70 असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी पर लटकी तलवार, अनुभव प्रमाणपत्र में मिलीं गड़बड़ियां, BSUSC को रिपोर्ट भेजेगा BRABU
बीआरएबीयू में 70 सहायक प्रोफेसरों के अनुभव प्रमाणपत्रों में गड़बड़ी पाई गई, जिसकी जांच रिपोर्ट आयोग को भेजी जा रही है। कई शिक्षकों की पोस्टिंग और वेतन रोके गए हैं, जबकि कुछ मामलों में बर्खास्तगी भी हो चुकी है।

बिहार में बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (बीआरएबीयू), मुजफ्फरपुर के 70 असिस्टेंट प्रोफेसर कार्रवाई की जद में आ गये हैं। इन शिक्षकों के अनुभव प्रमाणपत्रों में कई तरह की गड़बड़ियां पायी गई हैं। पिछले महीने विवि की तरफ से बनायी गई जांच कमेटी की पड़ताल में इन गड़बड़ियों का पता चला। बीआरएबीयू के रजिस्ट्रार प्रो. समीर कुमार शर्मा ने बताया कि अपनी जांच रिपोर्ट आयोग को भेजने जा रहे हैं। बीआरएबीयू में विवि सेवा आयोग के निर्देश पर वर्ष 2020 से 2025 तक नियुक्त सहायक प्राध्यापकों के अनुभव प्रमाणपत्रों की जांच की गई थी। इस जांच के दौरान जांच टीम को कई दस्तावेजों में गड़बड़ी मिली है।
आयोग से मांगा था मार्गदर्शन
जांच के बाद विवि प्रशासन की तरफ से विवि सेवा आयोग से मार्गदर्शन मांगा गया था। मार्गदर्शन में विवि प्रशासन ने विवि सेवा आयोग से पूछा था कि विवि की जांच में लगभग 14 तरह के अनुभव प्रमाणपत्र मिले हैं, इनमें कुछ अनुभव प्रमाणपत्र रिसोर्स पर्सन के भी हैं। रिसोर्स पर्सन के अलावा कुछ ऐसे अनुभव प्रमाणपत्र हैं, जिनमें अभ्यर्थी ने कॉलेज में अवैतनिक सेवा दी है। कई अनुभव प्रमाणपत्र बिना स्वीकृत पद वाले हैं तो कुछ अभ्यर्थी सिर्फ 500 रुपये लेकर कॉलेज में पढ़ाने वाले हैं। इन सभी अनुभव प्रमाणपत्रों में किसे सही माना जाये। सूत्रों के मुताबिक विवि सेवा आयोग ने इस पर विवि प्रशासन को अपने स्तर से इन अनुभव प्रमाणपत्रों की जांच करने को कहा। विवि सेवा आयोग से मार्गदर्शन का पत्र आने के बाद अब बीआरएबीयू प्रशासन सभी जांच रिपोर्ट को आयोग के पास भेज देगा व आयोग स्तर से ही कार्रवाई की अनुशंसा होगी।
रोकी गई होम साइंस, अंग्रेजी में कई की पोस्टिंग
विवि सेवा आयोग से होम साइंस, अंग्रेजी विषयों में नियुक्त कई सहायक प्राध्यापकों की पोस्टिंग रोकी गई है। इन अभ्यर्थियों के अनुभव प्रमाणपत्रों में जांच के दौरान सभी दस्तावेज सही नहीं पाये गये थे। इसके अलावा होम साइंस में नियुक्त कई सहायक प्राध्यापकों का वेतन भी विवि प्रशासन ने रोका है। बीआरएबीयू के एक सहायक प्राध्यापक की बर्खास्तगी भी गलत अनुभव प्रमाणपत्र देने में हो चुकी है।
कई रसूखदारों के रिश्तेदार भी जद में
सहायक प्राध्यापकों की जांच में कई ऐसे लोग भी संदेह के घेरे में हैं, जिनके रिश्तेदार बड़े रसूखदार हैं। इनके भी अनुभव प्रमाणपत्रों पर कई आशंकाएं जतायी जा रही हैं। हालांकि अब तक इन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। सूत्रों का कहना है कि अगर विवि प्रशासन सख्त रवैया अपनायेगा तो इनपर भी कार्रवाई हो सकती है।
गलत अनुभव प्रमाणपत्र देने वालों की जायेगी नौकरी
विवि प्रशासन की अनुशंसा के बाद गलत अनुभव प्रमाणपत्र देने वाले सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति रद्द हो जायेगी। इसके अलावा इन सहायक प्रध्यापकों पर प्राथमिकी भी दर्ज की जायेगी। पिछले दिनों पुलिस मुख्यालय की ओर से विवि प्रशासन और विवि थाने से दो सहायक प्राध्यापकों की जानकारी भी मांगी गई थी।
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15 से अधिक सालों का अनुभव
पंकज विजय ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। अमर उजाला समाचार पत्र में रिसर्च, संपादकीय और करियर एजुकेशन जॉब्स डेस्क पर काम किया। यहां उन्हें फीचर लेखन व रिपोर्टिंग का भी मौका मिला। इसके बाद उन्होंने आज तक डिजिटल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आज तक वेबसाइट पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और एजुकेशन व रोजगार जगत से जुड़ी खबरें लिखीं। इसके बाद एनडीटीवी ऑनलाइन में एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर इस विषय में अपनी समझ को और व्यापक बनाया। एनडीटीवी की पारी के बाद वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और बीते 9 वर्षों से करियर एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर रहे हैं।
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