पिता को 2 लाख रुपये महीना सैलरी दे रहा 12वीं का लड़का, मिलिए 16 साल के AI चैंपियन से

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
Follow us on Google News
share

केरल के 16 वर्षीय राउल जॉन ने अपने पिता को 2 लाख रुपये प्रति माह सैलरी की नौकरी पर रखा हुआ है। वह एआई टीचर, डेवलपर, उद्यमी और लेक्चरर बन चुके हैं।

Raul John Aju
राउल जॉन अजू

आमतौर पर 16 साल की उम्र में लड़के 11वीं 12वीं क्लास में पढ़ रहे होते हैं। पेरेंट्स से पॉकेट मनी लेकर पढ़ाई के दबाव के बीच नए नए दोस्त बनाते हुए स्टूडेंट लाइफ का आनंद ले रहे होते हैं। या फिर अपने ड्रीम कॉलेज व कोर्स को पाने के लिए जेईई मेन, नीट, सीयूईटी या फिर अन्य प्रवेश परीक्षा की तैयारी में डूबे रहते हैं। लेकिन केरल के टीनेजर राउल जॉन अजू इन लड़कों से हटकर हैं। 16 की उम्र में राउल जॉन ने अपने पिता को 2 लाख रुपये प्रति माह सैलरी की नौकरी पर रखा हुआ है। जिंदगी के सबसे खूबसूरत और यादगार समय किशोरावस्था में वह एआई टीचर, डेवलपर, उद्यमी और लेक्चरर बन चुके हैं। वह कक्षा 12वीं कॉमर्स के छात्र हैं लेकिन अपना एक स्टार्टअप चलाते हैं जिसमें 15 लोगों को नौकरी पर रखा हुआ है। उन्होंने दुनियाभर में करीब 5 लाख छात्रों को AI की ट्रेनिंग दी है और 15 AI टूल विकसित किए हैं। हाल ही में उनकी मुलाकात संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से भी हुई। ये सब चीजें उन्होंने स्कूल लाइफ खत्म होने से पहले ही पूरी कर ली है।

केरल के एक बेहद शांत इलाके पथानामथिट्टा के रहने वाले राउल नॉर्थ इडापल्ली जीएचएसएस में 12वीं कॉमर्स के छात्र हैं। उन्होंने काफी हद तक स्व अध्ययन ही किया है। उन्होंने 12 साल की उम्र में अपना पहला रोबोट बनाया था और इसके बाद कई AI टूल विकसित किए। उन्होंने AI को सरकारी सेवाओं में शामिल करने को लेकर केरल और दुबई की सरकारों को सलाह भी दी है। इसके अलावा वह बड़ी टेक कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में लेक्चर दे चुके हैं। सोशल मीडिया पर उनके अकाउंट 'Raul the Rockstar' को करीब 5 लाख लोग फॉलो करते हैं।

पिता को ही क्यों बनाया कर्मचारी

राउल के पिता अजू जोसेफ को कॉरपोरेट वर्ल्ड का अच्छा खास अनुभव है। वह अमेजन, एडोबी, विप्रो और IBM जैसी बड़ी कंपनियों में काम कर चुके हैं। अब वह अपने बेटे की कंपनी में काम करते हैं।

पिता को कंपनी में शामिल करने के सवाल पर राउल ने कहा कि वह फोन से जितना चाहें उतना ज्ञान हासिल कर सकते हैं, लेकिन उनके पिता के पास जो प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस है, वह उनके पास नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि पिता के अमेजन, एडोबी, विप्रो और IBM जैसी कंपनियों में काम करने का अनुभव उन्हें काफी कुछ सीखने में मदद करता है। साथ ही उनके अनुसार यह मार्केटिंग के लिहाज से भी अच्छा फैसला था।

AI की आसान पढ़ाई उपलब्ध करा रहे

राउल अपने टैलेंट से स्टार्टअप AI Technologies, ThinkCraft Academy शुरू कर चुके हैं। इसके जरिए IIT, IIM, विदेशी विश्वविद्यालयों और कॉरपोरेट संस्थानों से जुड़े छात्र और पेशेवर AI की ट्रेनिंग लेते हैं। राउल का मानना है कि AI को डरावना या बेहद कठिन विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। इसे कंप्यूटर साइंस की डिग्री या वर्षों की तकनीकी ट्रेनिंग के बिना भी समझा जा सकता है। ThinkCraft Academy के जरिए उन्होंने दुनियाभर में करीब 5 लाख छात्रों को ट्रेनिंग दी है।

AI टूल्स जो असली समस्याओं को हल करते हैं

राउल ने जो 15 AI टूल्स बनाए हैं, उनमें से RESQ AI अपने मकसद के लिए सबसे अलग है। उन्होंने UN न्यूज को बताया, "अगर आप किसी इमरजेंसी सिचुएशन में हैं, तो यह टूल आपको बताएगा कि क्या करना है और कौन से कानून लागू होते हैं। यह आपको एक वकील से जोड़ेगा और वकील को हज़ारों ऐसे ही केस देखकर केस जीतने की स्ट्रेटेजी बनाने में भी मदद करेगा।" दूसरे टूल्स में MeBot, ZapGap, Investo AI, और FeedFye शामिल हैं, जिनमें से हर एक को सिर्फ टेक्निकल क्षमता दिखाने के लिए नहीं बल्कि असल दुनिया की खास जरूरतों के हिसाब से डिजाइन किया गया है।

