बीएचयू में PhD दाखिले में होगी स्क्रीनिंग, जरूरत पड़ने पर इंटरव्यू से पहले होगा टेस्ट
बीएचयू की नई पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में खास यह होगा कि ज्यादा आवेदन होने पर विभाग अभ्यर्थियों का स्क्रीनिंग टेस्ट ले सकेंगे। इसी वर्ष मई में हुई एकेडमिक काउंसिल की बैठक में यह व्यवस्था दी गई।

बीएचयू में दूसरे चरण की पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया अगले महीने के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है। इसी साल विद्वत परिषद ने साल में दो बार पीएचडी प्रवेश लेने की व्यवस्था बनाई है। बीएचयू में पीएचडी की खाली सीटों के आंकड़े जुटाने का काम शुरू हो गया है। नई पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में खास यह होगा कि ज्यादा आवेदन होने पर विभाग अभ्यर्थियों का स्क्रीनिंग टेस्ट ले सकेंगे। इसी वर्ष मई में हुई एकेडमिक काउंसिल की बैठक में यह व्यवस्था दी गई। कुछ पाठ्यक्रमों में आवेदनों की बड़ी संख्या और एक सीट पर आठ-आठ दावेदारियों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया।
स्क्रीनिंग में चयनित छात्रों को विभाग इंटरव्यू के लिए बुला सकेंगे। हालांकि स्क्रीनिंग व्यवस्था पर अंतिम निर्णय कमेटी देगी। इस व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा उन अभ्यर्थियों को मिलेगा जो पहले प्रवेश चक्र में शामिल नहीं हो सके थे। कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही प्रवेश प्रक्रिया को छात्र केंद्रित, सुगम और जवाबदेह बनाने पर जोर दिया था। उनके कार्यकाल का एक वर्ष पूरा होने के साथ ही साल में दो बार पीएचडी प्रवेश लेने की व्यवस्था शुरू कर दी गई।
दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया में मुख्य विषय और संबद्ध (अलाइड) विषयों के अभ्यर्थियों के लिए संयुक्त मेरिट सूची तैयार करने की भी व्यवस्था बनाई जा रही है। प्रवेश के पहले खाली सीटों का ब्योरा भी जुटाया जा रहा है। बीएचयू प्रशासन का मानना है कि इन बदलावों से प्रतिभावान शोधार्थियों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी। साथ ही पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और शोधार्थियों को प्रवेश के लिए अधिक अवसर मिल सकेंगे।
विज्ञान संस्थान के 3 संकाय सदस्य नासी फेलो निर्वाचित
बीएचयू के विज्ञान संस्थान के तीन संकाय सदस्य राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी भारत (नासी) के फेलो के रूप में निर्वाचित किए गए हैं। वर्ष-2026 के लिए इन्हें अकादमी का फेलो बनाया गया है। 4 से 6 दिसंबर तक बीएचयू में आयोजित होने वाले नासी के वार्षिक अधिवेशन में इनका इंडक्शन किया जाएगा। फेलो चुने गए संकाय सदस्यों में वनस्पति विज्ञान विभाग के सेंटर ऑफ एडवांस्ड स्टडी इन बॉटनी की प्रो. शशि पांडेय, भौमिकी विज्ञान विभाग के प्रो. प्रकाश कुमार सिंह और भौतिकी विभागाध्यक्ष प्रो. राजेंद्र कुमार सिंह शामिल हैं।


