
BAMS , BHMS , BUMS : नीट यूजी काउंसलिंग 8वें राउंड के बाद भी 178 आयुष सीटें खाली
BAMS BHMS BUMS Vacant Seats: महाराष्ट्र में आयुष (AYUSH) कोर्सेज में दाखिले के लिए नीट यूजी काउंसलिंग के 8 राउंड पूरे होने के बावजूद बीएएमएस (BAMS), बीएचएमएस (BHMS) और बीयूएमएस (BUMS) कॉलेजों में अब भी 178 सीटें खाली हैं।
BAMS BHMS BUMS Vacant Seats: महाराष्ट्र में आयुष (AYUSH) कोर्सेज में दाखिले के लिए नीट यूजी काउंसलिंग के 8 राउंड पूरे होने के बावजूद बीएएमएस (BAMS), बीएचएमएस (BHMS) और बीयूएमएस (BUMS) कॉलेजों में अब भी 178 सीटें खाली हैं। कई चरणों की काउंसलिंग के बाद भी यह स्थिति बनी हुई है। काउंसलिंग करा रही सीईटी सेल के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा, 'महाराष्ट्र में कुल 210 आयुष कॉलेज हैं, जिनमें कुल 16,732 सीटें है। इनमें से काउंसलिंग प्रक्रिया से 14,392 सीटें आवंटित की गईं, और अब तक 14,286 छात्रों ने एडमिशन कन्फर्म किया है। एसवीआर -4 चरण और राउंड 8 के पूरा होने के बाद भी 178 सीटें रिक्त रह गई हैं।'
आधिकारिक आंकड़ों से साफ दिखता है सरकारी आयुर्वेद कॉलेज छात्रों की पहली पंसद बने हुए हैं। राज्य के 22 सरकारी बीएएमएस यानी आयुर्वेदिक कॉलेजों में कुल 1,847 सीटें उपलब्ध थीं। इनमें से 1,572 सीटें आवंटित हुईं और 1,570 छात्रों ने असल में प्रवेश लिया, जिससे केवल दो सीटें खाली रहीं। सीटों का करीब करीब पूर जाना दर्शाता है कि उच्च शैक्षणिक विश्वसनीयता की धारणा के कारण सरकारी आयुर्वेद संस्थानों की लोकप्रियता लगातार बनी हुई है।
इसके विपरीत 125 निजी BAMS कॉलेजों में 9,932 सीटें उपलब्ध थीं। इनमें से 8,598 सीटें आवंटित हुईं, लेकिन केवल 8,539 छात्रों ने दाखिला कंफर्म किया, जिससे 72 सीटें खाली रह गईं। राज्य में मौजूद एकमात्र सरकारी बीएचएमस होम्योपैथी (BHMS) कॉलेज में 63 सीटें हैं, जिनमें से 52 छात्रों ने प्रवेश लिया है और तीन सीटें खाली हैं। निजी क्षेत्र में स्थिति और अधिक स्पष्ट है। 54 निजी BHMS कॉलेजों में कुल 4,380 सीटें थीं, लेकिन केवल 3,690 छात्रों ने प्रवेश की पुष्टि की, जिससे 86 सीटें रिक्त रह गईं। अन्य आयुष पाठ्यक्रमों की तुलना में, बीएचएमएस में निजी संस्थानों में खाली सीटों का अनुपात अपेक्षाकृत अधिक है।
हालांकि महाराष्ट्र के तीन सरकारी यूनानी (BUMS) कॉलेजों में कुल 180 सीटों की संयुक्त क्षमता है, और यहां पूरा दाखिला हुआ है। 153 छात्रों ने प्रवेश लिया है और कोई भी सीट खाली नहीं है। वहीं, पांच निजी BUMS कॉलेजों में 330 सीटें उपलब्ध थीं। इनमें से 282 छात्रों ने प्रवेश की पुष्टि की, जिससे 15 सीटें खाली रह गईं।
कुल मिलाकर ये आंकड़े दर्शाते हैं कि सरकारी संस्थानों में आयुष शिक्षा की मांग लगातार बनी हुई है, जबकि निजी कॉलेजों को सभी उपलब्ध सीटें भरने में अब भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।





