बिहार में पारा मेडिकल और फार्मेसी कॉलेजों की मान्यता अब होगी ऑनलाइन; अब घर बैठे देखें कॉलेज की हकीकत
बिहार के स्वास्थ्य विभाग ने राज्य की चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक बड़ा और बड़ा कदम उठाया है। अब पारा मेडिकल और फार्मेसी कॉलेजों के लिए भी ऑनलाइन व्यवस्था लागू की जाएगी। इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य मान्यता की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी बनाना है।

बिहार के स्वास्थ्य विभाग ने राज्य की चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक बड़ा और बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य के पारा मेडिकल और फार्मेसी संस्थानों को मान्यता देने की प्रक्रिया पूरी तरह बदलने वाली है। नर्सिंग कॉलेजों की सफल ऑनलाइन मान्यता प्रणाली के बाद, अब पारा मेडिकल और फार्मेसी कॉलेजों के लिए भी ऑनलाइन व्यवस्था लागू की जाएगी। इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य मान्यता की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी बनाना है।
विभागीय पदाधिकारियों के अनुसार, मान्यता के लिए आवेदन देने से लेकर अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करने तक की सारी बाधाएं अब खत्म हो जाएंगी। इसके लिए एक आधुनिक सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है, जो जल्द ही पूरी तरह काम करना शुरू कर देगा।
पोर्टल पर वीडियो के साथ मिलेगी हर जानकारी
इस नई व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत यह है कि संस्थानों को अपनी सुविधाओं का सिर्फ दावा नहीं करना होगा, बल्कि उसे साबित भी करना होगा। पोर्टल पर संस्थानों की प्रयोगशाला (Lab), शिक्षकों और कर्मियों की स्थिति, आधारभूत संरचना और कैंपस की व्यवस्था की पूरी जानकारी वीडियो के माध्यम से उपलब्ध रहेगी।
इतना ही नहीं, पारदर्शिता को अगले स्तर पर ले जाते हुए विभाग ने तय किया है कि संस्थानों के सभी फैकल्टी की तस्वीर भी पोर्टल पर अनिवार्य रूप से लगानी होगी। इससे न केवल विभाग को निगरानी करने में आसानी होगी, बल्कि छात्र और अभिभावक भी घर बैठे यह देख सकेंगे कि जिस संस्थान में वे दाखिला लेना चाहते हैं, वहां की असल स्थिति क्या है।
पारा मेडिकल क्षेत्र में सीटों का गणित
बिहार में पारा मेडिकल की पढ़ाई करने वाले युवाओं के लिए अच्छी खबर यह है कि सीटों और संस्थानों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। वर्तमान में राज्य में पारा मेडिकल की कुल 33,171 सीटें उपलब्ध हैं। फिलहाल 42 सरकारी संस्थानों में 3,321 सीटें हैं। प्राइवेट क्षेत्र में 86 पारा मेडिकल संस्थान काम कर रहे हैं, जिनके पास 29,850 सीटें हैं।
विभागीय जानकारी के अनुसार, सीतामढ़ी, औरंगाबाद, शिवहर और बेगूसराय में नए सरकारी पारा मेडिकल संस्थानों के निर्माण का कार्य अंतिम चरण में है। इनके शुरू होने से सरकारी सीटों की संख्या में और इजाफा होगा।
नर्सिंग क्षेत्र में भी बड़ी हिस्सेदारी
पारा मेडिकल के साथ-साथ नर्सिंग शिक्षा का विस्तार भी तेजी से हुआ है। राज्य में कुल मिलाकर 41,000 से अधिक नर्सिंग सीटें हैं। इसमें 125 सरकारी नर्सिंग संस्थानों में 7,538 सीटें और 531 प्राइवेट नर्सिंग संस्थानों में 33,500 सीटें शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य इन सभी संस्थानों में शिक्षा की गुणवत्ता को सुनिश्चित करना है।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर
स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों का कहना है कि यह पूरी कवायद इसलिए की जा रही है ताकि छात्र सिर्फ डिग्री हासिल न करें, बल्कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भी मिले। ऑनलाइन मॉनिटरिंग और वीडियो वेरिफिकेशन से उन संस्थानों पर लगाम कसी जा सकेगी जो सिर्फ कागजों पर सुविधाएं दिखाते थे। अब छात्रों को प्रयोगशाला और अनुभवी शिक्षकों का लाभ मिलना सुनिश्चित हो सकेगा, जिससे राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को भविष्य में बेहतर और कुशल स्वास्थ्यकर्मी मिल सकेंगे।
लेखक के बारे में
Prachiशॉर्ट बायो: प्राची लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। पिछले 2 वर्षों से वे करियर, शिक्षा और सरकारी नौकरियों से जुड़े विषयों पर लिख रही हैं। मुश्किल खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी विशेषता है। वे 2024 से लाइव हिन्दुस्तान की करियर टीम का हिस्सा हैं।
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