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Allahabad University: इलाहाबाद यूनिवर्सिटी का बड़ा फैसला, प्रोबेशन पीरियड में भी पीएचडी गाइड बन सकेंगे शिक्षक

Allahabad University: इलाहाबाद यूनिवर्सिटी का बड़ा फैसला, प्रोबेशन पीरियड में भी पीएचडी गाइड बन सकेंगे शिक्षक

संक्षेप:

Allahabad University: इलाहाबाद यूनिवर्सिटी (AU) प्रशासन ने अकादमिक जगत और रिसर्चर के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब प्रोबेशन अवधि (परिवीक्षा काल) में कार्यरत शिक्षक भी छात्रों को पीएचडी करा सकेंगे।

Jan 04, 2026 08:53 am ISTPrachi लाइव हिन्दुस्तान
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Allahabad University: इलाहाबाद यूनिवर्सिटी (AU) प्रशासन ने अकादमिक जगत और रिसर्चर के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। यूनिवर्सिटी के नए फैसले के अनुसार, अब प्रोबेशन अवधि (परिवीक्षा काल) में कार्यरत शिक्षक भी छात्रों को पीएचडी करा सकेंगे। इस ऐतिहासिक कदम से न केवल नवनियुक्त शिक्षकों को लाभ होगा, बल्कि विश्वविद्यालय में रिसर्च की गुणवत्ता और सीटों की संख्या में भी वृद्धि होगी।

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किन्हें मिलेगा इस फैसले का लाभ?

यूनिवर्सिटी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस निर्णय का प्राथमिक लाभ उन नवनियुक्त शिक्षकों को मिलेगा, जिनके लिए पीएचडी की सीटें पहले से ही निर्धारित और विज्ञापित की जा चुकी हैं।

स्वीकृत सीटें: रिसर्चरों का आवंटन केवल उन्हीं सीटों पर किया जाएगा जो पहले से तय और स्वीकृत हैं।

नए सत्र की योजना: वे शिक्षक जिनकी नियुक्ति सीट निर्धारण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद हुई है, वे फिलहाल इस दायरे में नहीं हैं, लेकिन आगामी नए सत्र से वे भी प्रोबेशन पीरियड के दौरान ही रिसर्चरों को गाइड कर सकेंगे।

अकादमिक माहौल होगा मजबूत

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में शिक्षकों की नियुक्ति के बाद एक वर्ष की प्रोबेशन अवधि होती है। पहले इस अवधि के दौरान शिक्षकों को रिसर्च गाइड बनने की अनुमति नहीं थी। विवि प्रशासन का मानना है कि इस प्रतिबंध को हटाने से शोध गतिविधियों को नई गति मिलेगी। इससे शिक्षकों को अपने करियर के शुरुआती दौर में ही शैक्षणिक उन्नयन और रिसर्च कार्य को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।

छात्रों को होगा सीधा फायदा

इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ पीएचडी के इच्छुक विद्यार्थियों को मिलेगा। नई नियुक्तियों के बाद कई योग्य शिक्षक उपलब्ध हैं, लेकिन तकनीकी कारणों से वे छात्रों का मार्गदर्शन नहीं कर पा रहे थे। अब सीटों के आवंटन में आसानी होगी और रिसर्चरों को आधुनिक विषयों पर रिसर्च करने के लिए नए शिक्षकों का मार्गदर्शन मिल सकेगा।

यूनिवर्सिटी एवं संबद्ध कॉलेजों में इस निर्णय को एक दूरदर्शी कदम माना जा रहा है। इससे इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की राष्ट्रीय रैंकिंग में भी सुधार होने की उम्मीद है, क्योंकि रिसर्च पब्लिकेशन और पीएचडी आउटपुट किसी भी उच्च शिक्षण संस्थान की साख के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।

Prachi

लेखक के बारे में

Prachi
प्राची लाइव हिन्दुस्तान में ट्रेनी कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। यहां वे करियर से जुड़ी खबरें लिखती हैं। प्राची दिल्ली की रहने वाली हैं और उन्होंने भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC) से इंग्लिश जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा किया है। उन्होंने अपना करियर नन्ही खबर से शुरू किया था। इसके बाद उन्होंने सी.वाई. फ्यूचर लिमिटेड और कुटुंब में कंटेंट लेखक के रूप में काम किया। वे 2024 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ी। प्राची को उपन्यास पढ़ना और फिल्में देखना बहुत पसंद है। और पढ़ें
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