AI डरावना नहीं होना चाहिए

राउल कहते हैं कि AI डरावना नहीं होना चाहिए। इसे समझने के लिए कंप्यूटर साइंस की डिग्री या सालों की टेक्निकल ट्रेनिंग की जरूरत नहीं होनी चाहिए। यह गांवों में स्टूडेंट्स, ऑफिस में प्रोफेशनल्स और जो कोई भी सीखना चाहता है, उसके लिए आसान होना चाहिए। थिंकक्राफ्ट के जरिए राउल ने दुनिया भर में लगभग पांच लाख स्टूडेंट्स को ट्रेन किया है। इसकी पहुंच सच में ग्लोबल है, जिसमें दुनिया भर के दूर-दराज के कर्मचारी केरल के एक घर से शुरू हुए एक वेंचर में योगदान दे रहे हैं।

पथानामथिट्टा से UN तक

राउल की कामयाबियों की वजह से उन्हें बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों में बोलने का मौका मिला है और नई दिल्ली में 2026 में होने वाले इंडिया AI समिट समेत इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में बुलाया गया है। उन्हें वर्ल्ड एजुकेशन मेडल्स 2025 के फाइनलिस्ट के तौर पर भी चुना गया है। यह HP का शुरू किया गया एक ग्लोबल कॉम्पिटिशन है, जिसका मकसद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके एजुकेशन को बदलने और सीखने की कमियों को दूर करने के लिए किए जा रहे नए कामों को सामने लाना है।

Pankaj Vijay

लेखक के बारे में

Pankaj Vijay

पंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार

शॉर्ट बायो पंकज विजय एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में livehindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। वे करियर, स्कूल व हायर एजुकेशन, जॉब्स से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। 9 वर्षों से यहां इसी भूमिका में हैं। सरकारी भर्तियों, बोर्ड व एंट्रेंस एग्जाम, प्रतियोगी परीक्षाओं, उनके परिणाम, बदलते दौर में करियर की नई राहों, कोर्स, एडमिशन एवं नए जमाने के रोजगार के लिए जरूरी स्किल्स से जुड़ी अपडेट तेजी से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं।


15 से अधिक सालों का अनुभव

पंकज विजय ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। अमर उजाला समाचार पत्र में रिसर्च, संपादकीय और करियर एजुकेशन जॉब्स डेस्क पर काम किया। यहां उन्हें फीचर लेखन व रिपोर्टिंग का भी मौका मिला। इसके बाद उन्होंने आज तक डिजिटल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आज तक वेबसाइट पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और एजुकेशन व रोजगार जगत से जुड़ी खबरें लिखीं। इसके बाद एनडीटीवी ऑनलाइन में एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर इस विषय में अपनी समझ को और व्यापक बनाया। एनडीटीवी की पारी के बाद वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और बीते 9 वर्षों से करियर एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर रहे हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में एमए व दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। एनसीसी सी सर्टिफिकेट होल्डर हैं जिसके चलते उन्हें रक्षा क्षेत्र जैसे पुलिस व सेनाओं की भर्तियों की बेहतर समझ है।


विजन

तमाम तरह के करियर, स्कूल एजुकेशन, हायर एजुकेशन, भर्तियों, प्रतियोगी परीक्षाओं, एंट्रेंस एग्जाम, नौकरी के लिए जरूरी स्किल्स एवं बेरोजगार युवाओं के मुद्दों को लेकर पंकज के पास गहरी समझ है। उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के कई टॉपरों के इंटरव्यू किए हैं। उनकी लिखी सक्सेस स्टोरीज युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को प्रेरित करती रही हैं। पंकज का मानना है कि विश्वसनीयता, पारदर्शिता और तथ्यपरकता ही पत्रकारिता की असली ताकत है। उनका लक्ष्य स्कूली छात्रों व बेहतर करियर एवं सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को आसान भाषा में सटीक, तेज और भरोसेमंद जानकारी देना है।


विशेषज्ञता

तमाम तरह की सरकारी भर्तियां, परीक्षाएं व उनके परिणाम
स्कूल एजुकेशन, हायर एजुकेशन, कोर्स, एडमिशन से जुड़े विषय
बोर्ड रिजल्ट लाइव कवरेज और शिक्षा एवं रोजगार जगत संबंधी ब्रेकिंग
स्कूलिंग के बाद करियर की राहें
यूपीएससी, जेईई मेन व नीट जैसी बड़ी परीक्षाओं के टॉपरों के इंटरव्यू
छात्रों के ज्ञान के लिए रिसर्च बेस्ड और एक्सप्लेनर स्टोरी

और पढ़ें
Hindi News के साथ करियर सेक्शन में पढ़ें लेटेस्ट एजुकेशन न्यूज़, सरकारी जॉब , एग्जाम , एडमिशन से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें। हर अपडेट सबसे पहले पाने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।
Hindi Newsकरियर न्यूज़पिता को 2 लाख रुपये सैलरी दे रहा 12वीं का लड़का, मिलिए 16 साल के AI चैंपियन से