
बिहार बोर्ड: दस्तावेजों का ऑनलाइन सत्यापन एक से, वन टाइम रजिस्ट्रेशन कराना होगा
बिहार बोर्ड ने उत्तीर्ण विद्यार्थियों के हित में एक बड़ा कदम उठाया है। बोर्ड ने समिति से उत्तीर्ण विद्यार्थियों के दस्तावेज सत्यापन की व्यवस्था को ऑनलाइन करते हुए डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन सिस्टम (डीवीएस) सॉफ्टवेयर लॉन्च किया है।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बिहार बोर्ड) ने उत्तीर्ण विद्यार्थियों के हित में एक बड़ा कदम उठाया है। बोर्ड ने समिति से उत्तीर्ण विद्यार्थियों के दस्तावेज सत्यापन की व्यवस्था को ऑनलाइन करते हुए डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन सिस्टम (डीवीएस) सॉफ्टवेयर लॉन्च किया है। समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने शनिवार को इस सॉफ्टेवयर को लॉन्च किया। इसी के साथ बिहार बोर्ड ऑनलाइन दस्तावेज सत्यापन की व्यवस्था लागू करने वाला देश का पहला राज्य परीक्षा बोर्ड भी बन गया है। इस सॉफ्टवेयर से अब विभिन्न सरकारी, गैर-सरकारी या निजी संस्थान बिहार बोर्ड से उत्तीर्ण विद्यार्थियों के प्रमाण पत्र का सत्यापन ऑनलाइन करा सकेंगे। नई व्यवस्था लागू होने से उन्हें डाक के माध्यम से आवेदन और ड्राफ्ट भेजकर सत्यापन कराने की आवश्यकता नहीं होगी। अध्यक्ष किशोर ने बताया कि एक जनवरी से यह व्यवस्था लागू हो जाएगी।
सत्यापन कार्य में नहीं होगी देरी : नई व्यवस्था लागू होने के बाद सारे मानवीय हस्तक्षेप समाप्त हो जाएंगे। डाक व्यवस्था, ड्राफ्ट निर्माण और शुल्क संबंधी त्रुटियों के कारण होने वाली देरी समाप्त हो जाएगी। संस्थानों को सत्यापन की स्थिति जानने के लिए कार्यालय आने की आवश्यकता भी नहीं पड़ेगी। इससे दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया और भी तेज, सुविधाजनक और प्रभावी हो जाएगी। ऑनलाइन प्रक्रिया लागू होने से पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, सरल और सुविधाजनक हो जाएगी।
वन टाइम रजिस्ट्रेशन कराना होगा
नई व्यवस्था लागू होने के बाद समिति से उत्तीर्ण विद्यार्थियों के इंटर, मैट्रिक, शिक्षक पात्रता परीक्षा, डीएलएड, सक्षमता परीक्षा आदि से संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन और ऑनलाइन शुल्क का भुगतान वेबसाइट verification. biharboardonline.com के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए संस्थान को सबसे पहले डीवीएस पर अपना पंजीयन कराना होगा, जो वन टाइम होगा। संस्थान का पूरा पता और विवरण दर्ज करने पर सॉफ्टवेयर स्वतः तय करेगा कि उनकी फाइल समिति के किस अधिकारी या विभाग को भेजी जानी है। संस्थान की श्रेणी के आधार पर सत्यापन शुल्क डीवीएस में स्वतः दर्ज होगा और इसका भुगतान ऑनलाइन किया जाएगा। शुल्क भुगतान के बाद सत्यापन के लिए ऑनलाइन आवेदन होगा।
संभवत: 30 दिनों के भीतर सत्यापन का कार्य हो जाएगा।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति इंटर-मैट्रिक की वार्षिक परीक्षाओं का परिणाम छात्र हित में देश में सबसे पहले जारी कर रही है। इसी क्रम में समिति को पेपरलेस बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। ऑनलाइन दस्तावेज सत्यापन की व्यवस्था इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। -आनंद किशोर, अध्यक्ष, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति
● बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने डीवीएस सॉफ्टवेयर लॉन्च किया
● ऑनलाइन व्यवस्था लागू करने वाला देश का पहला राज्य परीक्षा बोर्ड बना बिहार बोर्ड

लेखक के बारे में
Anuradha Pandeyशार्ट बायो
अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
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अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।
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