मैट्रिक पास छात्रों के खाते में आएंगे 8 हजार से 15 हजार रुपये, मेधासॉफ्ट पोर्टल पर आवेदन शुरू; जानिए डिटेल
बिहार में मैट्रिक 2026 पास छात्रों के लिए मेधासॉफ्ट पोर्टल पर मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजनाओं के आवेदन शुरू हो गए हैं। पात्र विद्यार्थियों को 8 हजार से 15 हजार रुपये तक की सहायता राशि मिलेगी।

मैट्रिक परीक्षा पास करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। बिहार सरकार ने वर्ष 2026 में मैट्रिक परीक्षा में सफल विद्यार्थियों के लिए विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं के तहत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब पात्र छात्र-छात्राएं मेधासॉफ्ट पोर्टल पर आवेदन करके 8 हजार रुपये से लेकर 15 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं। शिक्षा विभाग का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य मेधावी और जरूरतमंद विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई जारी रखने में मदद करना है, ताकि आर्थिक कारणों से उनकी शिक्षा प्रभावित न हो।
मेधासॉफ्ट पोर्टल पर शुरू हुई आवेदन प्रक्रिया
शिक्षा विभाग के अनुसार, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित मैट्रिक परीक्षा 2026 में सफल विद्यार्थियों के लिए आवेदन प्रक्रिया 25 मई 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक छात्र-छात्राओं को मेधासॉफ्ट पोर्टल पर जाकर अपने विवरणों का सत्यापन करना होगा और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ऑनलाइन आवेदन जमा करना होगा। विभाग का मानना है कि इन योजनाओं से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की ओर बढ़ने का प्रोत्साहन मिलेगा और स्कूल छोड़ने की प्रवृत्ति में भी कमी आएगी।
किन योजनाओं का मिलेगा लाभ
इस बार कई महत्वपूर्ण छात्र प्रोत्साहन योजनाओं के तहत लाभ दिया जाएगा। इनमें मुख्यमंत्री बालिका प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति मेधावृत्ति योजना, मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना तथा अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थियों के लिए संचालित योजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं का मकसद बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करना और उनकी आगे की पढ़ाई को आर्थिक सहारा देना है।
प्रथम और द्वितीय श्रेणी वालों को कितनी मिलेगी राशि
सरकार ने विभिन्न श्रेणियों के विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग प्रोत्साहन राशि तय की है। मुख्यमंत्री बालिका प्रोत्साहन योजना और मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के तहत प्रथम श्रेणी से मैट्रिक उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को 10 हजार रुपये दिए जाएंगे। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को प्रथम श्रेणी में 10 हजार रुपये तथा द्वितीय श्रेणी में 8 हजार रुपये की सहायता राशि मिलेगी। वहीं इंटरमीडिएट स्तर पर अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग की छात्राओं को प्रथम श्रेणी में 15 हजार रुपये और द्वितीय श्रेणी में 10 हजार रुपये का लाभ दिया जाएगा। यह पूरी राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी।
आवेदन से पहले इन बातों की जांच जरूर करें
शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों और अभिभावकों को सलाह दी है कि आवेदन करने से पहले मेधासॉफ्ट पोर्टल पर उपलब्ध सभी जानकारियों को ध्यान से जांच लें। यदि नाम, जन्मतिथि, बैंक खाता संख्या या अन्य किसी जानकारी में गलती है तो पहले उसका सुधार कराना जरूरी होगा। विभाग का कहना है कि गलत जानकारी के कारण आवेदन रद्द होने या भुगतान में देरी होने की संभावना रहती है।
आधार से लिंक बैंक खाता होना जरूरी
प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के लिए विद्यार्थी का बैंक खाता आधार से जुड़ा होना अनिवार्य है। साथ ही बैंक खाता छात्र या छात्रा के अपने नाम पर होना चाहिए। संयुक्त खाता या अभिभावक के नाम पर संचालित बैंक खाते में राशि नहीं भेजी जाएगी। जिन विद्यार्थियों के खाते अभी तक आधार से लिंक नहीं हैं, उन्हें जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।
विद्यालयों को दी गई विशेष जिम्मेदारी
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सभी सरकारी और मान्यता प्राप्त विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया है कि वे पात्र छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों तक योजना की जानकारी पहुंचाएं। विद्यालयों को आवेदन प्रक्रिया समझाने, आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने और जागरूकता अभियान चलाने की जिम्मेदारी दी गई है ताकि कोई भी पात्र विद्यार्थी जानकारी के अभाव में योजना के लाभ से वंचित न रह जाए।
तकनीकी समस्या होने पर कहां मिलेगी मदद
ऑनलाइन आवेदन के दौरान यदि किसी विद्यार्थी को तकनीकी परेशानी आती है तो वह 8986294256, 9534547098 और 8298406704 मोबाइल नंबरों पर संपर्क कर सकता है। इसके अलावा शिक्षा विभाग द्वारा जारी ई-मेल के माध्यम से भी सहायता प्राप्त की जा सकती है। विभाग ने सभी पात्र विद्यार्थियों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि किसी भी तरह की तकनीकी दिक्कत से बचा जा सके।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


