केन्द्रीय विद्यालय के छात्र की NEET UG में 232वीं रैंक, JEE Main में थे 97.50 पर्सेंटाइल
पटना में खगौल स्थित पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय के छात्र शाश्वत तिवारी ने नीट (यूजी) 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया में 232वां रैंक हासिल किया है। उन्होंने 720 में से 681 अंक हासिल किए।

पटना में खगौल स्थित पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय के छात्र शाश्वत तिवारी ने नीट (यूजी) 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया में 232वां रैंक हासिल किया है। उन्होंने 720 में से 681 अंक हासिल किए। उन्होंने नेस्ट 2026 में एआईआर 590 और जेईई मेन 2026 में 97.50 परसेंटाइल अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। उनकी इस उपलब्धि पर पिता अजीत कुमार ने कहा कि यह शाश्वत की मेहनत का फल है। स्कूल में खुशी का माहौल है।
आयुष राज को नीट में मिली 7071वीं रैंक
पटना राजीव नगर रोड नंबर 14 के रहने वाले आयुष राज ने नीट में 7071 रैंक हासिल की है। पत्रकार प्रमोद पांडेय के पुत्र आयुष राज को 611 अंक आए हैं। उन्होंने सफलता को श्रेय अपने माता-पिता को दिया। कहा कि उनका सपना चिकित्सा के क्षेत्र में शोध कर मानवता की सेवा करना है। आयुष राज की इस सफलता में परिजनों में खुशी का माहौल है।
बिहार टॉपर आयुष के पिता बोले, बेटे ने सिर ऊंचा किया
वारिसलीगंज। वारिसलीगंज नगर के कमलिया मिल मोहल्ला निवासी व्यवसायी सुनील भालोटिया के छोटे पुत्र आयुष भालोटिया ने री-नीट 2026 में देश स्तर पर चौथा तथा राज्य स्तर पर पहला स्थान लाकर बिहार का मान बढ़ाया है। वारिसलीगंज के विवेकानंद पब्लिक स्कूल से 2026 में इंटरमीडिएट करने के बाद आयुष ने कोटा जाकर नीट की तैयारी की। प्रथम प्रयास में ही उन्हें सफलता मिली। आयुष के बड़े भाई अमेरिका में एमटेक की पढ़ाई कर रहे हैं। सुनील भालोटिया ने कहा, बेटों ने मेरा सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।
शिक्षक की नौकरी छोड़कर मां ने बेटा बेटी को कोटा में पढ़ाया, दोनों सफल
हर मां अपने बच्चों के लिए त्याग करती है, लेकिन कुछ फैसले ऐसे होते हैं जो पूरे परिवार की तकदीर बदल देते हैं। पूर्णिया की रहने वाली अंजू कुमारी ने भी ऐसा ही निर्णय लिया। शिक्षक बनने का सपना साकार होने ही वाला था। नौकरी मिल गई थी, लेकिन उन्होंने ज्वाइन नहीं किया। उन्होंने अपने कॅरियर से पहले बच्चों का भविष्य चुना और बेटा-बेटी को लेकर कोटा चली गईं, ताकि वे पूरी एकाग्रता के साथ नीट की तैयारी कर सकें। मां के इस त्याग का बच्चों ने भी सम्मान किया और दोनों ने एक साथ नीट में सफलता हासिल कर परिवार का सपना साकार कर दिया।
अंजू कुमारी के इस फैसले में उनके पति चंदन कुमार ने भी पूरा साथ दिया। पूर्णिया के रहने वाले चंदन कुमार केनरा बैंक में सहायक प्रबंधक हैं। नौकरी की जिम्मेदारियों के साथ उन्होंने परिवार की हर जरूरत का ध्यान रखा। पत्नी के कठिन निर्णय का सम्मान किया और कभी यह महसूस नहीं होने दिया कि वह इस संघर्ष में अकेली हैं। माता-पिता के त्याग और विश्वास को बच्चों ने अपनी सबसे बड़ी जिम्मेदारी माना। उन्होंने पूरी लगन और मेहनत से तैयारी की और उसका परिणाम भी शानदार रहा। बेटे आयुष आर्य ने नीट में 638 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक 287 (जनरल रैंक 181) हासिल की। वहीं, बेटी ईवाना आर्य ने 624 अंक के साथ ऑल इंडिया रैंक 4427 (जनरल रैंक 2071) प्राप्त कर डॉक्टर बनने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की। आयुष आर्य ने जेईई के पहले चरण में भी 99.26 पर्सेंटाइल हासिल किया है। इसके बावजूद परिवार का सपना उन्हें डॉक्टर बनाना है, इसलिए उन्होंने नीट की तैयारी पर पूरा ध्यान केंद्रित किया। रिजल्ट आने के बाद परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मां की आंखों में वर्षों के संघर्ष और त्याग की चमक थी, पिता के चेहरे पर संतोष था और बच्चों के मन में अपने माता-पिता के प्रति गहरी कृतज्ञता। यह केवल दो बच्चों की सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि उस मां के त्याग की मिसाल है जिसने अपना कॅरियर दांव पर लगा दिया, उस पिता के विश्वास की कहानी है जिसने हर कदम पर परिवार का संबल बनकर साथ निभाया और उन बच्चों की मेहनत का परिणाम है जिन्होंने अपने माता-पिता के हर त्याग का सम्मान अपनी सफलता से किया।


