बिहार की जुड़वा बहनों का कमाल, एक साथ क्रैक की CSIR UGC NET परीक्षा, एक को मिला JRF
बिहार के मुजफ्फरपुर की जुड़वा बहनों शनाया निशांत और शोनाया निशांत ने सीएसआईआर नेट परीक्षा में सफलता हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। दोनों बहनों ने इसके लिए कोई कोचिंग नहीं ली।

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर प्रखंड की जुड़वा बहनों शनाया निशांत और शोनाया निशांत ने सीएसआईआर नेट परीक्षा में सफलता हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। दोनों बहनों ने बिना किसी बड़े शहरों में कोचिंग लिए अपने गांव खरहर में रहकर सेल्फ स्टडी के जरिए यह उपलब्धि हासिल की है। शनाया निशांत ने ऑल इंडिया में 92वीं रैंक हासिल करते हुए जूनियर रिसर्च फेलोशिप के लिए क्वालिफाई किया है। उनकी जुड़वा बहन शोनाया निशांत ने भी परीक्षा उतीर्ण की है। दोनों ने जंतुविज्ञान विषय में यह सफलता हासिल की है। दोनों बहनों ने अपनी उच्च शिक्षा एलएस कॉलेज से पूरी की है।
स्व-अध्ययन और निरंतर मेहनत को बनाया आधार
जहां बड़ी संख्या में विद्यार्थी महानगरों और कोचिंग हब का रुख करते हैं, वहीं शनाया और शोनाया ने अपने गृह क्षेत्र मीनापुर में रहकर ही तैयारी जारी रखी। दोनों बहनों ने सीमित संसाधनों के बीच स्व-अध्ययन और निरंतर मेहनत को अपनी तैयारी का आधार बनाया। जेआरएफ के लिए चयन से उन्हें आगे रिसर्च और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में काम करने का अवसर मिलेगा। दोनों बहनों ने कहा कि आगे पीएचडी और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करेगा। बेहतर संसाधनों के साथ-साथ निरंतर अध्ययन, अनुशासन और आत्मविश्वास भी सफलता की राह तैयार कर सकते हैं।
क्या है सीएआईआर यूजीसी नेट परीक्षा
इस परीक्षा का आयोजन जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF), सहायक प्रोफेसर की नियुक्ति के लिए पात्रता, पीएचडी में दाखिले के लिए किया जाता है। सीएसआईआर नेट परीक्षा विज्ञान, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अभ्यर्थियों का चयन करने के लिए आयोजित होती है। इसमें विज्ञान के विषय जैसे फिजिक्स, कैमिस्ट्री, मैथ्स, बायोलॉजी, जियोलॉजी आदि की परीक्षा होती है।
सर्टिफिकेट और आगे की प्रक्रिया
रिजल्ट घोषित होने के कुछ समय बाद सफल उम्मीदवारों के लिए यूजीसी और सीएसआईआर द्वारा 'ई-सर्टिफिकेट' जारी किए जाएंगे। जो उम्मीदवार जेआरएफ के लिए क्वालीफाई करेंगे, वे विभिन्न शोध संस्थानों में पीएचडी के लिए आवेदन करने के पात्र होंगे, वहीं नेट पास करने वाले उम्मीदवार विश्वविद्यालयों में पढ़ाने (लेक्चररशिप) के लिए योग्य माने जाएंगे।


