बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 में पुष्पांजलि कुमारी और सबरीन परवीन ने किया टॉप, देखें टॉपर्स लिस्ट
bihar board 10th result 2026 toppers list: बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 घोषित कर दिया गया है। पुष्पांजलि कुमारी और सबरीन परवीन ने संयुक्त रूप से बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 में टॉप किया। जानिए बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट पास प्रतिशत, टॉपर्स और छात्रों के प्रदर्शन।

bihar board 10th result 2026 toppers list: बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने 10वीं यानी मैट्रिक के नतीजे (Bihar Board 10th Result 2026) का आधिकारिक तौर पर ऐलान कर दिया है। इस बार पुष्पांजलि कुमारी ने स्टेट टॉप किया है। पुष्पांजलि के साथ ही वैशाली की सबरीन परवीन ने भी 492 अंक लाकर संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया है।
इस साल कुल 81.79 फीसदी परीक्षार्थी पास हुए हैं। अगर पास होने वाले छात्रों की बात करें तो इस बार 6 लाख 1 हजार 390 लड़के पास हुए हैं, जबकि 6 लाख 34 हजार 353 छात्राएं सफल हुई हैं। यानी साफ है कि रिजल्ट में लड़कियों ने बढ़त बनाई है। यह ट्रेंड पिछले कुछ सालों से लगातार देखने को मिल रहा है, जहां छात्राएं पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। इस बार भी वही तस्वीर दोहराई गई है।
यहां देखें टॉपर्स की लिस्ट
रैंक 1 (संयुक्त)
पुष्पांजलि कुमारी (जमुई) - 492 अंक (98.4%)
सबरीन प्रवीण (वैशाली) - 492 अंक (98.4%)
रैंक 2
नाहिद सुल्ताना (बेगूसराय) - 489 अंक (97.8%)
रैंक 3 (संयुक्त)
अनुपा कुमारी (बक्सर) - 488 अंक (97.6%)
ओम कुमार (बेगूसराय) - 488 अंक (97.6%)
रैंक 4 (संयुक्त)
ज्योति कुमारी (समस्तीपुर) - 487 अंक (97.4%)
अनुभव कुमार (बांका) - 487 अंक (97.4%)
अंश राज (पूर्णिया) - 487 अंक (97.4%)
रैंक 5 (संयुक्त)
प्रेरणा कुमारी (बेगूसराय) - 486 अंक (97.2%)
नसरिन परवीन (भोजपुर) - 486 अंक (97.2%)
अभनीश कुमार (बेगूसराय) - 486 अंक (97.2%)
बिकाश कुमार गुप्ता (कैमूर) - 486 अंक (97.2%)
रुपेश कुमार (सहरसा) - 486 अंक (97.2%)
सिमुलतला और वैशाली की बेटियां बनीं टॉपर
इस बार टॉप करने वाली छात्राओं में सबसे ज्यादा चर्चा सिमुलतला की छात्रा पुष्पांजलि कुमारी की हो रही है। उन्होंने 492 अंक हासिल कर पूरे राज्य में पहला स्थान प्राप्त किया। उनके साथ ही वैशाली जिले की सबरीन ने भी समान अंक लाकर संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया। दोनों छात्राओं ने 98.4 फीसदी अंक हासिल किए। टॉपर्स की लिस्ट में दूसरा स्थान भी एक छात्रा ने ही हासिल किया है। बेगूसराय की नाहिद सुल्ताना ने 489 अंक यानी 97.8 फीसदी मार्क्स लाकर दूसरा स्थान प्राप्त किया।
कितने छात्रों ने दी परीक्षा
इस साल बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा में कुल 15 लाख 10 हजार 928 परीक्षार्थियों ने हिस्सा लिया था। इतने बड़े स्तर पर परीक्षा का आयोजन और फिर समय पर रिजल्ट जारी करना अपने आप में बड़ी बात मानी जा रही है। बोर्ड ने मूल्यांकन प्रक्रिया भी काफी तेजी से पूरी की। कॉपियों का मूल्यांकन 2 मार्च से शुरू हुआ था और 13 मार्च तक खत्म कर लिया गया। इसके बाद महज 16 दिनों के भीतर रिजल्ट जारी कर दिया गया, जो छात्रों के लिए राहत भरी खबर रही।
शिक्षा मंत्री और बोर्ड अध्यक्ष ने जारी किया रिजल्ट
मैट्रिक परीक्षा 2026 का परिणाम शिक्षा मंत्री सुनील कुमार और बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने संयुक्त रूप से जारी किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए रिजल्ट की घोषणा की गई, जिसमें पास प्रतिशत, टॉपर्स और अन्य जरूरी आंकड़े साझा किए गए।
पिछले साल जैसा ही रहा रिजल्ट का समय
दिलचस्प बात यह है कि इस बार भी रिजल्ट 29 मार्च को ही जारी किया गया, जैसा कि पिछले साल हुआ था। इससे यह संकेत मिलता है कि बोर्ड अब अपने तय शेड्यूल पर ही काम कर रहा है और रिजल्ट में देरी की संभावना कम होती जा रही है।
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Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
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हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
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हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
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काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
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