BEd : इलाहाबाद विश्वविद्यालय से करें 4 वर्षीय बीएड ITEP कोर्स, 10 मार्च तक आवेदन का मौका, क्या है वेल्यू
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सत्र 2026-27 से चार वर्षीय एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम बीए-बीएड (माध्यमिक स्तर) के लिए ऑनलाइन आवेदन जारी है। आवेदन की अंतिम तिथि 10 मार्च तक है। प्रवेश परीक्षा 13 भाषाओं में 17 अप्रैल को होगी।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सत्र 2026-27 से चार वर्षीय एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम बीए-बीएड (माध्यमिक स्तर) पहली बार प्रारंभ हो रहा है। दाखिला राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी की ओर से आयोजित राष्ट्रीय सामान्य प्रवेश परीक्षा (एनसीईटी) 2026 के माध्यम से होगा। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू है। आवेदन की अंतिम तिथि 10 मार्च (रात 11:50 बजे) तक है। प्रवेश परीक्षा 13 भाषाओं में 17 अप्रैल को होगी। 180 मिनट में 160 प्रश्न हल करने होंगे। इसमें भाषा बोध, कक्षा 12 स्तर के विषय, सामान्य ज्ञान, मानसिक क्षमता, तार्किक एवं मात्रात्मक विवेचन तथा शिक्षण अभिरुचि से संबंधित प्रश्न शामिल होंगे।
यह कार्यक्रम पारंपरिक स्नातक उपरांत बीएड पाठ्यक्रम से अलग है। इसमें विद्यार्थी चार वर्षों में लिबरल आर्ट्स विषयों के साथ-साथ शिक्षा शास्त्र में भी ‘मेजर’ की डिग्री प्राप्त करेंगे। छात्र भूगोल, अंग्रेजी, राजनीति विज्ञान, इतिहास, हिंदी और अर्थशास्त्र जैसे विषयों में विशेषज्ञता के साथ शिक्षाशास्त्र का व्यावसायिक प्रशिक्षण भी प्राप्त करेंगे।
योग्यता - 12वीं पास।
अहम तिथियां
आवेदन पत्र ऑनलाइन जमा करने की तिथि 12 फरवरी से 10 मार्च 2026
क्रेडिट/डेबिट कार्ड/नेट-बैंकिंग/यूपीआई के माध्यम से शुल्क कीअंतिम तिथि 11 मार्च 2026
फॉर्म में करेक्शन की तिथि - 12 मार्च से 14 मार्च 2026
परीक्षा शहर की घोषणा - बाद में तिथि घोषित होगी
एडमिट कार्ड - बाद में तिथि घोषित होगी
परीक्षा की तिथि - 17 अप्रैल 2026
आवेदन फीस
जनरल कैटेगरी के कैंडिडेट्स के लिए एप्लीकेशन फीस 1200 रुपये है। OBC-NCL और EWS कैंडिडेट्स के लिए फीस 1000 रुपये है। SC, ST, PwD और थर्ड जेंडर कैंडिडेट्स को 650 रुपये देने होंगे।
एग्जाम पैटर्न और सिलेबस डिटेल्स
एनसीईटी 2026 कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट मोड में होगा। एनसीईटी 2026 का मीडियम अलग-अलग भाषाओं में होगा। क्वेश्चन पेपर में लैंग्वेज प्रोफिशिएंसी, जीके, टीचिंग एप्टीट्यूड और खास सब्जेक्ट सेक्शन होंगे।
टेस्ट का लेवल काफी हद तक क्लास 12 के लेवल पर आधारित है। यह टेस्ट रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन, वोकैबुलरी, जनरल अवेयरनेस, करंट अफेयर्स, लॉजिकल रीजनिंग और सब्जेक्ट नॉलेज के लिए है। कैंडिडेट्स को ITEP के तहत जो प्रोग्राम करना चाहते हैं, उसके आधार पर डोमेन सब्जेक्ट्स चुनने होंगे।
नया ITEP कोर्स क्या है
अगर आप इंटीग्रेटड टीचर एजुकेशन प्रोगाम (आईटीईपी) कोर्स कर लेते हैं तो आपको सरकारी स्कूल में अध्यापक बनने के लिए बीएड या डीएलएड जैसे कोर्स करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत तैयार किया गया है। यह पुराने 4-वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स से अलग है। यह कोर्स भी चार साल का है। दरअसल एनसीटीई ने पूरे देश में शैक्षणिक सत्र 2023-24 से आईआईटी, एनआईटी, सेंट्रल व स्टेट यूनिवर्सिटी समेत 57 अध्यापक शिक्षा संस्थानों (टीईआई) में आईटीईपी शुरू किया था। मार्च 2023 में इस कोर्स को लॉन्च किया गया था। यह एनईपी 2020 के तहत लाया गया एनसीटीई का एक प्रमुख कार्यक्रम है। आईटीईपी, जिसे 26 अक्टूबर 2021 को अधिसूचित किया गया था, एक 4 साल की दोहरी-समग्र स्नातक डिग्री है, जो बीए बीएड, बीएससी बीएड / और बीकॉम बीएड कोर्स ऑफर करती है। यह कोर्स नई शिक्षा नीति के अंतर्गत दिए गए नए स्कूल एजुकेशन सिस्टम के 4 चरणों यानी फाउंडेशनल, प्रिपरेटरी, मिडिल और सेकेंडरी (5+3+3+4) के लिए शिक्षकों को तैयार कर रहा है।
अगर उम्मीदवार ने चार साल का इंटीग्रेटेड टीचर एजूकेशन प्रोग्राम पूरा कर लिया है तो उसके लिए टीईटी, एसटीईटी या स्टेट लेवल के अन्य टेस्ट क्लियर करके टीचर बनने का रास्ता साफ हो जाएगा।
आईटीईपी बचाता है एक साल
आईटीईपी इंटीग्रेटेड कोर्स से छात्रों को एक वर्ष की बचत होती है। वे वर्तमान बीएड योजना के लिए आवश्यक 5 वर्षों (तीन साल की ग्रेजुएशन व दो साल का बीएड) के बजाय इस पाठ्यक्रम को 4 वर्षों में पूरा करेंगे। आईटीईपी 4 साल की ड्यूल डिग्री है जो बीए बीएड/ बीएससी बीएड और बीकॉम बीएड कोर्स ऑफर करती है।
2030 से आईटीईपी का होगा बोलबाला
एनईपी 2020 की सिफारिशों के तहत ही 2030 से स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए शिक्षकों की न्यूनतम योग्यता तय की गई है। नई शिक्षा नीति के प्रावधानों की मानें तो 2030 के बाद स्कूलों में वहीं शिक्षक भर्ती होंगे जिन्होंने नया वाला आईटीईपी चार वर्षीय बीएड कोर्स किया होगा। तीन साल पहले 2021 में शिक्षा मंत्रालय ने आईटीईपी को अधिसूचित करते समय कहा था कि 2030 से शिक्षकों की भर्ती केवल आईटीईपी के माध्यम से होगी।
हालांकि दो वर्षीय बीएड भी चलेगा लेकिन इसका प्रयोग उच्च शिक्षा के लिए होगा। दो साल का बीएड केवल एकेडमिक होगा। इसके बाद पोस्ट ग्रेजुएशन और पीएचडी कर सकेंगे।



