BPSC: अभियोजन अधिकारी परीक्षा में बायोमेट्रिक जांच में गड़बड़ी, कर्मियों के नाम और आधार दोनों गलत

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15 जुलाई को बीपीएससी अभियोजन अधिकारी की परीक्षा में विभिन्न केंद्रों पर इस वजह से बायोमेट्रिक जांच भी बाधित रही। इन केंद्रों पर परीक्षार्थियों की उपस्थिति ऑफलाइन बनी। परीक्षा में पहली बार एक नई व्यवस्था की गई थी।

अभियोजन अधिकारी परीक्षा में बायोमेट्रिक जांच में गड़बड़ी

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की अभियोजन अधिकारी भर्ती परीक्षा 15 जुलाई को आयोजित हुई। मुजफ्फर नगर जिले की कई परीक्षा केंद्रों पर बायोमैट्रिक जांच बाधित रही। परीक्षा केंद्र पर पहुंचे कर्मियों का ना नाम मैच हुआ और ना ही आधार नंबर। ऐसे में इन कर्मियों को प्रवेश नहीं दिया गया। बुधवार को बीपीएससी अभियोजन अधिकारी की परीक्षा में विभिन्न केंद्रों पर इस वजह से बायोमेट्रिक जांच भी बाधित रही। इन केंद्रों पर परीक्षार्थियों की उपस्थिति ऑफलाइन बनी। परीक्षा में पहली बार एक नई व्यवस्था की गई थी।

बायोमैट्रिक जांच में गड़बड़ी

प्रशासन की ओर से सभी केंद्रों को बायोमेट्रिक जांच के लिए कर्मियों की सूची उपलब्ध कराई गई थी। आयोग का सख्त निर्देश था कि सूची में जिसका नाम है, केवल उसी कर्मी को केंद्र पर आधार मिलान करने के बाद प्रवेश मिलेगा। जिला स्कूल, एलएस कॉलेज समेत आधा दर्जन केंद्रों पर चार से पांच कर्मियों का नाम प्रशासन की भेजी गई सूची से नहीं मिला। ऐसे में इन कर्मियों को प्रवेश नहीं दिया गया।

दूसरा पेपर था कठिन

केन्द्राधीक्षकों ने कहा कि जितने कर्मी थे, इनसे जितनी संख्या में परीक्षार्थियों की बायोमेट्रिक कराई जा सकी, उतने का ही हो पाया। कई केंद्रों पर सभी की बायोमेट्रिक जांच नहीं हो पाई। आयोग के निर्देशानुसार उपस्थिति पत्रक पर इनकी उपस्थिति बनाई गई। जिले में 13 केंद्रों पर परीक्षा हुई। पहली पाली में लॉ और दूसरी में जीएस का पेपर था। अभ्यर्थियों ने कहा कि पहला पेपर सही था, दूसरा कठिन था।

पहली पाली में समय पर पहुंचे, दूसरी में हो गए लेट

पहली पाली में परीक्षा दी, लेकिन दूसरी पाली में देर से आने के कारण दर्जनों अभ्यर्थियों को केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। एलएस कॉलेज समेत कई केंद्रों के बाहर ऐसे परीक्षार्थी गुहार लगाते रहे। अभ्यर्थियों ने कहा कि पहली पाली की परीक्षा के बाद बाहर निकल गए थे। आधे घंटे पहले पहुंचे तो प्रवेश नहीं दिया गया। केन्द्राधीक्षकों ने कहा कि दोनों पालियों में जांच करनी थी। दोनों ही पालियों में एक-एक घंटे पहले पहुंचना था। नालंदा, जमुई, वैशाली समेत कई जगहों से आए इन परीक्षार्थियों ने हल्ला भी किया। मगर पुलिसकर्मियों के हड़काने पर शांत हो गए।

जीएस के सवाल ने अभ्यर्थियों के छुड़ाये पसीने

जिले में 13 केंद्रों पर परीक्षा हुई। पहली पाली में लॉ और दूसरी पाली में जीएस का पेपर था। रामेश्वर सिंह कॉलेज से परीक्षा देकर निकल रहे अभ्यर्थियों ने कहा कि पहला पेपर सही था, दूसरा कठिन था। जीएस में इतिहास से अधिक बायो और भूगोल से सवाल पूछे गये थे। लॉ के पेपर में भी कई धारा, कानून से जुड़े सवाल घूमा फिरा कर पूछे गये थे।

Dheeraj Pal

लेखक के बारे में

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संक्षिप्त विवरण: धीरज पाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए इन्हें 4 साल हो गए हैं। धीरज एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने राजनीति समाचार, एजुकेशन बीट के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है।

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धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। हिंदुस्तान लाइव में यूपी बोर्ड से लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव कवर करने साथ-साथ खेल जैसे बीट पर काम किया। अब इनका एकमात्र उद्देश्य करियर और एजुकेशन से जुड़ी रुचिगत, सरल, प्रमाणिक और पाठक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

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