
AKTU : बीफार्मा और डीफार्मा दाखिले का नया काउंसलिंग शेड्यूल जारी, यूपी के 400 से ज्यादा फार्मेसी कॉलेजों में होगा एडमिशन
UP AKTU Pharmacy College BPharma DPharma Admission Counselling dates : एकेटीयू में शैक्षिक सत्र 2025-26 के तहत बीफार्मा और डीफार्मा पाठ्यक्रम की काउंसलिंग प्रक्रिया का आयोजन चार चरणों में किया जाएगा। इसमें एक स्पेशल चरण भी शामिल हैं।
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय से संबद्ध 400 से ज्यादा फार्मेसी कॉलेजों के बीफार्मा और डीफार्मा पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए मंगलवार को संशोधित शेड्यूल जारी कर दिया गया है, जिसे अभ्यर्थी एकेटीयू की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर उत्तर प्रदेश तकनीकी प्रवेश काउंसलिंग (यूपीटीएसी) 2025 के लिंक पर क्लिक कर देख सकते हैं। एकेटीयू में शैक्षिक सत्र 2025-26 के तहत बीफार्मा और डीफार्मा पाठ्यक्रम की काउंसलिंग प्रक्रिया का आयोजन चार चरणों में किया जाएगा। इसमें एक स्पेशल चरण भी शामिल हैं। शुरूआती तीन चरणों की काउंसलिंग सीयूईटी यूजी की मेरिट के आधार पर होगी, जबकि अगले चरण में इंटरनल स्लाइडिंग का विकल्प मिलेगा। जिसमें सीयूईटी यूजी और पात्रता परीक्षा पास अभ्यर्थियों को पंजीकरण और काउंसलिंग का मौका दिया जाएगा।

कुलपति प्रो. जेपी पांडेय के मुताबिक पहले चरण की ऑनलाइन चॉइस फिलिंग व सीट लॉक करने की प्रक्रिया 15 से 16 अक्तूबर तक चलेगी। प्राविधिक विवि के अनुसार पहले चरण में सीट कंफर्मेशन शुल्क 17 से 20 अक्तूबर तक जमा करना होगा। ऑनलाइन फ्रीज या फ्लोट का विकल्प भी 17 से 20 अक्तूबर तक देना होगा। दूसरे चरण में चॉइस फिलिंग 21 से 23 अक्तूबर और सीट अलॉटमेंट 24 को होगा। अभ्यर्थी ऑनलाइन फ्रीज या फ्लोट का विकल्प 24 से 26 अक्तूबर तक देंगे। सीट कंफर्मेशन शुल्क व ऑनलाइन सीट विड्रा भी 24 से 26 अक्तूबर तक होगी। कुलपति ने बताया कि तीसरे चरण की चॉइस फिलिंग 27 व 28 और सीट अलॉटमेंट 29 अक्तूबर को होगा। सीट कंफर्मेशन शुल्क 29 से 30 तक देना होगा। ऑनलाइन सीट विड्रा 29 से 30 अक्तूबर तक होगी। अगले चरण में अभ्यर्थियों को रिक्त रह गई सीटों पर इंटरनल स्लाइडिंग का विकल्प मिलेगा। यह मौका उन्ही अभ्यर्थियों के पास होगा जिन्होंने फिजिकल रिपोर्टिंग कर रखी हो।
रिक्त सीटों के लिए स्पेशल राउंड
कुलपति प्रो. पांडेय ने बताया कि बीफार्मा, डीफार्मा काउंसलिंग के तीन चरणों बाद रिक्त सीटों के लिए एक राउंड की स्पेशल काउंसलिंग होगी। स्पेशल राउंड काउंसलिंग के लिए चार से छह नवंबर तक च्वाइस फिलिंग और सात नवंबर को सीट अलॉटमेंट होगा।
चॉइस फिलिंग क्या होती है?
किसी भी कोर्स में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी पहले अपना पंजीकरण कराते हैं। पंजीकरण के बाद वह उपलब्ध कॉलेजों में सीटों के आधार पर अपना विकल्प भरते हैं। इसे चॉइस फिलिंग (पसंद की सीट चुनना) कहा जाता है। चॉइस भरने के बाद विवि अभ्यर्थियों की मेरिट व सीटों की उपलब्धता के आधार पर सीट अलॉटमेंट करता है। इसके बाद वह पसंद का कॉलेज व सीट मिलने पर शुल्क जमा करते हैं। पसंद की सीट व कॉलेज न मिलने पर छात्र अगले चरण की काउंसलिंग में शामिल हो सकते हैं।



