
CLAT UG 2026: क्लैट यूजी 2026 की मेरिट लिस्ट दोबारा होगी तैयार, इलाहाबाद हाईकोर्ट का सख्त आदेश
CLAT UG 2026 Revised Merit List: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए क्लैट की मौजूदा मेरिट लिस्ट को संशोधित करने का आदेश दिया है। अदालत के इस फैसले से हजारों छात्रों की रैंकिंग और काउंसलिंग प्रक्रिया पर सीधा असर पड़ना तय है।
CLAT UG 2026 Revised Merit List: नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज (NLUs) में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT UG 2026) को लेकर एक बड़ा कानूनी मोड़ सामने आया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए क्लैट की मौजूदा मेरिट लिस्ट को संशोधित करने का आदेश दिया है। अदालत के इस फैसले से हजारों छात्रों की रैंकिंग और काउंसलिंग प्रक्रिया पर सीधा असर पड़ना तय है।
विवाद की जड़: एक गलत उत्तर
यह पूरा मामला क्लैट-2026 की ‘आंसर-की’ में एक विशेष प्रश्न के गलत उत्तर से जुड़ा है। न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार की खंडपीठ ने सार्थक अग्रवाल और अन्य छात्रों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए पाया कि 'कंसोर्टियम ऑफ नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज' द्वारा जारी फाइनल आंसर-की में एक प्रश्न का विकल्प तकनीकी रूप से गलत था।
अदालत ने विशेषज्ञों की राय और साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए निर्देश दिया कि उस विशेष प्रश्न के सही उत्तर के आधार पर सभी उम्मीदवारों के अंकों की पुनर्गणना की जाए।
मेरिट लिस्ट पर प्रभाव
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि क्लैट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में एक-एक अंक से रैंक में सैकड़ों का अंतर आ जाता है, इसलिए गलत उत्तर के साथ काउंसलिंग प्रक्रिया जारी रखना मेधावी छात्रों के साथ अन्याय होगा।
संशोधित रैंकिंग: अब कंसोर्टियम को पूरे देश की मेरिट लिस्ट फिर से बनानी होगी।
काउंसलिंग पर असर: जिन छात्रों को पहले से सीटें आवंटित हो चुकी हैं, उनकी स्थिति में भी बदलाव की संभावना है।
कंसोर्टियम को निर्देश
अदालत ने नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज के कंसोर्टियम को आदेश दिया है कि वह अविलंब संशोधित परिणाम घोषित करे और पारदर्शी तरीके से नई मेरिट लिस्ट सार्वजनिक करे। याचिकाकर्ताओं ने दलील दी थी कि उन्होंने सही उत्तर दिया था, लेकिन गलत आंसर-की की वजह से उन्हें मिलने वाले अंकों का नुकसान हुआ, जिससे वे अपनी पसंद के कॉलेज से वंचित हो रहे थे।
यह फैसला उन छात्रों के लिए एक बड़ी जीत माना जा रहा है जो लंबे समय से आंसर-की में सुधार की मांग कर रहे थे। अब सबकी निगाहें कंसोर्टियम द्वारा जारी होने वाली नई लिस्ट पर टिकी हैं।

लेखक के बारे में
Prachiदिल्ली की रहने वाली प्राची लाइव हिन्दुस्तान में ट्रेनी कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले 1.5 वर्षों से वे करियर और शिक्षा क्षेत्र की बारीकियों को कवर कर रही हैं। प्राची ने प्रतिष्ठित भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC) से इंग्लिश जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा और दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिस्ट्री ऑनर्स में ग्रेजुएशन किया है। लाइव हिन्दुस्तान से 2024 में जुड़ने से पहले, उन्होंने 'नन्ही खबर', 'सी.वाई. फ्यूचर लिमिटेड' और 'कुटुंब' जैसे संस्थानों में कंटेंट लेखक के रूप में अपनी लेखनी को निखारा है। इतिहास की समझ और पत्रकारिता के जुनून के साथ, प्राची को खाली समय में उपन्यास पढ़ना और विश्व सिनेमा देखना पसंद है।
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