सतना की बेटी भूमिका जैन का UPSC में कमाल, आई 331वीं रैंक, तीसरे अटेम्प्ट में मिली सफलता
मध्य प्रदेश के सतना की भूमिका जैन ने UPSC 2025 में 331वीं रैंक हासिल कर भारतीय राजस्व सेवा के लिए चयन पाया। तीसरे प्रयास में मिली इस सफलता के पीछे उनकी सेल्फ स्टडी, स्मार्ट स्ट्रेटेजी और कड़ी मेहनत की अहम भूमिका रही।

मध्य प्रदेश के सतना जिले की होनहार बेटी भूमिका जैन ने संघ लोक सेवा आयोग 2025 की परीक्षा में 331वीं रैंक हासिल कर पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। शहर के कृष्णानगर निवासी कपड़ा व्यवसायी मनोज जैन और सृष्टि जैन की बेटी भूमिका का चयन भारतीय राजस्व सेवा के लिए हुआ है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से पूरे सतना में जश्न का माहौल है।
तीसरे प्रयास में मिली सफलता
भूमिका के लिए यह मुकाम हासिल करना आसान नहीं था। दिल्ली में रहकर तीन साल के कड़े संघर्ष के बाद उन्हें यह मंजिल अपने तीसरे प्रयास में मिली है। भूमिका ने बताया कि उन्होंने सिर्फ पहले अटेंप्ट में अपना बेस मजबूत करने के लिए कोचिंग का सहारा लिया था। एक बार कॉन्सेप्ट क्लियर होने के बाद उन्होंने महंगी कोचिंग छोड़ दी और पूरी तरह से 'सेल्फ स्टडी' पर फोकस किया। उनका दृढ़ विश्वास है कि यदि इरादे पक्के हों, तो घर बैठकर भी UPSC क्रैक किया जा सकता है।
स्मार्ट स्ट्रेटेजी और 12 घंटे की पढ़ाई
भूमिका रोजाना औसतन 9 घंटे पढ़ती थीं, जो परीक्षा के समय बढ़कर 12 घंटे तक हो जाता था। 10 अलग-अलग किताबें पढ़ने के बजाय उन्होंने एक ही प्रामाणिक किताब के बार-बार रिवीजन और खुद के नोट्स बनाने पर जोर दिया। इसके अलावा, जहां सिविल सर्विस की तैयारी करने वाले युवा सोशल मीडिया से दूरी बना लेते हैं, वहीं भूमिका ने इसे अपनी ताकत बनाया। उन्होंने टेलीग्राम ग्रुप्स का इस्तेमाल करेंट अफेयर्स और जरूरी न्यूज़ अपडेट्स के लिए बेहद स्मार्ट तरीके से किया।
यूपीएससी स्टूडेंट को दिए टिप्स
तैयारी कर रहे युवाओं और नौकरीपेशा लोगों को संदेश देते हुए भूमिका ने कहा कि टाइम मैनेजमेंट सही हो तो नौकरी के साथ भी पढ़ाई की जा सकती है। अपनी इस अभूतपूर्व सफलता का पूरा श्रेय उन्होंने अपने माता-पिता के अटूट विश्वास और परिवार के सहयोग को दिया है।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


