15 लाख छात्रों को पछाड़कर बांका की बेटी पुष्पांजलि बनीं बिहार टॉपर 10वीं टॉपर, बनना चाहतीं हैं IAS
बांका जिले के रजौन प्रखंड की मेधावी छात्रा पुष्पांजलि कुमारी ने 493 अंकों के साथ बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2026 में पूरे राज्य में पहला स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया है।

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा आयोजित मैट्रिक परीक्षा 2026 के नतीजे घोषित हो चुके हैं। इस साल परीक्षा में 15 लाख से ज्यादा छात्र छात्राओं ने हिस्सा लिया और राज्य का कुल पास प्रतिशत लगभग 81.79% रहा। लेकिन इन 15 लाख परीक्षार्थियों की भारी भीड़ में जिस एक नाम ने सबसे ज्यादा चमक बिखेरी ह, वह बांका जिले की होनहार बेटी पुष्पांजलि कुमारी हैं। पुष्पांजलि ने 500 में से 492 अंक (98.4 प्रतिशत) हासिल कर सबरीन परवीन के साथ पूरे बिहार राज्य में संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उसकी इस सफलता ने न सिर्फ उसके परिवार का बल्कि पूरे बांका जिले और सिमुलतला आवासीय विद्यालय का नाम एक बार फिर स्वर्णाक्षरों में दर्ज करा दिया है।
गांव की पगडंडियों से लेकर स्टेट टॉपर तक का सफर
बांका जिले के रजौन प्रखंड के अंतर्गत आने वाले छोटे से गांव गोपालपुर की रहने वाली पुष्पांजलि कुमारी ने साबित कर दिया है कि अगर हौसलों में उड़ान हो, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा में जैसे ही नतीजों का ऐलान हुआ और टॉपर की लिस्ट स्क्रीन पर चमकी तो गोपालपुर गांव में जश्न का माहौल छा गया। 98.4 प्रतिशत अंकों के साथ पुष्पांजलि ने न केवल अपने स्कूल में टॉप किया है बल्कि पूरे सूबे में अपनी मेधा का डंका बजाया है। एक छोटे से गांव से निकलकर राज्य की सबसे बड़ी परीक्षा में शीर्ष पर पहुंचना कोई मामूली बात नहीं है।
घर में मिला शिक्षा का बेहतरीन माहौल
पुष्पांजलि की इस सफलता के पीछे उनके पारिवारिक माहौल का बहुत बड़ा हाथ है। उनके पिता लालमोहन शर्मा बांका जिले के ही रजौन प्रखंड में एक सरकारी विद्यालय में शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। पिता के शिक्षक होने के कारण घर में हमेशा से ही पढ़ाई लिखाई का एक अनुशासित और सकारात्मक माहौल रहा। लालमोहन शर्मा बताते हैं कि पुष्पांजलि बचपन से ही बहुत कुशाग्र बुद्धि की रही है। स्कूल के शुरुआती दिनों से ही उसकी रुचि किताबों में थी और वह हर कक्षा में हमेशा प्रथम स्थान प्राप्त करती रही। लालमोहन शर्मा के परिवार में तीन बेटियां और एक बेटा है, जिनमें पुष्पांजलि सबसे छोटी और सबकी लाडली है। पिता की आंखों में आज जो गर्व के आंसू हैं, वे उस संघर्ष और तपस्या का परिणाम हैं जो उन्होंने अपनी बेटी को इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए की है।
टॉपर्स फैक्ट्री सिमुलतला आवासीय विद्यालय का एक और हीरा
पुष्पांजलि सिमुलतला आवासीय विद्यालय की छात्रा है। इस विद्यालय को पूरे राज्य में 'टॉपर्स फैक्ट्री' के नाम से जाना जाता है, क्योंकि हर साल यहां के छात्र बोर्ड परीक्षा की टॉप 10 सूची में अपना दबदबा कायम रखते हैं। विद्यालय के शिक्षकों का कहना है कि पुष्पांजलि वहां भी हमेशा अपने वर्ग में अव्वल दर्जे पर रही। वह न केवल रटने वाली पढ़ाई में विश्वास रखती थी, बल्कि हर विषय को गहराई से समझकर पढ़ने की उसकी आदत ने ही आज उसे इस मुकाम तक पहुंचाया है। अपनी शानदार सफलता का श्रेय पुष्पांजलि पूरी विनम्रता के साथ अपने माता पिता के त्याग और विद्यालय के गुरुजनों के सही मार्गदर्शन को देती है।
अब मंजिल है सिविल सर्विस (IAS)
जब भी कोई होनहार छात्र टॉप करता है, तो सबसे पहला सवाल यही होता है कि "अब आगे क्या?" पुष्पांजलि के इरादे बिल्कुल साफ हैं। उसने बड़ी ही परिपक्वता के साथ बताया कि उसका सपना सिर्फ यहीं रुकना नहीं है। वह आगे की पढ़ाई पूरी करके संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सर्विस परीक्षा पास करना चाहती है और एक आईएएस (IAS) अफसर बनकर देश और समाज की सेवा करना चाहती है। उसका मानना है कि प्रशासनिक सेवा में जाकर वह जमीनी स्तर पर शिक्षा और समाज के विकास के लिए अधिक प्रभावी ढंग से काम कर पाएगी।
गांव में जश्न और बधाइयों का तांता
इस बड़ी उपलब्धि की खबर मिलते ही पुष्पांजलि के घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया है। गांव के सरपंच, स्थानीय जनप्रतिनिधि और आस पड़ोस के लोग ढोल नगाड़ों और मिठाइयों के साथ जश्न मना रहे हैं। हर कोई इस 'बांका की बेटी' पर गर्व कर रहा है। पुष्पांजलि की यह सफलता बिहार की उन लाखों बेटियों के लिए एक बहुत बड़ी प्रेरणा है, जो संसाधनों की कमी के बावजूद आसमान छूने का ख्वाब देखती हैं।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
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हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
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- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
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- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


