AU Admission 2026: BA-BSc में एडमिशन के लिए 16 जुलाई तक करें रजिस्ट्रेशन, सब्जेक्ट चुनते हुए ना करें ये गलतियां
विश्वविद्यालय ने अभ्यर्थियों को विषय संयोजन (सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन) चुनने को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। बीए पाठ्यक्रम में कुल 83 विषय संयोजन हैं।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में स्नातक प्रवेश प्रक्रिया के तहत बीए, बीएससी (गणित) और बीएससी (जीव विज्ञान) में प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीकरण जारी है। विश्वविद्यालय ने अभ्यर्थियों को विषय संयोजन (सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन) चुनने को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। बीए पाठ्यक्रम में कुल 83 विषय संयोजन हैं।
40 विषय संयोजन चुनना अनिवार्य
इनमें से अभ्यर्थियों को पंजीकरण के समय कम से कम 40 विषय संयोजन चुनना अनिवार्य है। इसी तरह बीएससी (गणित) में 14 विषय संयोजन उपलब्ध हैं। वहीं, बीएससी (जीव विज्ञान) में 12 विषय संयोजन हैं। अभ्यर्थियों को दोनों विषयों के लिए सभी संयोजनों का चयन करना होगा।
कैसे होगा अभ्यर्थियों को लाभ
जानकारों की मानें, तो इस व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ यह है कि अभ्यर्थियों के प्रवेश की संभावना बढ़ जाती है। यदि किसी एक विषय संयोजन में सीटें भर जाती हैं तो छात्र को उसके द्वारा चुने गए दूसरे या तीसरे पसंदीदा संयोजन में प्रवेश मिलने का अवसर मिल सकता है। इससे सीटें खाली रहने की संभावना भी कम होती है और प्रवेश प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं तेज हो जाती है। ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि 16 जुलाई निर्धारित की गई है।
पहला और दूसरा विषय होगा मेजर
पंजीकरण के दौरान जो दो पहले विषय चुने जाएंगे वह मेजर होंगे। उदाहरण के लिए बीए में प्रथम कांबिनेशन में प्राचीन इतिहास और अर्थशास्त्र मेजर और हिंदी माइनर होगा। दूसरे कांबिनेशन में प्राचीन इतिहास और शिक्षाशास्त्र मेजर और राजनीति विज्ञान माइनर होगा। इसी प्रकार बीएससी गणित में पहला कांबिनेशन गणित, भौतिक मेजर और रसायन माइन होगा। दूसरा कांबिनेशन गणित और भौतिक मेजर और कम्प्यूटर साइंस माइनर विषय के रूप में होगा।
पेपरलेस होगा पीजी में एडमिशन
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से परास्नातक (पीजी) पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और केंद्रीकृत और पेपरलेस होगी। इसके तहत एक ही पोर्टल के माध्यम से पूरी प्रवेश प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी। इससे विद्यार्थियों को अलग-अलग विभागों में जाकर औपचारिकताएं पूरी करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
नई प्रवेश प्रक्रिया
इस नई व्यवस्था के तहत प्रवेश परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों को विश्वविद्यालय के निर्धारित पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा। छात्र अपने सभी आवश्यक दस्तावेज, प्रमाण पत्र और अन्य जानकारी अपलोड करेंगे। इसके बाद पोर्टल के माध्यम से संबंधित विभागों को विद्यार्थियों के दस्तावेज स्वतः उपलब्ध हो जाएंगे। इससे दस्तावेजों के सत्यापन और प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता और तेजी आएगी।
रिजल्ट और काउंसिलिंग
इविवि ने पीजीएटी-2 के तहत 27 विषयों का रिजल्ट जारी कर दिया है। पीजीएटी वन के विषयों का रिजल्ट सोमवार को जारी होने की उम्मीद है। प्रवेश प्रकोष्ठ से जुड़े अधिकारियों की मानें तो जुलाई के पहले सप्ताह से विभिन्न परास्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए काउंसिलिंग शुरू होने की संभावना है। विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द ही काउंसिलिंग कार्यक्रम, सीट आवंटन और पंजीकरण से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा।
लेखक के बारे में
Dheeraj Palसंक्षिप्त विवरण:
धीरज पाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए इन्हें 4 साल हो गए हैं। धीरज एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने राजनीति समाचार, एजुकेशन बीट के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। हिंदुस्तान लाइव में यूपी बोर्ड से लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव कवर करने साथ-साथ खेल जैसे बीट पर काम किया। अब इनका एकमात्र उद्देश्य करियर और एजुकेशन से जुड़ी रुचिगत, सरल, प्रमाणिक और पाठक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करना है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।


