रिजल्ट से पहले मिला मौका, बिहार बोर्ड इंटर की आंसर-की आई; 6 मार्च तक सुधार का चांस

Mar 01, 2026 02:26 pm ISTHimanshu Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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बिहार बोर्ड ने इंटरमीडिएट 2026 परीक्षा की ऑब्जेक्टिव आंसर-की जारी कर दी है। छात्र 6 मार्च 2026 तक उत्तर जांचकर ऑनलाइन आपत्ति दर्ज कर सकते हैं।

रिजल्ट से पहले मिला मौका, बिहार बोर्ड इंटर की आंसर-की आई; 6 मार्च तक सुधार का चांस

बिहार के लाखों छात्रों के लिए बड़ी खबर आई है। इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 देने वाले विद्यार्थियों का इंतजार अब खत्म हो गया है, क्योंकि बिहार विद्यालय परीक्षा बोर्ड ने ऑब्जेक्टिव प्रश्नों की आधिकारिक आंसर-की जारी कर दी है। अब छात्र अपने उत्तरों का मिलान कर सकते हैं और अगर किसी सवाल या उत्तर पर उन्हें शक है तो वे उस पर आपत्ति भी दर्ज करा सकते हैं।

इस बार की परीक्षा में 50 प्रतिशत अंक बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित थे, इसलिए आंसर-की का महत्व और भी बढ़ गया है। छात्र अब आसानी से अंदाजा लगा सकते हैं कि उनका रिजल्ट कैसा रहने वाला है।

छात्रों को मिला जवाब जांचने का मौका

बोर्ड द्वारा जारी की गई आंसर-की में सभी विषयों के ऑब्जेक्टिव प्रश्नों के सही उत्तर दिए गए हैं। हर प्रश्न के साथ उसका प्रश्न आईडी और सही विकल्प की जानकारी भी दी गई है, ताकि छात्र बिना किसी भ्रम के अपने उत्तरों का मिलान कर सकें।

यह आंसर-की विषय विशेषज्ञों की टीम द्वारा तैयार की गई है, जिससे इसकी विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सके। फिर भी बोर्ड ने छात्रों को पारदर्शिता बनाए रखने के लिए उत्तरों को चुनौती देने का विकल्प दिया है।

6 मार्च तक दर्ज कर सकते हैं आपत्ति

अगर किसी छात्र को लगता है कि किसी प्रश्न का उत्तर गलत दिया गया है या उसमें सुधार की जरूरत है, तो वह 6 मार्च 2026 शाम 5 बजे तक ऑनलाइन आपत्ति दर्ज कर सकता है।

बोर्ड ने साफ कहा है कि तय समय सीमा के बाद कोई भी आपत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी। इसलिए छात्रों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते उत्तर जांच लें।

कैसे डाउनलोड करें आंसर-की

आंसर-की डाउनलोड करने की प्रक्रिया बेहद आसान रखी गई है ताकि हर छात्र बिना परेशानी इसे देख सके।

  • सबसे पहले छात्र आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  • इसके बाद कक्षा 12 सेक्शन में जाकर "Answer Key" लिंक पर क्लिक करें।
  • वहां से संबंधित विषय की आंसर-की डाउनलोड कर लें और भविष्य के लिए सुरक्षित रख लें।
  • इस प्रक्रिया के जरिए छात्र घर बैठे अपने प्रदर्शन का मूल्यांकन कर सकते हैं।

आपत्ति दर्ज करने का तरीका भी ऑनलाइन

बोर्ड ने आपत्ति दर्ज करने की सुविधा पूरी तरह ऑनलाइन रखी है। इसके लिए छात्रों को अलग पोर्टल पर जाना होगा, जहां "Register Objection Regarding Answer Key Inter Exam 2026" लिंक दिखाई देगा। इसके बाद छात्र "Higher Secondary [Inter]" विकल्प चुनेंगे। फिर अपना रोल कोड और रोल नंबर दर्ज करेंगे। जिस प्रश्न पर आपत्ति है, उसे चुनकर अपनी आपत्ति सबमिट कर सकते हैं।

बोर्ड हर आपत्ति की जांच विशेषज्ञों से करवाएगा और अगर सुधार जरूरी हुआ तो अंतिम उत्तर में संशोधन किया जाएगा।

2 फरवरी से 13 फरवरी के बीच हुई थी परीक्षा

बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 का आयोजन 2 फरवरी से 13 फरवरी के बीच किया गया था। इस साल लगभग 13.18 लाख छात्रों ने परीक्षा में हिस्सा लिया। पूरे राज्य में 1,762 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां कड़ी निगरानी के बीच परीक्षा कराई गई। इतनी बड़ी संख्या में छात्रों की भागीदारी के कारण आंसर-की जारी होने का इंतजार लंबे समय से किया जा रहा था।

क्यों अहम होती है आंसर-की

आंसर-की केवल उत्तर मिलान का माध्यम नहीं होती, बल्कि यह छात्रों को अपनी तैयारी का वास्तविक आकलन करने का मौका देती है। इससे छात्रों को यह समझ आता है कि उन्होंने किन विषयों में बेहतर प्रदर्शन किया और कहां सुधार की जरूरत है। कई छात्र इसी आधार पर आगे की प्रवेश परीक्षाओं और करियर की योजना बनाते हैं।

Himanshu Tiwari

लेखक के बारे में

Himanshu Tiwari

शॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।

परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।

लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।

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हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।

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काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।

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