BPSC 71वीं परीक्षा की उलटी गिनती शुरू, एक चूक पड़ सकती है भारी; इन बातों का रखें ध्यान
bpsc 71st pre exam 2025: बीपीएससी की 71वीं पीटी परीक्षा 13 सितंबर को कड़ी निगरानी में की जाएगी। आयोग की तरफ से बताया गया है कि सेंटर केवल सरकारी स्कूलों में होंगे।

bpsc 71st pre exam 2025: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 71वीं पीटी परीक्षा 13 सितंबर, 2025 को होगी, जिसमें इस बार करीब 4 लाख 70 हजार अभ्यर्थी शामिल होंगे। आयोग के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह, सचिव सत्य प्रकाश शर्मा और संयुक्त सचिव कुंदन कुमार ने परीक्षा से जुड़ी तैयारियों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि आयोग और जिला प्रशासन, दोनों तरफ से परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए तैयारी कर ली गई है ।
इन बातों का रखें ध्यान
परीक्षा 13 सितंबर को राज्य के 37 जिलों के कुल 912 सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में एक ही पाली में आयोजित होगी। परीक्षा दोपहर 12 बजे से 2 बजे के बीच होगी। अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड 6 सितंबर से ऑनलाइन डाउनलोड करने की सुविधा दी गई है, और 11 सितंबर को हर परीक्षार्थी को अपना परीक्षा सेंटर भी पता चल जाएगा।
इस बार सिर्फ सरकारी स्कूल और कॉलेज को ही परीक्षा सेंटर बनाया गया है, कोई भी निजी स्कूल या कॉलेज नहीं शामिल हुआ है। आयोग ने साफ किया है कि दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए उनके ही होम डिस्ट्रीक्ट में सेंटर दिया जाएगा, और महिला अभ्यर्थियों को भी अधिकतर अपने जिले के आसपास के इलाकों में सेंटर मिलेगा। पटना में इस बार 500 विद्यार्थियों के लिए 70 से ज्यादा परीक्षा सेंटर बनाए गए हैं।
परीक्षा को लेकर क्या है आयोग की तैयारी
सुरक्षा के लिहाज से हर सेंटर पर सीसीटीवी, जैमर, बायोमेट्रिक अटेंडेंस और लाइव मॉनिटरिंग की व्यवस्था रहेगी। साथ ही 9 सितंबर को जिला प्रशासन के अधिकारियों की बैठक बुलाकर उन्हें ब्रीफ किया जाएगा। परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि अभ्यर्थी को परीक्षा शुरू होने के सवा दो घंटे पहले यानी 9:30 बजे से 11 बजे के बीच सेंटर पहुंचना जरूरी है, इसके बाद एंट्री नहीं दी जाएगी। एग्जाम में लेट पहुंचने पर किसी को प्रवेश नहीं मिलेगा।
प्रश्नपत्र में हर सवाल का चार विकल्प होगा, परीक्षा OMR शीट पर ली जाएगी। इस बार भी 1/3 नेगेटिव मार्किंग रखी गई है यानी तीन गलत उत्तर पर एक नंबर कट जाएगा। अभ्यर्थियों को ओएमआर शीट को बहुत सावधानी से भरने की सलाह दी गई है, इरेजर या वाइटनर का इस्तेमाल करने या गोलों को गलत रंगने पर OMR स्कैनर फॉर्म को रिजेक्ट कर सकता है, जिससे अभ्यर्थी का नंबर कट सकता है।
आयोग ने अपनी छवि सुधारने, पारदर्शिता और शिकायत निवारण को लेकर भी खास कदम उठाया है। परीक्षा के 48 घंटे के भीतर कोई भी अभ्यर्थी एफिडेविट के साथ अगर कोई असली शिकायत करता है तो 72 घंटे में संबंधित जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर कार्रवाई होगी। इस बार कंट्रोल रूम, टोल फ्री नंबर और सोशल मीडिया के जरिए अफवाहों की निगरानी की जाएगी।


