मम्मी-पापा हैं डॉक्टर, बेटा NEET में बना मध्य प्रदेश का स्टेट टॉपर; 9वीं से शुरू कर दी थी तैयारी
जबलपुर के छात्र आर्यमन सोलंकी मध्य प्रदेश में स्टेट टॉपर बने हैं। उन्होंने देश में 46वीं रैंक प्राप्त की है। हालांकि आर्यमन सोलंकी ने इसके लिए खूब मेहनत की थी। वो जब कक्षा 9वीं में थे, तभी से नीट की तैयारी में जुट गए थे। चलिए इनके सक्सेस की स्टोरी जानते हैं।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने नीट यूजी रिजल्ट 2026 जारी कर दिया है। नीट यूजी 2026 में पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने टॉप किया है। दोनों के 720 में से 715 अंक रहे। इस बार कुल 11.21 लाख अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए। क्वालिफाई करने वालों में 58 फीसदी से अधिक महिलाएं हैं। साथ ही एजेंसी ने स्टेट वाइज टॉपर्स की लिस्ट भी जारी की है। जबलपुर के छात्र आर्यमन सोलंकी मध्य प्रदेश में स्टेट टॉपर बने हैं। उन्होंने देश में 46वीं रैंक प्राप्त की है। हालांकि आर्यमन सोलंकी ने इसके लिए खूब मेहनत की थी। वो जब कक्षा 9वीं में थे, तभी से नीट की तैयारी में जुट गए थे। चलिए इनके सक्सेस की स्टोरी जानते हैं।
मां-बाप हैं डॉक्टर
आर्यमन के माता-पिता दोनों ही डॉक्टर हैं। पिता फणींद्र सोलंकी एक यूरोलाजिस्ट हैं, जबकि मां अनुपमा सोलंकी एक गायनाक्लाजिस्ट हैं। इनकी बड़ी बहन तनिया ने भी इसी वर्ष मेडिकल यूजी की पढ़ाई जबलपुर से पूरी की है। मीडिया रिपोट्स के मुताबिक आर्यमन ने जब नीट यूजी की फाइनल आंसर की देखी, तो उन्हें लगा था कि रिजल्ट जल्द ही आएगा और जब कुछ देर में परिणाम जारी हुआ, तब पूरे परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। जब उन्हें पता चला कि वो स्टेट टॉपर हैं, तो खुशी दोगुनी हो गई। हालांकि उन्हें इस बात पर बिल्कुल यकीन नहीं हुआ कि वो स्टेट टॉपर रहेंगे। हां, ये जरूर था कि अच्छे नंबर पा सकते हैं।
कितने घंटे की पढ़ाई
आर्यमन ने बताया कि वे रोजाना 12 से 14 घंटे पढ़ाई करते थे। उनका कहना है कि एम्स में दाखिला मिलने की उम्मीद ही उन्हें बेहद उत्साहित करती है। उन्होंने कहा, "जब कड़ी मेहनत का फल मिलता है, तो उस खुशी को शब्दों में बयां करना आसान नहीं होता।" आर्यमन ने बताया कि उन्होंने कक्षा 9 से ही नीट की तैयारी गंभीरता और पूरी लगन के साथ शुरू कर दी थी।
सक्सेस मंत्र
आर्यमन ने बताया कि उन्होंने पढ़ाई को कभी बोझ या तनाव नहीं माना। उनका मानना है कि जब भी पढ़ाई की, पूरी एकाग्रता और समर्पण के साथ की, और जब खेलने का समय होता था तो उसका भी पूरा आनंद लिया। उनका कहना है कि पढ़ाई और आराम के बीच संतुलन बनाए रखना उनकी सफलता का अहम कारण रहा। आर्यमन के पिता फणींद्र सोलंकी ने बेटे की उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि उसने कक्षा 12वीं के दौरान जेईई परीक्षा भी दी थी और उसमें भी अच्छे अंक हासिल किए थे।
बिहार से आयुष भलोटिया रहे स्टेट टॉपर
वहीं,बिहार से आयुष भलोटिया ने टॉप किया। नवादा जिले के वारिसलीगंज इलाके के रहने वाले आयुष की ऑल इंडिया रैंक चार रही। वहीं बिहार के रिया रंजन छठे स्थान पर रहे। दानापुर के रविकांत दिवाकर ने 55वीं और आदित्य कुमार ने 73वीं रैंक हासिल की।
1-0-12 घंटे पढ़ाई
नीट यूजी में ऑल इंडिया रैंक 4 लाने वाले आयुष ने बताया कि वह प्रतिदिन पांच से सात घंटे सेल्फ स्टडी करते थे और छह घंटे की कोचिंग कक्षाएं लेते थे। उसने अपनी एकाग्रता बनाए रखने के लिए इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से दूरी बनाकर रखी, हालांकि वह पढ़ाई के लिए यूट्यूब और टेलीग्राम का उपयोग करते थे। छात्र ने अपनी इस शानदार उपलब्धि का श्रेय स्वयं की कड़ी मेहनत, अपने शिक्षकों और अपने माता-पिता के सहयोग को दिया है।


