बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट आज, जानिए पिछले सालों में कैसा रहा मैट्रिक का रिजल्ट
बिहार बोर्ड 10वीं परीक्षा 2026 का बहुप्रतीक्षित परिणाम आज दोपहर 1:30 बजे घोषित होने जा रहा है। रिजल्ट आने से पहले जानते हैं पिछले सालों में कैसे रहे बिहार बोर्ड 10वीं के नतीजे।

आज का दिन बिहार के लाखों घरों में अलग ही माहौल लेकर आया है। कहीं दुआएं हो रही हैं, कहीं मोबाइल और लैपटॉप तैयार रखे गए हैं, तो कहीं दिल की धड़कनें तेज हैं। वजह साफ है कि बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट आज दोपहर 1:30 बजे आने वाला है। रिजल्ट आने पर यहां देखें बिहार बोर्ड 10वीं के नतीजे। हर साल की तरह इस बार भी सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस बार पास प्रतिशत नया रिकॉर्ड बनाएगा या नहीं। मगर बीते सालों के क्या आंकड़े क्या रहे आइए जानते हैं...
2025 के आंकड़े क्या कहते हैं
अगर पिछले साल यानी 2025 की बात करें, तो रिजल्ट काफी संतुलित और अच्छा रहा था। करीब 15 लाख से ज्यादा छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे और उनमें से 82 प्रतिशत से ज्यादा पास हुए। यह दिखाता है कि बिहार में शिक्षा का स्तर धीरे धीरे बेहतर हो रहा है। पास होने वाले छात्रों की संख्या भी काफी बड़ी थी, जिससे यह साफ है कि अब ज्यादा छात्र बोर्ड परीक्षा में सफल हो रहे हैं।
हर साल दिलचस्प मुकाबला
हर साल की तरह इस बार भी एक बड़ा सवाल यही है कि कौन आगे रहेगा, लड़के या लड़कियां। पिछले साल के आंकड़ों में लड़कों ने थोड़ा बेहतर प्रदर्शन किया था। उनका पास प्रतिशत लड़कियों से ज्यादा रहा था। लेकिन अगर पिछले कुछ सालों का ट्रेंड देखें, तो लड़कियां लगातार अच्छा प्रदर्शन करती रही हैं और कई बार लड़कों से आगे भी निकली हैं। इस बार यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि क्या लड़कियां वापसी करेंगी या लड़के अपनी बढ़त बनाए रखेंगे।
पिछले सालों का ट्रेंड समझिए
अगर पिछले चार पांच सालों के रिजल्ट को देखें, तो एक साफ पैटर्न नजर आता है। पहले जहां पास प्रतिशत 60 या 70 के आसपास रहता था, वहीं अब यह लगातार 80 प्रतिशत के ऊपर बना हुआ है।
- 2022 में करीब 79 प्रतिशत छात्र पास हुए
- 2023 में यह आंकड़ा 81 प्रतिशत तक पहुंचा
- 2024 में यह और बढ़कर लगभग 83 प्रतिशत हुआ
- 2025 में भी 82 प्रतिशत के आसपास रहा
आज आएगा बिहार बोर्ड 10वीं का रिजल्ट
बिहार बोर्ड ने एक बार फिर अपनी तेजी दिखाते हुए 12वीं का रिजल्ट पहले ही जारी कर दिया था और अब 10वीं के छात्रों की बारी है। दोपहर 1:30 बजे जैसे ही रिजल्ट जारी होगा, लाखों छात्र एक साथ अपनी किस्मत चेक करेंगे। छात्रों के साथ उनके परिवार वालों की भी उम्मीदें जुड़ी होती हैं। कई घरों में यह रिजल्ट आगे की पढ़ाई और करियर का रास्ता तय करता है, इसलिए इसका महत्व और भी बढ़ जाता है।
12वीं के शानदार नतीजों से बढ़ी उम्मीदें
इस बार 12वीं के नतीजे काफी अच्छे रहे थे। करीब 85 प्रतिशत से ज्यादा छात्र पास हुए थे, जिसने एक सकारात्मक माहौल बना दिया है। इसी वजह से माना जा रहा है कि 10वीं का रिजल्ट भी मजबूत रह सकता है। कॉपियों की जांच के तरीके में सुधार और छात्रों की मेहनत दोनों मिलकर इस बार बेहतर रिजल्ट ला सकते हैं।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


