IIT में एडमिशन नहीं, माइक्रोसॉफ्ट ने किया रिजेक्ट; फिर लंदन में मिला 1.7 करोड़ का पैकेज

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

सोशल मीडिया पर हर रोज कई कहानियां वायरल होती हैं, जो लोगों के लिए प्रेरणा बनती हैं। ये कहानियां किसी फिल्म से कम नहीं होती हैं। ऐसी ही एक कहानी अमित दत्ता की है। कम चर्चित कॉलेज से निकलकर दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों तक पहुंचने का उनका सफर इस वक्त सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

Amit dutta success story failed to crack iit and microsoft rejection then landed google and meta london job

सोशल मीडिया पर हर रोज कई कहानियां वायरल होती हैं, जो लोगों के लिए प्रेरणा बनती हैं। ये कहानियां किसी फिल्म से कम नहीं होती हैं। ऐसी ही एक कहानी अमित दत्ता की है। कम चर्चित कॉलेज से निकलकर दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों तक पहुंचने का उनका सफर इस वक्त सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। कहानी बताती है कि IIT जैसी प्रतियोगी परीक्षा में फेल होना किसी व्यक्ति का भविष्य तय नहीं करता। IIT में एडमिशन नहीं मिलने से लेकर Meta में एक हाई-पेइंग जॉब मिलने तक का उनका सफर काफी दिलचस्प रहा है।

अमित दत्ता की कहानी

दरअसल, भारत में IIT में दाखिला मिलना अक्सर जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जाता है। लेकिन अमित दत्ता की वायरल कहानी इस सोच को बदल रही है और दिखा रही है कि सफलता केवल एक परीक्षा या एक मौके तक सीमित नहीं होती। अकेडमिक फेलियर होने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी। अपनी स्किल्स को बेहतर बनाने, लगातार मेहनत करने और धैर्य बनाए रखने के दम पर उन्होंने ऐसी सफलता हासिल की, जिसने उन्हें लंदन में एक शानदार करियर तक पहुंचा दिया। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के जरिए अपने सफर की कहानी को बयां किया है।

साल 2018 कैसा रहा

साल 2018 में अमित दत्ता IIT की बेहद प्रतिस्पर्धी प्रवेश परीक्षा पास नहीं कर सके। हर साल हजारों छात्रों की तरह उन्हें भी IIT में दाखिला न मिलने की निराशा का सामना करना पड़ा। जहां उनके कई सहपाठी IIT में चयन होने का जश्न मना रहे थे, वहीं अमित को एक कम चर्चित कॉलेज में पढ़ाई करनी पड़ी। उन्होंने उस दौर को याद करते हुए लिखा कि 2018 में मैं IIT में प्रवेश पाने में सफल नहीं हो सका। साथ में पढ़ने वाले से भी दोस्त सोशल मीडिया पर IIT में चयन की खबरें साझा कर रहे थे, जबकि मैं ऐसे कॉलेज में पढ़ रहा था, जिसका नाम भी ज्यादातर लोगों ने नहीं सुना था।"

असफलता को बनाया प्रेरणा, अपनाया अलग रास्ता

IIT में दाखिला न मिलने की निराशा को अपने भविष्य पर हावी होने देने के बजाय अमित दत्ता ने अपने टेक्निकल स्किल्स को मजबूत बनाने पर ध्यान दिया। उन्होंने लगातार सीखने और अभ्यास के जरिए खुद को एक बेहतर इंजीनियर बनाने का फैसला किया। यही सकारात्मक सोच और लगातार मेहनत आगे चलकर उनकी सफलता की सबसे बड़ी वजह बनी।

Microsoft इंटर्नशिप में रिजेक्शन, लेकिन नहीं मानी हार

साल 2021 में अमित दत्ता ने Microsoft में इंटर्नशिप के लिए आवेदन किया। इसके लिए उन्होंने कई हफ्तों तक मेहनत से तैयारी की और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश की। लेकिन इतनी मेहनत के बावजूद उन्हें इंटर्नशिप का ऑफर नहीं मिला। हालांकि यह उनके लिए एक बड़ा झटका था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और खुद को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार काम करते रहे।

Google में नौकरी मिली, लेकिन मेहनत नहीं रोकी

अमित दत्ता की लगातार मेहनत का फल उन्हें साल 2022 में मिला, जब उन्हें Google में फुल-टाइम नौकरी मिल गई। अधिकांश इंजीनियरों के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि होती है और इसके बाद वे थोड़ा आराम करने लगते हैं। लेकिन अमित ने ऐसा नहीं किया। Google में नौकरी मिलने के बाद भी उन्होंने खुद को बेहतर बनाने और नई चीजें सीखने पर पूरा ध्यान बनाए रखा।

मेटा लंदन से मिला ऑफर

Google में अनुभव हासिल करने और इंटरनेशनल लेवल पर काम करने के बाद अमित दत्ता को Meta के लंदन ऑफिस में नौकरी का अवसर मिला। इस पद के लिए उन्हें छह राउंड के इंटरव्यू से गुजरना पड़ा, जिसके बाद उनका चयन हुआ और वे यूके (ब्रिटेन) शिफ्ट हो गए।

1.7 करोड़ का पैकेज

अमित ने कहा, "मैं 1.7 करोड़ रुपये के पैकेज के साथ लंदन पहुंचा। 2018 में जिस टियर-2 कॉलेज में पढ़ रहा था, उसका नाम भी ज्यादातर लोग नहीं जानते थे। उस समय मैंने ऐसी जिंदगी की कल्पना भी नहीं की थी, जो आज मैं जी रहा हूं।"

छात्रों के लिए प्रेरणा बनी कहानी

अमित दत्ता की यह कहानी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है, खासकर उन छात्रों के बीच जो प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव का सामना कर रहे हैं। उनकी जर्नी यह बताती है कि IIT या किसी अन्य प्रतिष्ठित संस्थान में दाखिला न मिलना जीवन का अंत नहीं है। अगर व्यक्ति लगातार मेहनत करे, अपनी स्किल्स को बेहतर बनाए और खुद पर भरोसा रखे, तो सफलता के कई नए रास्ते खुल सकते हैं।

Dheeraj Pal

लेखक के बारे में

Dheeraj Pal

संक्षिप्त विवरण: धीरज पाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए इन्हें 4 साल हो गए हैं। धीरज एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने राजनीति समाचार, एजुकेशन बीट के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। हिंदुस्तान लाइव में यूपी बोर्ड से लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव कवर करने साथ-साथ खेल जैसे बीट पर काम किया। अब इनका एकमात्र उद्देश्य करियर और एजुकेशन से जुड़ी रुचिगत, सरल, प्रमाणिक और पाठक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

और पढ़ें
Hindi News के साथ करियर सेक्शन में पढ़ें लेटेस्ट एजुकेशन न्यूज़, सरकारी जॉब , एग्जाम , एडमिशन से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें। हर अपडेट सबसे पहले पाने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।
Hindi Newsकरियर न्यूज़IIT में एडमिशन नहीं, माइक्रोसॉफ्ट ने किया रिजेक्ट; फिर मिला 1.7 करोड़ का पैकेज