
Bihar Schools: बिहार में 3 साल में 3.5 गुना बढ़े 'शून्य' या कम नामांकन वाले स्कूल, 3.5 लाख छात्रों का नाम कटा
Bihar Schools: बिहार में राज्य के सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या लगातार घट रही है। इस कारण विद्यालयों की संख्या भी सिमटते जा रही है। पिछले तीन वर्षों में 10 या उससे कम बच्चे नामांकित वाले स्कूलों की संख्या लगभग 3.5 गुना बढ़ गई है।
Bihar Schools: बिहार में राज्य के सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या लगातार घट रही है। इस कारण विद्यालयों की संख्या भी सिमटते जा रही है। पिछले तीन वर्षों में 10 या उससे कम बच्चे नामांकित वाले स्कूलों की संख्या लगभग 3.5 गुना बढ़ गई है। विद्यार्थियों की कम संख्या और संसाधनों के बेहतर उपयोग के उद्देश्य से एक साल में 1783 स्कूलों का विलय किया गया है। शिक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, बिहार में पिछले तीन वर्षों में 10 या उससे कम नामांकन वाले स्कूलों की संख्या वर्तमान में 225 से बढ़कर 730 हो गई है।
निरीक्षण के दौरान स्कूलों की होगी जांच
तीन जिलों में एक-एक स्कूल ऐसे भी हैं, जहां एक भी बच्चा नामांकित नहीं है। इनमें भागलपुर, कटिहार और पूर्वी चंपारण जिला शामिल हैं। लेकिन स्थिति यह कि इन 10 और उससे कम नामांकन वाले 730 विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की संख्या 3600 है। वर्ष 2022-23 में ऐसे कम नामांकन वाले स्कूलों की संख्या केवल 225 थी। जहां 1046 शिक्षक थे। यह संख्या 2023-24 में बढ़कर क्रमश: 534 और 2539 हो गई जबकि 2024-25 में यह और भी अधिक बढ़कर 730 स्कूलों तथा 3600 शिक्षकों पर पहुंच गई है। स्कूलों के निरीक्षण के दौरान ऐसे स्कूलों की जांच की जाएगी। कम नामांकन के पीछे के कारणों का पता लगाया जाएगा।
दोहरे नामांकन वाले 3.5 लाख से अधिक बच्चों का नाम कटा
स्कूलों में बच्चों की घटती संख्या का एक प्रमुख कारण बच्चों की आधार कार्ड सीडिंग है। शिक्षा विभाग ने ई- शिक्षा कोष पोर्टल पर जब विद्यालयों में नामांकित बच्चों के आधार कार्ड मांगे तो विभाग को कई दोहरे नामांकन वाले बच्चों की जानकारी मिली। तीन लाख से अधिक बच्चों का नाम दोहरे नामांकन की वजह से सरकारी स्कूलों से काटा गया। इनमें पटना जिले के भी लगभग नौ हजार बच्चे शामिल थे। सरकारी स्कूल में मिलने वाली योजनाओं का लाभ उठाने के कारण इन बच्चों ने दो- दो जगहों पर नामांकन करा रखा था। आधार कार्ड जोड़ने की प्रक्रिया में जब मामले उजागर हुआ तो ऐसे बच्चों के नाम काट दिए गए।
77856 से घटकर 76073 हुए सरकारी स्कूल
पिछले एक साल में सरकारी स्कूलों की संख्या 77856 से घटकर 76073 हो गई है। बिहार के बक्सर जिला को छोड़ कर सभी जिलों में स्कूलों की संख्या घटी है। बक्सर जिले में 23 स्कूल बढ़े हैं।
10 या इससे कम नामांकन वाले स्कूल-शिक्षक की संख्या
वर्ष संख्या शिक्षक
2022 -23 225 1046
2023-24 534 2539
2024-25 730 3600

लेखक के बारे में
Prachiदिल्ली की रहने वाली प्राची लाइव हिन्दुस्तान में ट्रेनी कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले 1.5 वर्षों से वे करियर और शिक्षा क्षेत्र की बारीकियों को कवर कर रही हैं। प्राची ने प्रतिष्ठित भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC) से इंग्लिश जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा और दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिस्ट्री ऑनर्स में ग्रेजुएशन किया है। लाइव हिन्दुस्तान से 2024 में जुड़ने से पहले, उन्होंने 'नन्ही खबर', 'सी.वाई. फ्यूचर लिमिटेड' और 'कुटुंब' जैसे संस्थानों में कंटेंट लेखक के रूप में अपनी लेखनी को निखारा है। इतिहास की समझ और पत्रकारिता के जुनून के साथ, प्राची को खाली समय में उपन्यास पढ़ना और विश्व सिनेमा देखना पसंद है।
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