बिहार बोर्ड 12वीं का रिजल्ट, फर्जी वेबसाइट्स से रहें सावधान, जानें चेक करने का सही तरीका; कभी हो सकता है जारी
बिहार बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2026 जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट्स पर जारी होगा। फर्जी वेबसाइट्स से बचें और 15 से 25 मार्च के बीच अपना स्कोरकार्ड चेक करने का सही तरीका यहां जानें।

इम्तिहान के बाद अगर किसी ची का सबसे ज्यादा खौफ और बेताबी से इंतजार होता है, तो वो है रिजल्ट! बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) के 12वीं (इंटर) के लाखों छात्रों के दिलों की धड़कनें इन दिनों तेज़ हो चुकी हैं। 13 फरवरी 2026 को इंटरमीडिएट की परीक्षाएं खत्म होने के बाद से ही कॉपियों की जांच का काम ज़ोरों पर है। छात्रों और उनके अभिभावकों के जहन में अब बस एक ही सवाल है- 'आखिर बिहार बोर्ड 12वीं का रिजल्ट कब आएगा?' अगर आप भी इस साल परीक्षा में बैठे हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है। हम आपको न सिर्फ रिजल्ट की संभावित तारीखें बताएंगे, बल्कि इंटरनेट पर फैले उस जाल से भी आगाह करेंगे, जिसमें फंसकर कई छात्र अपना नुकसान कर बैठते हैं।
रिजल्ट की संभावित तारीखें (Expected Dates)
पिछले कुछ सालों के ट्रेंड पर नज़र डालें तो बिहार बोर्ड पूरे देश में सबसे तेज़ नतीजे देने के लिए जाना जाता है। इस बार भी कुछ ऐसा ही होने की उम्मीद है। बोर्ड से जुड़े सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, BSEB 12वीं (इंटर) के नतीजे 15 मार्च से 25 मार्च 2026 के बीच किसी भी दिन घोषित किए जा सकते हैं। पिछली बार जब परीक्षाएं 15 फरवरी के आसपास खत्म हुई थीं, तब नतीजे 25 मार्च को जारी कर दिए गए थे। इस बार भी बोर्ड उसी रफ्तार से काम कर रहा है और जल्द ही आधिकारिक घोषणा की जा सकती है।
फर्जी वेबसाइट्स (Fake Websites) के जाल से बचें
रिजल्ट के दिन अक्सर ऐसा होता है कि हड़बड़ाहट और जल्दबाजी में छात्र गूगल पर सर्च करते हैं और असली वेबसाइट की बजाय किसी फर्जी (Fake) लिंक पर क्लिक कर देते हैं। इंटरनेट पर ऐसी कई वेबसाइट्स मौजूद हैं जो हूबहू बिहार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट जैसी दिखती हैं। इन साइट्स पर जाकर आप न सिर्फ अपना रोल नंबर जैसी निजी जानकारी खतरे में डालते हैं, बल्कि आपको गलत नतीजे भी दिखाए जा सकते हैं। इसलिए हमारी खास गुजारिश है कि हमेशा सही और आधिकारिक (Official) वेबसाइट्स पर ही भरोसा करें।
यहां चेक करें अपना स्कोरकार्ड (Official BSEB Websites)
बिहार बोर्ड ने छात्रों की सहूलियत के लिए आधिकारिक वेबसाइट्स जारी की हैं। इन्ही वेबसाइट्स पर सबसे सटीक और सही नतीजे देखे जा सकते हैं:
interresult2025.com
interbiharboard.com.in
रिजल्ट चेक करने के 6 आसान स्टेप्स
नतीजे आने के बाद आप नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके आसानी से अपना रिजल्ट देख सकते हैं:
1. पहला कदम: सबसे पहले ऊपर बताई गई आधिकारिक वेबसाइट्स (interresult2025.com या interbiharboard.com.in) पर जाएं।
2. दूसरा कदम: होमपेज पर आपको “Examination Results” का सेक्शन दिखेगा, उस पर क्लिक करें।
3. तीसरा कदम: इसके बाद “Senior Secondary Annual Examination 2026” लिंक को चुनें।
4. चौथा कदम: अब अपनी स्ट्रीम यानी संकाय (साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स या वोकेशनल) का चुनाव करें।
5. पांचवा कदम: तय की गई जगह पर अपना 'रोल नंबर' (Roll Number) और 'रोल कोड' (Roll Code) बिल्कुल सही-सही भरें।
6. छठा कदम: आखिर में “Submit” बटन दबाएं। आपका स्कोरकार्ड स्क्रीन पर आ जाएगा। इसे भविष्य के लिए डाउनलोड कर लें या प्रिंटआउट निकाल लें।
पास होने के लिए कितने नंबर चाहिए? (Passing Criteria)
बिहार बोर्ड के नियमों के मुताबिक, छात्रों को थ्योरी परीक्षाओं में हर विषय में कम से कम 33 फीसदी अंक लाने होंगे। वहीं, प्रैक्टिकल परीक्षाओं में पास होने के लिए 40 फीसदी अंकों की जरूरत होती है।
फर्स्ट डिवीजन (First Division): कुल 300 या उससे ज्यादा अंक लाने वाले छात्र।
सेकंड डिवीजन (Second Division): 225 से 300 के बीच अंक हासिल करने वाले छात्र।
थर्ड डिवीजन (Third Division): 150 से 225 के बीच अंक पाने वाले छात्र।
पिछले सालों का शानदार रिकॉर्ड
अगर हम पिछले सालों के पासिंग परसेंटेज (Pass Percentage) की बात करें, तो बिहार बोर्ड के छात्रों ने लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया है। साल 2024 में कुल 12,99,684 छात्रों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 11,26,439 पास हुए थे यानी कुल 87.21% छात्र कामयाब रहे थे। इससे पहले 2023 में पास प्रतिशत लगभग 80.15% था। यह बढ़ता हुआ आंकड़ा इस बात का सबूत है कि शिक्षा के स्तर और छात्रों की तैयारी में लगातार सुधार हो रहा है।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


