बिहार बीएड परीक्षा: अब 10 कॉलेजों को चुनने का मिलेगा मौका, जुलाई से शुरू होगा नया सत्र
बिहार बीएड प्रवेश परीक्षा 2026 की तैयारियां तेज हो गईं हैं। मई में परीक्षा होने जा रही है साथ ही 10 कॉलेजों का विकल्प चुनने का मौका मिलेगा।

बिहार में शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। दो वर्षीय बीएड (B.Ed) प्रवेश परीक्षा को लेकर बिगुल बज चुका है। इस बार भी अभ्यर्थियों को नामांकन के लिए अपनी पसंद के 10 कॉलेजों को चुनने की आजादी मिलेगी। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) को इस परीक्षा के लिए नोडल यूनिवर्सिटी बनाया गया है, जिसने अपनी तैयारियां पूरी रफ्तार से शुरू कर दी हैं।
मई में होगी परीक्षा, 15 दिनों में आएगा रिजल्ट
स्टेट नोडल ऑफिसर प्रो. संजय कुमार ने मंगलवार को अहम जानकारी साझा करते हुए बताया कि प्रवेश परीक्षा मई के महीने में आयोजित की जाएगी। विवि प्रशासन की योजना बेहद सख्त और समयबद्ध है। उन्होंने बताया कि परीक्षा के मात्र 15 दिनों के भीतर परिणाम घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि जुलाई के पहले हफ्ते से ही बीएड का नया शैक्षणिक सत्र सुचारू रूप से शुरू किया जा सके।
सीटों का गणित और कॉलेज चयन की प्रक्रिया
बिहार में पिछले साल तक कुल 341 बीएड कॉलेजों में 37,300 सीटों पर दाखिले हुए थे। इस साल आंकड़ों में मामूली बढ़ोतरी की उम्मीद है। सभी विश्वविद्यालयों से कॉलेजों और उपलब्ध सीटों का ताजा विवरण मांगा गया है। अकेले बीआरएबीयू के अंतर्गत इस बार 58 कॉलेजों में दाखिला होगा, जो पिछले साल के मुकाबले एक अधिक है। दाखिले की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए तीन मेरिट लिस्ट जारी की जाएंगी। अगर इसके बावजूद सीटें खाली रहती हैं, तो 'ऑन स्पॉट' राउंड के जरिए अभ्यर्थियों को मौका दिया जाएगा।
छात्राओं को मिलेगी प्राथमिकता
इस बार की चयन प्रक्रिया में छात्राओं की सहूलियत का विशेष ख्याल रखा गया है। शहर के कॉलेजों में नामांकन के दौरान महिला अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा, आवेदन की प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है। छात्र हिंदी या अंग्रेजी, अपनी पसंद की किसी भी भाषा में आवेदन कर सकेंगे। एजेंसी के चयन के साथ ही दो से तीन दिनों में पोर्टल खोल दिया जाएगा, जहां से अभ्यर्थी प्रॉस्पेक्टस डाउनलोड कर पूरी प्रक्रिया को समझ सकते हैं।
3 दिनों में लॉक करनी होगी सीट
सफल अभ्यर्थियों को मेरिट लिस्ट जारी होने के तीन दिनों के भीतर अपनी सीट बुक करनी होगी। प्रो. संजय कुमार ने स्पष्ट किया कि यदि किसी का नाम पहली लिस्ट में नहीं आता है, तो वह दूसरी लिस्ट में कॉलेज बदल सकता है। दूसरी लिस्ट में अभ्यर्थियों को अपने ही जिले के कॉलेज चुनने का विकल्प मिलेगा। पूरी काउंसिलिंग प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, ताकि किसी भी स्तर पर धांधली की गुंजाइश न रहे।
परीक्षा का पैटर्न और पारदर्शिता
बीएड प्रवेश परीक्षा कुल 120 अंकों की होगी, जिसके लिए अभ्यर्थियों को दो घंटे का समय मिलेगा। छात्र वेबसाइट पर लाइव देख सकेंगे कि किस कॉलेज में कितनी सीटें बची हैं और वहां का कटऑफ क्या जा रहा है। विवि का दावा है कि इस बार पूरी प्रक्रिया में जबरदस्त पारदर्शिता बरती जाएगी।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


