यापक घोषित करने की प्रक्रिया के दौरान विशिष्ट शिक्षक जो पूर्व में उसी वर्ग के स्थानीय निकाय के प्रशिक्षित शिक्षक थे, उनकी कालअवधि की गणना में स्थानीय निकाय प्रशिक्षित शिक्षक की कालअवधि की गणना की जाएगी। यही नियम बीपीएससी से आए शिक्षक पर भी लागू होगा। अगर वे पहले विशिष्ट शिक्षक और प्रशिक्षित नियोजित शिक्षक के तौर पर काम कर चुके हैं तो इन दोनों की सेवा अवधि की गणना होगी। अन्य वर्ग जैसे अभी 11-12 में हैं और पहले 6-8 के शिक्षक थे, तो उनपर यह कालअवधि की गणना नहीं होगी। ऐसे में इन्हें लाभ नहीं मिलेगा।
प्रभारी बनने को बीएड और डीएलएड की अनिवार्यता
विभाग ने कहा है कि प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में जिन्हें प्रभारी बनाया जाएगा, उनके लिए मध्य विद्यालय में बीएड और प्राथमिक में दो वर्षीय डीएलएड अनिवार्य है। उच्च माध्यमिक विद्यालय में जहां प्रमंडलीय संवर्ग के शिक्षक हैं तो सभी कोटि के शिक्षकों में वही वरीय होंगे और उन्हें ही पहले प्लस टू में प्रभारी बनने का मौका मिलेगा। यही नहीं, प्लस टू स्कूलों में बीपीएएसी के शिक्षकों में भी पहले टीआई एक, उसके बाद और फिर तीन में नियुक्त शिक्षक वरीय होंगे।
बीपीएससी से नियुक्त सूबे के 896 हेडमास्टरों को प्रमंडल और जिला आवंटित कर दिया गया है। इन हेडमास्टरों ने पहले मनचाहा प्रमंडल, जिला नहीं मिलने पर योगदान नहीं किया था। अपग्रेड प्लस टू स्कूलों के लिए बीपीएससी हेडमास्टरों की परीक्षा हुई थी। योगदान नहीं देने वाले अभ्यर्थियों से दोबारा तीन-तीन प्रमंडल और जिला का विकल्प मांगा गया था। इन अभ्यर्थियों की मेरिट के आधार पर इनके द्वारा दिए गए तीन प्रमंडल और जिले में से ही इन्हें आवंटित किया गया है। तिरहुत प्रमंडल में 192 हेडमास्टर दिए गए हैं। सूबे के सभी प्रमंडलों में तिरहुत को ही सबसे अधिक हेडमास्टर मिले हैं। तिरहुत के मुजफ्फरपुर समेत अन्य जिलों की इन हेडमास्टरों की सूची भेजी गई है। प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर ने निर्देश दिया है कि जिन अभ्यर्थियों का उनके दिए गए तीन विकल्पों में एक में भी आवंटन नहीं हुआ है, उनका रैंडमाइजेशन से प्रमंडल आवंटित किया गया है। तिरहुत प्रमंडल को मिले 192 हेडमास्टरों में 40 मुजफ्फरपुर जिले को मिले हैं। इनमें अधिकांश महिला हेडमास्टर हैं। अब जिला मुख्यालय से इन्हें स्कूल आवंटित किया जाएगा।
यह आवंटन का दूसरा चरण है। पहले चरण में जून 2025 में हेडमास्टरों को प्रमंडल और जिला आवंटित किया गया था।
प्रमंडलवार हेडमास्टरों की संख्या : तिरहुत प्रमंडल में 192, दरभंगा प्रमंडल में 130, पटना प्रमंडल में 99, भागलपुर प्रमंडल में 43, कोसी प्रमंडल में 90, मगध प्रमंडल में 58, मुंगेर प्रमंडल में 58, पूर्णिया प्रमंडल में 141, सारण प्रमंडल में 85 हेडमास्टर दिए गए हैं।
मुजफ्फरपुर को मिले 40 हेडमास्टर: तिरहुत प्रमंडल को मिले 192 हेडमास्टरों में 40 मुजफ्फरपुर जिले को मिले हैं। इनमें अधिकांश महिला हेडमास्टर हैं। अब जिला मुख्यालय से इन्हें स्कूल आवंटित किया जाएगा।





