
आने वाली है खुशखबरी! बिहार में दो नए विभागों में 260 पदों पर बहाली, कैबिनेट की मंजूरी बाकी
बिहार सरकार ने दो नए विभागों के गठन के बाद 260 पदों पर बहाली की तैयारी कर ली है, कैबिनेट से मंजूरी मिलते ही प्रक्रिया तेज होगी।
बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए राहत और उम्मीद की बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार द्वारा हाल ही में गठित किए गए दो नए विभागों में बड़े पैमाने पर बहाली की योजना बनाई गई है। यह बहाली न केवल प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करेगी, बल्कि राज्य के हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी खोलेगी। खास बात यह है कि इन पदों पर नियुक्ति अधिकारी स्तर से लेकर कर्मचारी स्तर तक की जाएगी, जिससे अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता वाले अभ्यर्थियों को मौका मिल सकेगा।
राज्य सरकार ने नये गठित उच्च शिक्षा विभाग और नागर विमानन विभाग में कुल 260 पदों के सृजन का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इस प्रस्ताव को वित्त विभाग की सहमति मिल चुकी है और अब इसे कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार है। माना जा रहा है कि आगामी कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिल सकती है, जिसके बाद बहाली की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी।
उच्च शिक्षा विभाग में सबसे ज्यादा पद
प्रस्ताव के अनुसार, उच्च शिक्षा विभाग में कुल 161 पद सृजित किए जाएंगे। विभागीय कामकाज को सुचारु रूप से चलाने के लिए यहां 16 सेक्शन यानी प्रशाखाएं बनाई जाएंगी। प्रत्येक प्रशाखा का नेतृत्व अधिकारी स्तर के पदाधिकारी करेंगे।
इन 161 पदों में सबसे अधिक संख्या प्रशाखा सहायक के पदों की होगी। कुल 48 प्रशाखा सहायक नियुक्त किए जाएंगे, जो विभागीय फाइलों, योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों में अहम भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा उच्च वर्गीय लिपिक, निम्न वर्गीय लिपिक, चालक और कार्यालय परिचारी जैसे पद भी शामिल हैं।
नागर विमानन विभाग में 99 पद
दूसरी ओर, राज्य के नागर विमानन विभाग में कुल 99 पदों पर बहाली की जाएगी। यह विभाग राज्य में हवाई सेवाओं, एयरपोर्ट विकास और विमानन से जुड़ी योजनाओं की देखरेख करता है। विभाग के विस्तार के साथ-साथ यहां भी अधिकारी और कर्मचारी स्तर के पदों की जरूरत महसूस की जा रही थी, जिसे ध्यान में रखते हुए पद सृजन का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
चयन प्रक्रिया का खाका तैयार
सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अलग-अलग स्तर के पदों के लिए चयन प्रक्रिया अलग-अलग आयोगों के माध्यम से की जाएगी। अधिकारी स्तर के पदों पर नियुक्ति बिहार लोक सेवा आयोग यानी बीपीएससी के जरिए की जाएगी। वहीं सहायक, लिपिक, चालक और कार्यालय परिचारी जैसे पदों के लिए चयन बिहार राज्य कर्मचारी चयन आयोग द्वारा कराया जाएगा। इससे भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और नियमों के अनुरूप होने की उम्मीद जताई जा रही है।
कैबिनेट से मंजूरी के बाद शुरू होगी प्रक्रिया
हालांकि फिलहाल इन पदों के सृजन को लेकर अंतिम मंजूरी कैबिनेट से मिलना बाकी है। वित्त विभाग की सहमति मिलने के बाद अब केवल औपचारिक स्वीकृति शेष है। सूत्रों के अनुसार, सरकार आगामी कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को रख सकती है और मंजूरी मिलने के तुरंत बाद भर्ती से जुड़ा नोटिफिकेशन जारी किया जा सकता है।
युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा मौका
राज्य में बढ़ती बेरोजगारी के बीच यह खबर युवाओं के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। खासकर वे अभ्यर्थी जो लंबे समय से बीपीएससी और कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए यह बहाली सुनहरा अवसर साबित हो सकती है। उच्च शिक्षा और नागर विमानन जैसे महत्वपूर्ण विभागों में नौकरी मिलने से करियर के साथ-साथ प्रशासनिक अनुभव भी मिलेगा।

लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव




