कड़ी मेहनत का कोई विकल्प नहीं; तीसरे प्रयास में कामयाब UPSC 2025 रैंक 1 अनुज अग्निहोत्री ने बताया सफलता का राज
anuj agnihotri upsc 2025 topper rank 1: UPSC 2025 में देश में पहला स्थान हासिल करने वाले अनुज अग्निहोत्री ने सफलता का श्रेय माता पिता को दिया। तीसरे प्रयास में मिली इस उपलब्धि से पहले वे DANICS ट्रेनिंग में थे और AIIMS जोधपुर से MBBS कर चुके हैं।

anuj agnihotri upsc 2025 topper rank 1: संघ लोक सेवा आयोग में देश में पहला स्थान अर्जित करने वाले अनुज अग्निहोत्री का कहना है कि सफलता के लिए कड़ी मेहनत जरूरी है। और कड़ी मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। वह इस सफलता का श्रेय अपने माता पिता को देना चाहते हैं। उनके पिता एक कर्मचारी हैं और मां गृहिणी हैं।
अनुज ने बताया कि यह मेरा तीसरा प्रयास था। मैंने यूपीएससी परीक्षा पूर्व में उत्तीर्ण करके दानिक्स की ट्रेनिंग ले रहा था उस दौरान में दिल्ली में रहा हूं लेकिन मैं लगातार बेहतर करने के लिए प्रयासरत था। उन्होंने बताया कि पहले प्रयास में मैं रिजर्व लिस्ट में 56वें रैंक पर था। उन्होंने बताया कि मेरी प्रारंभिक शिक्षा कोटा के निकट रावतभाटा स्थित से ही हुई उसके बाद 12वीं मैंने कोटा से किया है। उसके बाद मैं राजस्थान के जोधपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एआईआईएमएस) से एमबीबीएस (बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी) की उपाधि प्राप्त की है। उसके बाद मैं सिवल सर्विस की तैयारी कर रहा था। मुझे उम्मीद नहीं थी कि मैं पहले स्थान पर आ जाऊंगा। मैं इस उपलब्धि से बेहद खुश हूं। यह एक अविश्वसनीय एहसास है।
माता पिता को बताया प्रेरणास्रोत
उन्होंने बताया कि मेरे माता पिता ने मुझसे अधिक मेहनत की है। वह मेरे प्रेरणास्रोत हैं। मेरे परिवार ने मुझे और मेरे प्रयासों को हमेशा प्राथमिकता दी और यह सुनिश्चित किया कि मैं परीक्षा पर ध्यान केंद्रित करूं। मैं यह उपलब्धि अपने परिवार को समर्पित करता हूं।
असफलता से न होना चाहिए निराश: अनुज अग्निहोत्री
वह बताते हैं कि जो लोग सिविल सर्विस की तैयारी कर रहे हैं वह असफलता से निराश न हों बल्कि अपने लक्ष्य की तरफ और फोकस हो जाएं क्योंकि लक्ष्य तय करने के लिए सही दिशा में कड़ी मेहनत से ही लक्ष्य प्राप्त हो सकता है।
इस सफलता के बाद वह समाज में अपना किस तरह से योगदान देंगे इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मैं समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझता हूं और मुझे जो भी दायित्य दिया जाएगा उसका मैं सफलता पूर्वक निर्वहन करूंगा। मैं ह्यूमन डेलवेपमेंट में बेहतर करना चाहता हूं। शिक्षा पर स्वास्थ्य की दिशा में काम करना चाहता हूं। यह मेरे काफी संतोषजनक होगा।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


