बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट SMS के जरिए ऐसे चेक करें अपना परिणाम
बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट आज जारी कर दिए गए हैं। वेबसाइट क्रैश होने पर छात्र बिना इंटरनेट के SMS के जरिए अपना परिणाम और मार्क्स आसानी से चेक कर सकते हैं।

बिहार बोर्ड (BSEB) के 10वीं यानी मैट्रिक के नतीजे आज जारी कर दिए गए। यहां देखें बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट। रिजल्ट का ऐलान होते ही सबसे बड़ी दिक्कत जो सामने आती है, वो है वेबसाइट का क्रैश हो जाना। जैसे ही नतीजों की घोषणा होती है, लाखों छात्र एक साथ इंटरनेट पर टूट पड़ते हैं। इस भारी ट्रैफिक की वजह से बिहार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट्स अक्सर सर्वर डाउन का शिकार हो जाती हैं। स्क्रीन पर 'Error' या 'Page Not Loading' देखकर छात्रों की घबराहट और बढ़ जाती है। पसीने छूटने लगते हैं और समझ नहीं आता कि आखिर अपना नतीजा कैसे देखा जाए। लेकिन अब आपको इस परेशानी से रूबरू होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। अगर इंटरनेट दगा दे जाए और वेबसाइट काम करना बंद कर दे, तब भी आप पलक झपकते ही अपना रिजल्ट हासिल कर सकते हैं। इसके लिए आपको किसी साइबर कैफे जाने या महंगे इंटरनेट कनेक्शन की जरूरत नहीं है, बस आपके हाथ में आपका मोबाइल फोन होना चाहिए।
SMS के जरिए कैसे देखें बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट
अगर वेबसाइट आपका साथ छोड़ दे, तो आपका मोबाइल नेटवर्क आपका सबसे बड़ा मददगार साबित होगा। बिहार बोर्ड ने छात्रों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए एक बेहद शानदार और आसान एसएमएस (SMS) सर्विस शुरू की है। इस सर्विस के जरिए आप बिना किसी इंटरनेट के, सिर्फ एक मैसेज भेजकर अपना पूरा रिजल्ट अपने फोन की स्क्रीन पर देख सकते हैं। यह तरीका न सिर्फ तेज है बल्कि पूरी तरह से भरोसेमंद भी है। जब हर कोई वेबसाइट खुलने का इंतजार कर रहा होगा, तब आप अपने फोन के इनबॉक्स में अपनी कामयाबी का जश्न मना रहे होंगे। तो चलिए, बिना किसी देरी के आपको बताते हैं कि इस एसएमएस सर्विस का इस्तेमाल कैसे करना है।
बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट SMS के जरिए देखने के आसान स्टेप्स
अपने फोन के जरिए रिजल्ट मंगवाना बेहद आसान है। बस इन आसान से स्टेप्स को फॉलो करें:
सबसे पहले अपने मोबाइल फोन का मैसेजिंग ऐप (SMS App) खोलें।
'Create New Message' या 'नया मैसेज लिखें' के विकल्प पर जाएं।
मैसेज बॉक्स में आपको टाइप करना है: BIHAR10 (ध्यान रहे कि BIHAR और 10 के बीच कोई स्पेस नहीं देना है)।
इसके बाद एक स्पेस (खाली जगह) दें और अपना रोल नंबर (Roll Number) टाइप करें। (मसलन: BIHAR10 1234567)
अब इस तैयार किए गए मैसेज को 56263 नंबर पर भेज दें।
कुछ ही सेकंड या मिनटों के भीतर, आपको एक रिटर्न मैसेज मिलेगा जिसमें आपका पूरा रिजल्ट, आपके विषयवार नंबर और आपका पासिंग स्टेटस लिखा होगा।
इन बातों का रखें ध्यान
मैसेज भेजते वक्त इस बात का खास खयाल रखें कि आपके फोन में एसएमएस भेजने के लिए जरूरी बैलेंस या वैलिड पैक मौजूद हो। जब आपका रिजल्ट आपके सामने आ जाए, तो उसमें अपना नाम, रोल नंबर और हर विषय के मार्क्स को तसल्ली से चेक कर लें। अगर किसी वजह से नतीजे आपकी उम्मीदों के मुताबिक न आएं, तो बिल्कुल भी निराश न हों। एक रिजल्ट आपकी जिंदगी और आपकी काबिलियत का आखिरी फैसला नहीं कर सकता। यह तो बस एक पड़ाव है। अगर मार्क्स कम आते हैं, तो बोर्ड स्क्रूटिनी (कॉपी दोबारा चेक करवाने) और कंपार्टमेंट परीक्षा का मौका भी देता है।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


