कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में नौकरी का मौका; कई पदों पर निकली भर्ती, महिलाएं ऐसे करें आवेदन
बलरामपुर के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में पीजीटी, लैब असिस्टेंट और अन्य स्टाफ के 51 पदों पर भर्ती निकली है। इच्छुक महिला उम्मीदवार 18 मार्च 2026 तक आवेदन कर सकती हैं।

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में शिक्षा के क्षेत्र से जुड़कर समाज की बेटियों को सशक्त बनाने का एक बेहतरीन अवसर सामने आया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बलरामपुर ने जिले के विभिन्न कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों (KGBV) में शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक स्टाफ की भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। यह भर्ती विशेष रूप से महिला उम्मीदवारों के लिए है, जिसमें पीजीटी से लेकर रसोइया और चपरासी तक के कुल 51 पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं। इन पदों पर चयन के माध्यम से न केवल रोजगार के अवसर मिलेंगे, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बालिकाओं की शिक्षा को भी नई दिशा मिलेगी।
संविदा के आधार पर होगी नियुक्तियां और बढ़ेगा कार्यकाल
बलरामपुर जिले के रेहरा बाजार, उतरौला और श्रीदत्तगंज ब्लॉकों में स्थित कस्तूरबा विद्यालयों के लिए ये नियुक्तियां पूरी तरह से संविदा (Contract) के आधार पर की जाएंगी। विज्ञापन के अनुसार, शुरुआत में यह अनुबंध 11 माह 29 दिन के लिए होगा। हालांकि, उम्मीदवार के कार्य प्रदर्शन और विद्यालय की आवश्यकताओं को देखते हुए इस कार्यकाल को हर साल नवीनीकृत या आगे बढ़ाया जा सकता है। यह उन महिलाओं के लिए एक शानदार शुरुआत हो सकती है जो शिक्षण या विद्यालय प्रशासन में अपना अनुभव बढ़ाना चाहती हैं।
रिक्त पदों का विवरण और विषयों की जानकारी
इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 51 रिक्तियों को भरा जाना है, जिनमें सबसे बड़ी संख्या पीजीटी (PGT) शिक्षकों की है। पीजीटी के लिए कुल 21 पद निर्धारित किए गए हैं, जिनमें हिंदी, अंग्रेजी, गणित, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और कंप्यूटर विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों के लिए 3-3 सीटें आवंटित हैं। इसके अलावा, लैब असिस्टेंट के 9 पद, कार्यालय अधीक्षक/लिपिक के 3 पद और केयरटेकर के 3 पद खाली हैं। विद्यालय के सुचारू संचालन के लिए रसोइया के 9 पदों और चपरासी व चौकीदार के कुल 6 पदों पर भी आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
योग्यता और वेतनमान का विस्तृत मानक
विभिन्न पदों के लिए शैक्षणिक योग्यताएं अलग-अलग तय की गई हैं। पीजीटी पदों के लिए उम्मीदवार के पास संबंधित विषय में स्नातकोत्तर (Post Graduation) की डिग्री होनी चाहिए, जिसके लिए 22,000 रुपये प्रति माह मानदेय दिया जाएगा। केयरटेकर पद के लिए स्नातकोत्तर के साथ बीएड (B.Ed.) होना अनिवार्य है और इसके लिए सबसे अधिक 24,200 रुपये का वेतन निर्धारित है। लैब असिस्टेंट के लिए विज्ञान वर्ग से 12वीं या 10वीं के साथ लैबोरेटरी टेक्निशियन में डिप्लोमा जरूरी है, जिसके लिए 7,147 रुपये मानदेय मिलेगा।
लिपिक पद के लिए 12वीं पास होने के साथ कंप्यूटर सर्टिफिकेट और हिंदी-अंग्रेजी टाइपिंग में अच्छी गति होना अनिवार्य है, जिसका वेतन 12,430 रुपये है। वहीं, रसोइया, चपरासी और चौकीदार जैसे पदों के लिए न्यूनतम योग्यता केवल आठवीं पास रखी गई है। रसोइया को 6,433 रुपये और चपरासी/चौकीदार को 7,147 रुपये प्रति माह मानदेय के रूप में दिए जाएंगे। इन पदों के लिए आवेदन करने वाली महिला उम्मीदवारों की आयु 01 अप्रैल 2025 को न्यूनतम 25 वर्ष और अधिकतम 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए, जबकि आरक्षित वर्गों को नियमानुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी।
चयन प्रक्रिया मेरिट और साक्षात्कार पर आधारित
बलरामपुर के इन विद्यालयों में चयन की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शिता पर आधारित होगी। अधिकांश पदों के लिए चयन शैक्षणिक योग्यता में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की गई मेरिट सूची और उसके बाद होने वाले साक्षात्कार (Interview) के जरिए किया जाएगा। हालांकि, रसोइया, चपरासी और चौकीदार जैसे चतुर्थ श्रेणी के पदों के लिए चयन सीधे साक्षात्कार के आधार पर होगा। इस पूरी भर्ती प्रक्रिया की सबसे अच्छी बात यह है कि किसी भी वर्ग की महिला उम्मीदवार को कोई भी आवेदन शुल्क नहीं देना होगा, यानी आवेदन पूरी तरह से निशुल्क है।
आवेदन भेजने की विधि और महत्वपूर्ण तिथि
इच्छुक और योग्य महिला उम्मीदवारों को अपना आवेदन ऑफलाइन माध्यम से भेजना होगा। सबसे पहले अभ्यर्थी जिले की आधिकारिक वेबसाइट balrampur.nic.in से आवेदन पत्र का प्रारूप डाउनलोड करें और उसे सही-सही भरें। भरे हुए फॉर्म के साथ अपनी शैक्षणिक योग्यता, अनुभव, जाति प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की स्वप्रमाणित फोटोकॉपी संलग्न करें। इस पूरे आवेदन पैकेट को 'कार्यालय, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, बलरामपुर, यूपी' के पते पर केवल रजिस्टर्ड डाक या स्पीड पोस्ट के माध्यम से ही भेजें।
ध्यान रहे कि आवेदन पत्र स्वीकार होने की अंतिम तिथि 18 मार्च 2026 है। इसके बाद प्राप्त होने वाले आवेदनों या अन्य किसी माध्यम (जैसे ईमेल या साधारण डाक) से भेजे गए आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते अपना आवेदन भेज दें ताकि डाक विभाग की देरी से बचा जा सके।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
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हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
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हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
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- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


